Saturday, August 20, 2016

REMOVE YOUR BACK PAIN


आयुर्वेद में कुछ ऐसी औषधियों के विषय में बताया गया है, जिनका प्रयोग कर पीठ दर्द से निजात पाई जा सकती हैं।

कमर दर्द होने पर दशमूल काढ़ा सुबह शाम पानी से पीना चाहिए। कमर दर्द का मूल कारण कब्ज माना गया है, इसलिए कब्ज होने पर अरण्डी तेल रात में 15 एमएम लेना चाहिए।

रात में गेहूँ के दाने को पानी में भिगोकर सुबह इन्हें खसखस और धनिये के दाने के साथ दूध में डालकर चटनी बनाकर सप्ताह में दो बार खाने से न सिर्फ कमर दर्द जाता है बल्कि शरीर में ताकत भी बढ़ती है।

आयुर्वेदिक महाविषगर्भ तेल और महानारयण तेल दोनों मिलाकर कमर की मालिश करने से कमर दर्द में आराम मिलता है।


दर्द कम करने के लिए अनेक आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध है जिनमें विभिन्न प्रकार के गुग्गलु, बासवेलिया सेरेटा, अश्वधगंध चूर्ण, शुद्ध शिलाजीत, बलारिष्ट इत्यादि के साथ ही ग्लूगकोसामीन हाईड्रोक्लोराइड तथा बासवेलिया सेरोसा पीठ दर्द के निवारण में लाभप्रद है

पीठ दर्द मिटाने के लिए फिजियोथेरेपिस्ट से हल्के हाथों से मालिश करवानी चाहिए। इससे कशेरुकाएं अपनी सही जगह बैठ जाती हैं और दर्द से निजात मिलने में आसानी होती है।

पीठ दर्द से बचने के लिए जरूरी है कि कभी भी झुक कर भार न उठाएं, जब भी कुर्सी पर बैठे या चौकड़ी मारकर बैठे तो आगे की तरफ़ झुक न बैठें, घंटों तक बैठना हो तो बीच-बीच में मूव करते रहें।

25 प्रतिशत कीबोर्ड ऑपरेटरों को कंप्यूटर पर काम करने से सर्वाइको ब्रैकियल सिंड्रोम हो जाता है। उनकी बांह, कंधे, पीठ और गर्दन की पेशियां और तंतु तनावमय रहते हैं इस परेशानी से बचने के लिए जरूरी है कि शरीर को नियमित व्यायाम से चुस्त-दुरुस्त रखें।

आमतौर पर पीठ दर्द आयु से संबंधी रोग है। आयु अधिक होने पर अन्य अस्थियों के साथ कशेरूक भी दुर्बल हो जाते हैं और उनमें कैल्शियम की कमी हो जाती है।


सही व्यायाम और आयुर्वेदिक औषधियों के सेवन के साथ-साथ सामान्य सावधानियां बरतते हुए पीठ दर्द से निजात पाई जा सकती हे

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