Friday, June 6, 2014

REMEDY FOR THE EPISTAXIS (NAKSEER FOOTNA)



नकसीर (Epistaxis)-
नाक में से खून बहने के रोग को नकसीर कहते हैं| नकसीर के रोग में अचानक पहले सिर में दर्द होता है और चक्कर आने लगते हैं,इसके बाद नाक से खून आने लगता है | यह रोग सर्दी की अपेक्षा गर्मी में अधिक होता है | नकसीर रोग ज़्यादा समय तक धूप में रहने से हो जाता है | कुछ लोग गर्म पदार्थों का सेवन अधिक करते हैं जिसकी वजह से भी नाक से खून निकल सकता है |
नकसीर का उपचार विभिन्न औषधियों द्वारा किया जा सकता है -

१- तुलसी के पत्तों का रस ३-४ बूँद दिन में २-३ बार नाक में डालने से नकसीर में लाभ मिलता है |
२- आधे कप अनार के रस में दो चम्मच मिश्री मिलाकर प्रतिदिन दोपहर के समय पीने से गर्मी के मौसम में नकसीर ठीक हो जाती है | |
३- प्रतिदिन केले के साथ मीठा दूध पीने से नकसीर में लाभ होता है | यह प्रयोग लगातार दस दिन तक अवश्य करना चाहिए |
४- बेल के पत्तों का रस पानी में मिलाकर पीने से नकसीर में लाभ मिलता है |
५- लगभग १५-२० ग्राम गुलकंद को प्रतिदिन सुबह-शाम दूध के साथ खाने से नकसीर का पुराने से पुराना रोग भी ठीक हो जाता है |
६- अगर ज़्यादा तेज़ धूप में घूमने की वजह से नाक से खून बह रहा हो तो सिर पर लगातार ठंडा पानी डालने से नाक का खून बहना बंद हो जाता है |
७- गर्मियों के मौसम में सेब के मुरब्बे में इलायची (कुटी हुई) डालकर खाने में नकसीर में बहुत लाभ होता है |
सावधानियां - नकसीर रोग में रोगी को भोजन में गर्म तासीर वाले पदार्थ तथा मिर्च मसालों का सेवन नहीं करना चाहिए तथा रोगी को धूप में घूमने और आग के पास बैठने से भी बचना चाहिए |

Tuesday, June 3, 2014

BENEFITS OF KARELA (BITTER MELON OR BITTER GUARD OR BITTER SQUASH OR Momordica charantia)



गुणों का खान करेला
1- करेले के ताजे फलों अथवा पत्तों को कूटकर रस निकालकर गुनगुना करके 1-2 बूंद कान में डालने से कान-दर्द लाभ होता है।
2- करेले के रस में सुहागा की खील मिलाकर लगाने से मुंह के छाले मिटते हैं।
3-सूखे करेले को सिरके में पीसकर गर्म करके लेप करने से गले की सूजन मिटती है ।
4- 10-12 मिली करेले का रस पिलाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। कीड़े केवल बच्चों को ही नहीं होते बड़ो को भी होते हैं।
5- सुखे करेले का पाऊडर लेना डायबिटिज वालों को फायदा करता है। इसे 3-6 ग्राम की मात्रा में पानी और शहद के साथ लेना चाहिए।
6- 10-15 मिली करेले का रस में राई और नमक बुरक कर पिलाने से गठिया में लाभ होता है।
7- करेले के रस को दाद पर लगाने से लाभ होता है।
8- इसे पैरों के तलवों पर लेप करने से पैरो की जलन दूर होती है।
9- करेले के 10-15 मिली रस में जीरे का चूर्ण मिलाकर दिन में तीन बार पिलाने से शीत-ज्वर में लाभ होता है।
10- करेले को पीस कर चेहरे पर लगाने से पींपल ठीक हो जाते हैं।