Monday, October 20, 2014

SAVE YOUR HEART

हृदय रोग के उपचार



हृदय रोग से ज्यादातर वे लोग पीड़ित होते हैं जो दिनभर गद्दी पर बैठे रहते हैं और हर समय अनाप-शनाप खाते-पीते हैं| इस रोग के शुरू में साधारण दर्द होता है| फिर धीरे-धीरे रोग बढ़ जाता है जो सम्पूर्ण हृदय को जकड़ लेता है| यह रोग होने पर बड़ी बेचैनी रहती है| अचानक हृदय में पीड़ा उठती है और फिर सारा शरीर जकड़ जाता है| रोगी की सांस रुक-रुककर बड़ी तेजी से चलने लगती है| बेचैनी के साथ-साथ हाथ-पैरों में शिथिलता शुरू हो जाती है| यदि तुरन्त इस दौरे की चिकित्सा नहीं की जाती तो रोगी की मृतु तक हो सकती है|
कारण

बहुत ज्यादा गरम, गरिष्ठ, खट्टे, कड़वे एवं कसैले पदार्थों का निरंतर सेवन करने, अधिक मेहनत करने या बिलकुल शारीरिक श्रम न करने, मर्म स्थान में अचानक गहरी चोट लगने, अधिक तथा बार-बार भोजन करने, मेदे से निकलने वाले वेगों एवं मल-मूत्र को रोकने, अत्यधिक चिन्ता, भय, शोक, घबराहट, वायु के दूषित रोगों आदि के कारण हृदय रोग पैदा हो जाता है|
पहचान

हृदय का रोग होने पर दिल में दर्द रहने लगता है| दर्द शुरू होने पर लगता है, जैसे कोई भारी चीज से दिल में चोट कर रहा हो| ऐसे में प्यास अधिक लगती है| माथे पर पसीना आ जाता है| मुख सूख जाता है और कंठ से धुआं-सा निकलता है| हृदय में भारीपन मालूम पड़ता है| सांस तेजी से चलने लगती है| कई बार रोगी की सारी इन्द्रियां ज्ञानशून्य हो जाती हैं| चक्कर आने के बाद रोगी बेहोश हो जाता है| अत्यधिक बेचैनी तथा घबराहट बढ़ जाती है| जी मिचलाता है और कभी-कभी उलटी भी हो जाती है| हाथ-पैर ठंडे पड़ जाते हैं, नब्ज धीरे-धीरे चलती है और रोगी को अपनी मृत्यु दिखाई देने लगती है|

नुस्खे


मुलहठी का चूर्ण एक चम्मच की मात्रा में गरम पानी के साथ लेने पर हृदय रोग में काफी लाभ होता है|
हृदय रोगियों को काले चने उबलवाकर खाते रहना चाहिए|
गाय के दूध में सोंठ डालकर पीते रहें|
अर्जुन वृक्ष की छाल सुखाकर चूर्ण बना लें| इसमें से 10 ग्राम चूर्ण दूध में डालकर उबालें| फिर इस दूध में शक्कर की जगह गुड़ मिलाकर सेवन करें|-- BEST
एक चम्मच अजवायन को एक कप पानी में डालकर औटने के लिए रख दें| जब पानी जलकर आधा कप रह जाए तो छानकर एक चुटकी सेंधा नमक मिलाकर रात को सहता-सहता पिएं|
शहद का अधिक प्रयोग करने से हृदय बलशाली बनता है तथा खून के विकारों को विराम मिलता है| इससे हृदय रोग धीरे-धीरे दूर हो जाता है|
गुलाबजल 10 ग्राम, गुलाब की पंखुडियां 3 ग्राम तथा धनिया 5 ग्राम - सबको पीसकर अच्छी तरह मिलाकर गुनगुने पानी के साथ सेवन करें|
करौंदे का मुरब्बा, रस, चटनी आदि हृदय रोग को दूर करते हैं|
दालचीनी, बंसलोचन, धनिया तथा सूखा गुलाब - सबको बराबर की मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें| अब इसमें मिश्री पीसकर मिलाएं| 5 ग्राम चूर्ण नित्य गाय या बकरी के दूध के साथ सेवन करें|
अनार का शरबत पीते रहने से हृदय रोग कम होता जाता है|
जायफल, जावित्री, दालचीनी तथा अकरकरा - इन सबको 10-10 ग्राम लेकर चूर्ण बना लें| इसमें से 4 ग्राम चूर्ण शहद में मिलाकर नित्य सुबह-शाम भोजन के साथ लें|
हृदय रोग में फालसे के रस में सोंठ तथा चीनी मिलाकर पीना चाहिए|
रोज चार चम्मच आंवले का रस जरा-से सेंधा नमक के साथ सेवन करें|


हृदय का दौरा पड़ने पर अंगूर का रस चम्मच से बार-बार देना चाहिए|

 
दिन में दो बार थोड़ी-सी हींग पानी में घोलकर सेवन करें| हींग रक्त को जमने नहीं देती तथा रक्त संचार ठीक रखती है|
बैंगन को कुचलकर उसका चार चम्मच रस नित्य पिएं| बैंगन की सब्जी हृदय रोगी के लिए बहुत लाभदायक है|
अमरूद को भूनकर खाने से हृदय की कमजोरी दूर होती है|
बेल के ताजे पत्तों को पीसकर चटनी बना लें| फिर उसमें घी तथा थोड़ा-सा शहद मिलाकर लगभग 40 दिनों तक सेवन करें|
लाल बथुए की सब्जी खाने से हृदय का दौरा नहीं पड़ता|
कच्चे आलू का चार चम्मच रस जरा-सा सेंधा नमक डालकर पिएं|
आंवले के मुरब्बे में चांदी का वर्क लगाकर नित्य सेवन करें|
गले में तुलसी की माला पहहने से हृदय रोगियों को लाभ होता है|
आधा कप गाजर का रस लेकर उसमें 3 ग्राम की मात्रा में दूब कुचलकर डालें| नित्य भोजन के बाद इसका सेवन करें|
पके हुए केले के बीच में जरा-सा खाने वाला चूना रखकर खाएं| तीन केले नित्य खाने से हृदय को काफी बल मिलता है|
लहसुन के चार बूंद रस में पानी मिलाकर कुछ दिन तक नित्य सेवन करें|
कपास के फूलों को पानी में मसल-छानकर उस पानी को पिएं|
अदरक तथा शहद का सेवन हृदय रोगियों के लिए बहुत लाभकारी है|
क्या खाएं क्या नहीं

हृदय रोगियों को घी-मक्खन इत्यादि नहीं खाना चाहिए| इसी प्रकार जमा हुआ वनस्पति घी या तेल भी हानिकारक है| मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, बिनौले, तिल तथा सरसों का शुद्ध तेल प्रयोग करें| परन्तु ये तेल कम मात्रा में लें| तली हुई चीजें तथा 'फास्ट फूड' कभी न खाएं|
सिगरेट, शराब, चाय और कॉफी हृदय रोगियों के लिए विष के समान है| शराब हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाती है| इसलिए थकावट दूर करने के लिए भी इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए|
योगासन
हृदय रोगियों को मानसिक तनाव जहां तक हो सके, कम रखना चाहिए| जीवन में संतोष की मात्रा बढ़ानी चाहिए| महत्त्वकांक्षा और संतोष में सन्तुलन रखने की कोशिश करनी चाहिए| कभी-कभी ईश्वर की इच्छा पर विश्वास करना बड़ा सहायक होता है| हल्के योगासन जैसे - सांस खींचना, रोकना तथा छोड़ना - तनाव को कम करता है| हंसी का वातावरण भी बहुत जरूरी है|
व्यायाम

रोज पैदल चलना हृदय रोगियों के लिए नुस्खों का काम करता है| परन्तु खाना खाने के बाद नहीं चलना चाहिए| इससे हृदय पर काफी दवाब पड़ता है| हल्का व्यायाम ऐसे रोगियों के लिए लाभदायक है| यदि घर में किसी को हृदय रोग हुआ हो या जो मानसिक तनाव और मोटापे से ग्रस्त रहे हों, उनके अनुभवों से लाभ उठाना चाहिए| शरीर में तेल मालिश करके स्नान करना चाहिए| इससे रक्तचाप की व्याधि नहीं सताती| कभी-कभी छाती पर हाथ रखकर हृदय की गति की पहचान करनी चाहिए| आधुनिक जांचों से भी लाभ उठाने में कोई हर्ज नहीं है|

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बवासीर के इलाज का नुस्खा बड़ा सस्ता व सरल है।

















नारियल की जटा लीजिए। उसे माचिस से
जला दीजिए। जलकर भस्म बन जाएगी।
इस भस्म को शीशी में भर कर ऱख
लीजिए। कप डेढ़ कप छाछ या दही के साथ
नारियल की जटा से बनी भस्म
तीन ग्राम और चुना जो आप पान में खाते हैं। वह गेहू
के दाने के बराबर लेकर दही में मिलाकर
खालीपेट दिन में तीन बार सिर्फ एक
ही दिन लेना है। ध्यान रहे दही या छाछ
ताजी हो खट्टी न हो।
कैसी और
कितनी ही पुरानी पाइल्स
की बीमारी क्यों न हो, एक दिन
में ही ठीक हो जाती है।


 यह नुस्खा किसी भी प्रकार के रक्तस्राव
को रोकने में कारगर है। महिलाओं के मासिक धर्म में अधिक
रक्तस्राव या श्वेत प्रदर की बीमारी में भी कारगर है।

 हैजा, वमन या हिचकी रोग में यह भस्म एक घूँट पानी के साथ लेनी चाहिए।

पुनः कुछ लोगों ने मुझे फोन कर सवाल किया कि खाली पेट
दिन में तीन बार लेना अर्थार्थ दिन भर भोजन
नहीं करना है क्या। मेरा सुझाव है कि दवा लेने के एक
घंटा पहले और एक घंटा बाद तक कुछ न खाएं तो चलेगा। अगर रोग
ज्यादा जीर्ण हो और एक दिन दवा लेने से लाभ न
हो तो दो या तीन दिन लेकर देखिए।

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वीर्य को बढ़ायें -





* इमली के बीजों को पानी में छिलका उतरने तक भिगो लें। इसके बाद इन बीजों का छिलका उतारकर चूर्ण बना लें। इसके लगभग आधा किलो चूर्ण में इतनी ही मात्रा में मिश्री मिलाकर रख लें। इसमें से लगभग 2 ग्राम चूर्ण को लगभग 40 दिनों तक नियमित रूप से फांकने के बाद ऊपर से दूध पीने से वीर्य गाढ़ा होता है और शीघ्रपतन की शिकायत दूर हो जाती है।
* बरगद के पके हुए फलों को छाया में सुखाकर चूर्ण बना लें और इसमें मिश्री मिलाकर रख लें। इस चूर्ण को 5 ग्राम की मात्रा में रोजाना शाम को दूध के साथ लेने से एक सप्ताह के बाद ही वीर्य गाढ़ा होना शुरू हो जाता है। इस चूर्ण को लगभग 40 दिनों तक सेवन किया जा सकता है।
* लगभग आधा किलो देशी फूल की कच्ची कलियों को डेढ़ लीटर पानी में डालकर उबाल लें। पानी उबलने के बाद जल जाने पर इस मिश्रण को बारीक पीसकर 5-5 ग्राम की गोलियां बनाकर एक कांच के बर्तन में रखकर ऊपर से ढक्कन लगा दें। इसमें से 1 गोली को रोजाना सुबह के समय दूध के साथ लेने से संभोग करने की शक्ति बढ़ती है और वीर्य भी मजबूत होता है।
* लगभग 10 ग्राम बिदारीकंद के चूर्ण को गूलर के रस में मिलाकर चाट लें। इसके ऊपर से घी मिला हुआ दूध पीने से जो व्यक्ति संभोग क्रिया में पूरी तरह से सक्षम नहीं होते उनके शरीर में भी यौन शक्ति का संचार होने लगता है।
* देशी फूल की तुरंत उगी अर्थात नई कोंपलों को सुखाकर और पीसकर बारीक चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को रोजाना 6 ग्राम की मात्रा में फांककर ऊपर से मिश्री मिला हुआ दूध पीने से वीर्य पुष्ट होता है। इसके अलावा इसका सेवन करने से पेशाब के साथ वीर्य का आना और स्वप्नदोष जैसे रोग भी दूर हो जाते हैं।

* चिरौंजी, मुलहठी और दूधिया बिदारीकंद को बराबर मात्रा में एक साथ मिलाकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को लगभग 1 सप्ताह तक लेने से और ऊपर से दूध पीने से वीर्य के सारे दोष दूर होते हैं और वीर्य बढ़ जाता है।

* सोंठ, सतावर, गोरखमुंडी, थोड़ी सी हींग और देशी खांड को एक साथ मिलाकर सेवन करने से लिंग मजबूत और सख्त होता है और बुढ़ापे तक ऐसा ही रहता है। इसके अलावा इसको लेने से वीर्य बढ़ता है और शीघ्रपतन जैसे रोग दूर हो जाते हैं। इस चूर्ण का सेवन करते समय गुड़ और खट्टे पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।

* सिंघाड़े के आटे का हलुआ, उड़द और चने की दाल का हलुआ, अंडों की जर्दी का गाय के घी में तैयार किया हुआ हलुआ, मेथी और उड़द की दाल के लडडू, आंवले की चटनी, गेहूं, चावल, बराबर मात्रा में जौ और उड़द का आटा और उसमें थोड़ी सी पीपल को डालकर तैयार की गई पूडि़यां और नारियल की खीर आदि का सेवन करने से हर तरह के धातु रोग नष्ट हो जाते हैं, वीर्य पुष्ट होता है और संभोग करने की शक्ति बढ़ती है।

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शरीर को ताकतवर बनाना




उपचार :
लगभग 100-100 ग्राम की मात्रा में काले तिल और ढाक के बीजों को पीसकर और इनको छानकर इसमें 200 ग्राम शक्कर मिलाकर इस मिश्रण को रोजाना 10-10 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम पानी के साथ लेने से शरीर में मजबूती आती है।

तिल और अलसी का काढ़ा बनाकर पीने से शरीrे की क्षमता में वृद्धि होती है।
लगभग 20 ग्राम की मात्रा में काले तिल और इतनी ही मात्रा में गोखरू को मिलाकर बारीक पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को बकरी के दूध में खीर की तरह बनाकर खाने से शरीर में भरपूर ताकत का विकास होता है।
इसका सेवन लगातार 15 या 20 दिनों तक करने से शरीर की कमजोरी खत्म हो जाती है।

लगभग 10 ग्राम छुहारे लेकर पीस लें। रोजाना कम से कम 2 ग्राम की मात्रा में इस छुहारे के चूर्ण को 250 मिलीलीटर हल्के गर्म दूध के साथ सोते समय लेने से शरीर मजबूत होता है। इसका सेवन केवल सर्दियों के दिनों में करना चाहिए।
4 या 5 छुहारों की गुठलियों को निकालकर इसमें लगभग लगभग आधा ग्राम गुग्गल इनके अन्दर भर दें और इन छुआरों को दूध में पकायें। सुबह और शाम को रोजाना एक छुहारा दूध के साथ खाने से वात की बीमारी दूर हो जाती है और शरीर शक्तिशाली बनता है।
लगभग 500 मिलीलीटर की मात्रा में दूध लेकर उसमें 2 छुआरे डाल दें। फिर दूध को आधा रह जाने तक गर्म करें। अब इस दूध में 2 चम्मच मिश्री या खांड़ लेकर मिलाकर पीयें और छुहारों को खा जायें। इसके खाने से शरीर में मांस बढ़ता है, शरीर की ताकत बढ़ती है और मनुष्य का वीर्य बल भी बढ़ता है। छुआरा खून बढ़ाता है, और शरीर के विभिन्न भागों में ताकत पहुंचाता है। इसका प्रयोग केवल सर्दी के दिनों में ही करना चाहिए। इसका सेवन करने के 2 घंटे तक पानी नहीं पीना चाहिए। एक बार में 4 से ज्यादा छुहारों का सेवन नहीं करना चाहिए।
किसी मिट्टी या कांच के बर्तन में पानी लेकर इसमें 2 छुहारे शाम को भिगोकर रख दें। सुबह उठकर इन छुहारों की गुठली को निकालकर इन्हें लगभग 500 मिलीलीटर दूध में गर्म करें, और 250 मिलीलीटर दूध रह जाने तक गर्म करें। अब बचे हुए दूध को पीने से शरीर की कमजोरी खत्म हो जाती है और शरीर को भरपूर ताकत मिलती है।
जो बच्चे बिस्तर पर पेशाब कर देते है उनको छुहारे का दूध पिलाने से वह बिस्तर पर पेशाब करना बन्द कर देते हैं।
लगभग 15 ग्राम की मात्रा में बेर के छिलकों को छाया में सुखाकर, पीपल, काली मिर्च, सौंठ और त्रिफला के साथ पीसकर इनका चूर्ण बना लें, और इसमें लगभग 75 ग्राम की मात्रा में गुग्गल को पीसकर मिला लें। इस मिश्रण को 10 ग्राम की मात्रा में सुबह के समय पानी के साथ लेने से शरीर को ताकत मिलती है और शरीर से सभी रोग दूर रहते हैं।
लगभग 100-100 ग्राम की मात्रा में हरड़ का छिलका और पिसा हुआ आंवला को लेकर इसमें 200 ग्राम की मात्रा में खांड़ मिलाकर इस चूर्ण को सुबह के समय लगभग 10 ग्राम की मात्रा में 250 मिलीलीटर हल्के गर्म दूध के साथ लेने से शरीर में मजबूती आती है।
भोजन के दौरान सुबह-शाम आधा चम्मच की मात्रा में हरड़ का चूर्ण लेते रहने से बुद्धि और शारीरिक बल में वृद्धि होती है।

लगभग 25-25 ग्राम की मात्रा में तालमखाना, असगंध, बीजबन्द, गंगेरन, बरियार, कौंच के बीजों की गिरी, काली मूसली, सफेद मूसली और गोखरू को पीसकर तथा छानकर इस चूर्ण को लगभग 100 ग्राम देसी घी में भूनकर इसमें लगभग 100 ग्राम खांड़ या शक्कर को मिलाकर रख लें। अब इस तैयार मिश्रण में से एक चम्मच चूर्ण रोजाना सुबह के समय दूध के साथ लेने से शरीर में ताकत आती है। इस मिश्रण का प्रयोग सर्दी के दिनों में करना चाहिए।
लगभग आधा ग्राम पिसा हुआ जायफल और लगभग इतनी ही बंगभस्म को शहद के साथ मिलाकर सुबह और शाम लेने से शरीर शक्तिशाली बनता है।
जायफल, मिश्री और पीपल के चूर्ण को एकसाथ मिलाकर इसमें नाग भस्म मिलाकर सेवन करने से शरीर में ताकत पैदा होती है।
गीली अतीस को दूध में मिलाकर पीने से शरीर ताकतवर बनता है और व्यक्ति की मर्दानगी भी बढ़ती है।
अतीस का चूर्ण लगभग 2 से 3 ग्राम की मात्रा में लेकर उसमें थोड़ा सा छोटी इलायची और वंशलोचन के चूर्ण को मिलाकर खाने से शरीर शक्तिशाली बनता है।
लगभग 10 ग्राम की मात्रा में राल के चूर्ण को फांककर ऊपर से लगभग 500 मिलीलीटर गर्म-गर्म दूध पीने से शरीर में ताकत आती है
झींझनी के बीजों को भेड़ के दूध में 7 भावनायें देकर पीसकर रख लें। इस चूर्ण को 7 दिन तक लगातार 10 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ लेने से शरीर में ताकत आती है।
लगभग 10 ग्राम की मात्रा में शहद, 5 ग्राम की मात्रा में घी और 3 ग्राम की मात्रा में आंवलासार गंधक को लेकर इसमें थोड़ी सी शक्कर मिलाकर सेवन करने से शरीर को मजबूती मिलती है।
एक कप दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह के समय पीने से शरीर में ताकत बढ़ती है।
शरीर में होने वाली ऐंठन में नागदोन के पत्तों और कोपलों का काढ़ा बनाकर पीने से कमजोरी के साथ ही साथ ऐंठन भी दूर हो जाती है।
प्याज के रस को घी में मिलाकर पीने से शरीर में शक्ति के साथ ही साथ संक्षमता भी बढ़ती है।
प्याज, शहद और मिश्री को एक साथ मिलाकर खाने से पेट से सम्बंधित रोग खत्म हो जाते हैं और शरीर में ताकत की वृद्धि होती है।
लगभग 10 ग्राम की मात्रा में सफेद प्याज के रस को 10 ग्राम शहद के साथ मिलाकर सुबह और शाम लगातार 40 दिनों तक चाटने से आदमी के क्षमता में वृद्धि होती है।
लगभग 8 ग्राम की मात्रा में सफेद प्याज का रस, लगभग 6 ग्राम की मात्रा में अदरक का रस, लगभग 4 ग्राम की मात्रा में शहद और 20 ग्राम की मात्रा में घी को मिलाकर चाटने से शरीर मजबूत होता है और शरीर के अन्दर ताकत आती है।
1 चम्मच प्याज के रस को 2 चम्मच शहद में मिलाकर चाटने से शरीर को ताकत मिलती है।
कमजोरी आने पर चिलगोजा की मिंगी और मुनक्का को लगभग 24 घंटे तक पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद इसमें शक्कर मिलाकर खाने से शरीर की कमजोरी के दूर होने के साथ ही साथ शरीर में ताकत आ जाती है।
चिलगोजा खाने से व्यक्ति के शरीर में चुस्ती और फुर्ती के साथ ही साथ अधिक ताकत भी आती है।
असगंध के चूर्ण को दूध में मिलाकर पीने से शरीर शक्तिशाली बनता है और आदमी का वीर्य पुष्ट होता है।
बराबर मात्रा में असगंध और विधारा को लेकर और पीसकर इसका चूर्ण बना लें। इसके चूर्ण को एक शीशी में भरकर रख लें। इस चूर्ण को सुबह और शाम दूध के साथ लेने से मनुष्य के शरीर की क्षमता बढ़ती है।

असगंध के चूर्ण को 3 ग्राम की मात्रा में लेकर शहद के साथ चाटने से शरीर में ताकत बढ़ती है।
लगभग 100-100 ग्राम की मात्रा में नागौरी असगन्ध, सफेद मूसली और स्याह मूली को लेकर चूर्ण बना लें। रोजाना लगभग 10-10 ग्राम की मात्रा में इस चूर्ण को 500 मिलीलीटर दूध के साथ सुबह और शाम खाने से मनुष्य के शरीर में जबरदस्त शक्ति आ जाती है।
बराबर मात्रा में असगंध या अश्वगंधा, सौंठ, मिश्री और विधारा को लेकर बारीक चूर्ण बना लें। इसके बाद 1-1 चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम को दूध के साथ इस चूर्ण का सेवन करने से शरीर की कमजोरी दूर हो जाती है, सर्दी कम लगती है और शरीर में वीर्य बल बढ़ता है।

लगभग 10 ग्राम की मात्रा में सेंधानमक, लगभग 10 ग्राम की मात्रा में आंवलासार-गंधक और लगभग ढाई ग्राम की मात्रा में टाट्रिक को पीसकर इसका चूर्ण बनाकर इसमें लगभग 2 ग्राम की मात्रा में नींबू का रस डालकर छोटी-छोटी गोलियां बनाकर रोजाना 1 गोली का सेवन करने से शरीर शक्तिशाली बनता है।
लगभग 6 ग्राम सम्भालू की जड़ का चूर्ण बनाकर लगभग 20 ग्राम घी में मिलाकर चाटने से व्यक्ति की क्षमता में वृद्धि होती है।
कौंच के बीज और गोखरू के चूर्ण को मिश्री के साथ मिलाकर दूध के साथ पीने से शारीरिक शक्ति बढ़ती है।
कौंच के बीज और जड़ को बराबर मात्रा में लेकर इनको पीसकर चूर्ण बना लें। फिर इस चूर्ण में इतनी ही मात्रा में शक्कर या बूरा मिलाकर एक शीशी में भरकर रख लें। इस लगभग 10 ग्राम चूर्ण को रोजाना दूध के साथ लेने से शरीर शक्तिशाली बन जाता है। ऐसा लगभग 40 दिनों तक लगातार करना चाहिए।

शरीर को शक्तिशाली बनाने के लिए लगभग 10 ग्राम की मात्रा में कपास की मिंगी (बिनौला) की खीर बनाकर खानी चाहिए।
शरीर की शक्ति को बढ़ाने के लिए बादाम की गिरी और भुने हुए चनों को छीलकर रोजाना खाना चाहिए।
लगभग 4 बादाम की गिरियों को पीसकर इसमें 1-1 ग्राम की मात्रा में शहद और मिश्री को मिलाकर चाटने से मनुष्य के शरीर में ताकत बढ़ जाती है।
लगभग 7 बादाम की गिरी, 7 दाने कालीमिर्च, लगभग 3 ग्राम की मात्रा में सौंफ (गर्मियों के मौसम में सौंफ के स्थान पर सूखा हुआ साबुत धनिया) और 2 छोटी इलायची को लेकर शाम को सोते समय कांच या चीनी के बर्तन में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर व्यायाम करने के बाद बादाम और इलायची के छिलके उतार लें और कालीमिर्च और सौंफ के साथ इनको पीस लें। इसके बाद इसको 250 मिलीलीटर पानी में मिलाकर कपड़े से छान लें। इसके बाद इसमें 2 चम्मच शहद या मिश्री मिलाकर धीरे-धीरे पीने से याददाश्त मजबूत होती है और आंखों की रोशनी तेज होने के साथ ही साथ शरीर की शक्ति बढ़ती है।
बादाम की गिरियों से निकाला गया दूध बच्चों के लिए बहुत लाभकारी होता है।
लगभग 10 बादाम की गिरियों को शाम को पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद सुबह इनका छिलका उतार कर बारीक पीस लें। अब इन पीसे हुए बादामों में मक्खन को मिलाकर खाने से तुतलाना और हकलाना दूर हो जाता है। इसके अलावा कमजोर शरीर भी मजबूत बनता है। इसका सेवन कुछ महीने तक करना चाहिए।
शाम को सोते समय लगभग 10 बादाम की गिरियों को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह इनका छिलका उतारकर बारीक पीस लें। अब इन पीसे हुए बादामों को कढ़ाई में घी डालकर हल्की आग पर भूने। इसमें लाल होने से पहले ही लगभग 150 ग्राम की मात्रा में दूध डालें। इस दूध को हल्का गर्म करके पीने से शरीर शक्तिशाली बनता है। इसके अलावा शरीर का वीर्य बल भी बढ़ता है। इसका सेवन रोजाना सुबह करना चाहिए।
काली मूसली के चूर्ण में मिश्री को मिलाकर खाने से शरीर की शक्ति बढ़ती है।

लगभग 10 ग्राम की मात्रा में सफेद मूसली के चूर्ण को 250 मिलीलीटर की मात्रा में दूध लेकर इसको पकायें और गाढ़ा होने तक पकने दें। अब इसको निकालकर 1 प्लेट पर रख दें और सुबह तक वह खीर की तरह उस प्लेट पर जम जायेगा। अब इसमें शक्कर मिलाकर इसको खायें। इसका सेवन 40 दिनों तक करना चाहिए। ऐसा करने से शरीर में ताकत बढ़ती है। इसका सेवन करने के दिनों में गर्म और खट्टे पदार्थों से परहेज करना चाहिए।
गोरखमुण्डी के फूलों के चूर्ण को शहद में मिलाकर खाने से शरीर में ताकत आती है।
गोरखमुण्डी के पूरे पौधे को छाया में सुखाकर पीस लें। इसका हलवा बनाकर सेवन करने से आदमी की जवानी हमेशा के लिए बनी रहती है।
गोरखमुण्डी के बीजों को पीसकर चूर्ण की तरह बना लें। इसमें इतनी ही मात्रा में चीनी को मिलाकर चुटकी भर खाने से शरीर में ताकत बढ़ती है।
शरीर में शक्ति बढ़ाने के लिए गोरखमुण्डी की जड़ के चूर्ण को दूध के साथ 2 साल तक लेना चाहिए। इसके अलावा इसके सेवन से "बाल भी कभी सफेद नहीं होते हैं"
घिया या लौकी के पत्तों का काढ़ा बनाकर रोगी को पिलाने से उसके शरीर की कमजोरी दूर होकर शरीर में ताकत बढ़ती है।
शरीर में कमजोरी महसूस होने पर खिरैंटी के बीजों को पकाकर खाने से शरीर में ताकत बढ़ जाती है।
खिरैंटी की जड़ की छाल को पीसकर दूध में उबालें। इसके बाद इसमें घी को मिलाकर पीने से शरीर में शक्ति बढ़ती है।

पोहकरमूल का चूर्ण शहद के साथ मिलाकर खाने से शरीर शक्तिशाली बन जाता है।
गाय को लगभग एक किलो शहतूत के पत्ते सुबह और शाम खिलाकर उस गाय का दूध पीने से शरीर शक्तिशाली बनता है
गन्ने के रस को रोजाना पीने से शरीर में खून बढ़ता है और शरीर में ताकत आती है।
आशकन्द के चूर्ण को घी में मिलाकर खाने से घुटनों में होने वाला दर्द और घुटनों की कमजोरी दूर हो जाती है। इसका 40 दिन तक लगातार प्रयोग करें।

आक के फूलों की मिंगी 3 ग्राम की मात्रा में लेकर दूध के साथ खाने से शरीर शक्तिशाली बनता है।
शतावरी को पकाकर खाने या शतावरी के चूर्ण की खीर बनाकर सेवन करने से शरीर की ताकत में वृद्धि होती है।
लगभग 200 ग्राम की मात्रा में शतावरी और लगभग 200 ग्राम की ही मात्रा में ही असगंध को एकसाथ मिलाकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को लगभग 6 ग्राम की मात्रा में लेकर 500 मिलीलीटर दूध में डालकर इतनी देर तक उबालें की दूध आधी मात्रा में रह जाये। अब इस बचे हुए दूध में लगभग 20 ग्राम की मात्रा में मिश्री डालकर पी जाना चाहिए। इसका सेवन 40 दिनों तक लगातार करने से शरीर शक्तिशाली बनता है।
इमली के बीजों को लगातार 3 दिन तक पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद इन बीजों को पानी में से निकालकर इनका छिलका उतारें और इसमें इमली के बीजों के जितना ही गुड़ मिलायें। अब इन दोनों को मिलाकर लगभग 6-6 ग्राम की गोलियां बना लें। सुबह और शाम इस 1-1 गोली का सेवन करने से शरीर शक्तिशाली बनता है और सभी प्रकार के रोग दूर रहते हैं।
बबूल के गोंद को घी में भूनकर उसका पकवान बनाकर सेवन करने से मनुष्य की क्षमता बढ़ती है।
शरीर में शक्ति बढ़ाने के लिए सिंघाड़े के आटे का हलवा बनाकर खाना चाहिए।
जलभांगरा के रस में सोने की भस्म को मिलाकर सेवन करने से मनुष्य की क्षमता बढ़ती है।
बिहीदाने के काढ़े के साथ सोने की भस्म या राख को मिलाकर सेवन कराने से शरीर में शक्ति बढ़ती है।
ढाक के फूलों की कलियों का गुलकन्द बनाकर 6 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ सेवन करने से शरीर की ताकत बढ़ती है।
लगभग 50 ग्राम की मात्रा में ढाक के बीज, लगभग 25 ग्राम की मात्रा में वायबिड़ंग और लगभग 200 ग्राम की मात्रा में गुठली वाले आंवले को एकसाथ पीसकर चूर्ण बना लें। इसके बाद रोजाना इस चूर्ण को 3 ग्राम की मात्रा में गाय के दूध के साथ लेने से शरीर की ताकत में वृद्धि होती है।
ढाक की जड़ या छाल का चूर्ण बनाकर दूध के साथ सेवन करने से शक्ति में वृद्धि होती है।
500 मिलीलीटर की मात्रा में दूध और 10 ग्राम की मात्रा में शहद को एकसाथ मिलाकर इस दूध पीकर कुछ देर तक सो जाना चाहिए। इसका सेवन लगातार 40 दिनों तक करना चाहिए इससे मनुष्य के शरीर में खून बढ़ता है। जिससे शरीर में ताकत आती है। इसका अधिक सेवन करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है।
गर्म-गर्म दूध में मिश्री, शहद और घी को मिलाकर पीने से शरीर में मजबूती आती है और ताकत बढ़ती है।
दूध में 2 छुआरे पकाकर रोजाना खाने से शरीर में शक्ति का विकास होता है।
दूध में शहद मिलाकर पीने से शारीरिक वृद्धि होती है।
लगभग 250 मिलीलीटर की मात्रा में दूध को लेकर गर्म कर लें। फिर इस दूध में 4 या 5 केसर की पंखुड़ियां डालकर अच्छी तरह से मिला लें। अब इस दूध में मिश्री मिलाकर इसका सेवन सुबह या रात को सोने से पहले करने से व्यक्ति की मर्दानगी बढ़ती है।
इसके अलावा इसका सेवन करने से सर्दी से बचाव होता है, शरीर में जोश आता है, शरीर में निखार आता है और हाथ और पांव का बर्फ की तरह ठंड़ा होना भी खत्म हो जाता है।
500 मिलीलीटर दूध में 250 ग्राम गाजर को कद्दूकस करके उबालकर पीने से दूध जल्दी हजम हो जाता है, दस्त साफ आते हैं व दूध में लोहे की मात्रा अधिक हो जाती है।
गुड़हल के सूखे पत्तों को बारीक पीसकर चूर्ण बना लें और इतनी ही मात्रा में इस चूर्ण में शक्कर मिलाकर रख दें। रोजाना लगभग 10 ग्राम की मात्रा में इस चूर्ण का सेवन करने से मनुष्य की शक्ति बढ़ जाती है। ऐसा लगभग 40 दिनों तक लगातार करना चाहिए।
रोजाना 250 मिलीलीटर आम का रस पीकर और इसके ऊपर से दूध पीने से शरीर में ताकत आती है।
खरबूजे को 250 ग्राम की मात्रा में खाकर ऊपर से एक लीटर पानी को शर्बत की तरह बनाकर पीने से शरीर शक्तिशाली बनता है।
लगभग 5 ग्राम की मात्रा में ऊंटकटारा की जड़, लगभग 3 ग्राम की मात्रा में अकरकरा और लगभग 3 ग्राम की मात्रा में असगन्ध को एकसाथ पीसकर हलवे में मिलाकर सेवन करने से क्षमता बढ़ती है।
ऊंटकटारे के ऐसे पौधे को, जिसमें फल और फूल हों, जड़ सहित उखाड़कर छाया में सुखा लें, और इसके पंचांग (जड़, तना, पत्ती, फल और फूल) का चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को लगभग 5 ग्राम की मात्रा में रात को सोते समय दूध के साथ लेने से शारीरिक बल में वृद्धि होती है।
रोजाना 6 ग्राम मुलहठी के चूर्ण को 30 ग्राम दूध में घोलकर पीने से शरीर में ताकत आती है।
लगभग 500 ग्राम की मात्रा में हल्दी की गांठें और 1 किलो बुझा हुआ चूना लेकर इसको एक मिट्टी के बर्तन में डालकर इसमें ऊपर से 2 किलो पानी डालें। पानी डालते ही चूना पकने लगता है, और ठंड़ा होने पर बर्तन को ढककर रख दें। इसके बाद 2 महीने बाद हल्दी की गांठों को निकालकर पीसकर चूर्ण बना लें। हल्दी की गांठों के चूर्ण को 3 ग्राम की मात्रा में लेकर 10 ग्राम शहद के साथ मिलाकर लगातार 4 महीने तक रोजाना खाने से शरीर का खून साफ हो जाता है और शरीर में भरपूर ताकत आती है।
लगभग 100 ग्राम की मात्रा में गूलर के कच्चे फलों का चूर्ण बनाकर इसमें 100 ग्राम मिश्री को मिलाकर रख दें। इस चूर्ण को लगभग 10 ग्राम की मात्रा में रोजाना दूध के साथ लेने से शरीर को भरपूर ताकत मिलती है।
100 ग्राम की मात्रा में भांगरा, 200 ग्राम की मात्रा में काले तिल और 200 ग्राम की मात्रा में आंवलों को एकसाथ पीसकर चूर्ण बना लें। इसके बाद इस तैयार चूर्ण में 50 ग्राम मिश्री मिला लें और इसमें घी मिलाकर बर्तन में रख दें। इस मिश्रण को 10 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम को गाय के दूध के साथ लेने से शरीर में ताकत आती है और इसके अलावा बाल काले रहते हैं।
शाम को सोते समय छोटी पीपल को पानी में भिगोकर रख दें, और सुबह इसको पीसकर इसमें शहद मिलाकर चाटें और ऊपर से दूध पी लें। इसको लगातार 40 दिनों तक खाना चाहिए। इससे शरीर की ताकत में वृद्धि होती है।
7 या 8 पिण्डखजूरों को 500 मिलीलीटर दूध में डालकर हल्की आंच पर पका लें और लगभग 400 मिलीलीटर की मात्रा में दूध रह जाने पर दूध को आंच पर से उतार लें। अब इसमें से खजूर निकालकर खाकर ऊपर से इसी दूध को पीने से शरीर में भरपूर ताकत और मजबूती आती है।
5 या 7 खजूर लेकर इनकी गुठली को निकालकर इन खजूरों को पानी से धो लें। अब लगभग 300 मिलीलीटर की मात्रा में दूध लेकर इसमें गुठली निकले हुए खजूरों को डाल दें और दूध को हल्की आग पर 8 या 10 मिनट तक जब तक कि खजूर न गल जायें पकने दें। अब इस दूध में से खजूरों को निकाल कर चबा-चबाकर खा लें। इसके ऊपर से दूध पीने से शरीर को जबरदस्त ताकत और मजबूती मिलती है। इसके अलावा वजन बढ़ता है, कब्ज और क्षय रोग दूर होते हैं, शरीर में खून बनता है, खांसी, दमा, पेट और छाती से सम्बंधित सभी रोगों से छुटकारा मिलता है। इसका सेवन लगातार 40 दिनों तक सुबह और शाम को करना चाहिए।
लगभग 3-3 ग्राम की मात्रा में सालम मिश्री, शतावर और सफेदी मूसली को लेकर बारीक पीस लें और छान लें। अब इस चूर्ण को 400 मिलीलीटर दूध में डालकर पकायें और 300 मिलीलीटर दूध रह जाने पर इसको उतारकर इस दूध में शक्कर मिलाकर सुबह और शाम सेवन करने से आदमी के शरीर में से आलस्य दूर हो जाता है और उसको पर्याप्त मात्रा में ताकत भी मिलती है। इसका सेवन लगातार 20 दिनों तक करना चाहिए।
लगभग 50 ग्राम की मात्रा में बिनौला को लेकर भून लें और कूटकर इसका चूर्ण बना लें। लगभग 50 ग्राम की मात्रा में सफेद मूसली को लेकर बिनौला के चूर्ण के साथ अच्छी तरह से पीसकर चूर्ण बनाकर रख लें। इसके बाद लगभग 3-3 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम इस चूर्ण को दूध के साथ सेवन करने से मनुष्य के शरीर में शक्ति का विकास होता है।
लगभग 250 ग्राम मालकांगनी को गाय के घी में भूनकर, इसमें 250 ग्राम शक्कर मिलाकर चूर्ण बना लें। अब इस चूर्ण को लगभग 6 ग्राम की मात्रा में गाय के दूध के साथ सुबह और शाम को खाने से मनुष्य के शरीर में ताकत का विकास होता है। इसका सेवन लगभग 40 दिनों तक करना चाहिए।
लगभग 20 ग्राम घी को 30 ग्राम शहद के साथ मिलाकर भोजन करने के बाद खाने से मनुष्य की याददाश्त के साथ ही साथ उसके शरीर की ताकत भी बढ़ती है।
लगभग 250 ग्राम की मात्रा में शुद्ध देसी घी में बनी जलेबियों को लगभग 250 मिलीलीटर गाय के दूध के साथ रोजाना सुबह के समय लेने से मनुष्य की लम्बाई बढ़ती है। इसका सेवन लगातार 2 या 3 महीने तक करना चाहिए।
दालचीनी को बारीक पीसकर इसका चूर्ण बना लें। शाम को इसके लगभग 2 ग्राम चूर्ण को 250 मिलीलीटर दूध में डालकर एक चम्मच शहद को मिलाकर पीने से शरीर की ताकत के साथ-साथ मनुष्य के धातु में भी वृद्धि होती है।
लगभग 50 ग्राम की मात्रा में चने की दाल को लेकर 100 मिलीलीटर कच्चे दूध में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर इस दाल में किशमिश और मिश्री मिलाकर अच्छी तरह से चबा कर खायें। इसका सेवन लगातार 40 दिनों तक करना चाहिए। इससे शरीर को ताकत मिलती है और मनुष्य का बल भी बढ़ता है।
रात को सोते समय थोड़े से देसी चने लेकर पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर गुड़ के साथ इन चनों को रोजाना खूब-खूब चबाकर खाने से शरीर की लम्बाई बढ़ती है। चनों की मात्रा शरीर की पाचन शक्ति के अनुसार बढ़ानी चाहिए। इन चनों को दो या तीन महीने तक खाना चाहिए।
लगभग 6 ग्राम की मात्रा में विदारीकन्द के चूर्ण को लगभग 10 ग्राम गाय के घी में और लगभग 20 ग्राम शहद में मिलाकर गाय के दूध के साथ लेने से शरीर में ताकत आती है। इसका सेवन लगातार 40 दिनों तक करना चाहिए।
एक निश्चित मात्रा में तुलसी के बीज या पत्तों को भूनकर इतनी ही मात्रा में इसमें गुड़ मिलाकर लगभग 1-1 ग्राम की गोलियां बनाकर सुबह और शाम को 1-1 गोली गाय के दूध के साथ लेने से शरीर में भरपूर ताकत आती है और व्यक्ति की मर्दानगी भी बढ़ती है।
लगभग आधा ग्राम की मात्रा में तुलसी के पीसे हुए बीजों को सादे या कत्था लगे पान के साथ रोजाना सुबह और शाम खाली पेट खाने से मनुष्य के बल और खून में वृद्धि होती है।
लगभग एक भाग तुलसी के बीजों के चूर्ण को दो भाग पुराने गुड़ में मिलाकर खाने से शरीर में ताकत आती है। इसका प्रयोग लगभग 14 दिनों अथवा 40 दिनों तक करना चाहिए और इसका सेवन केवल सर्दी के दिनों में ही करना चाहिए।
लगभग 25 ग्राम की मात्रा में छिलका उतारे और तेल निकाले हुए भिलावे को लेकर 2 या 3 घंटों तक कूटें और फिर इसके बाद लगभग 400 ग्राम की मात्रा में तिल का तेल लेकर भिलावे में 50-50 ग्राम की मात्रा में डालते जायें, और घोटते जायें। इसके बाद लगभग 1 घंटे बाद इसको निकाल लें। रोजाना इसे 2 ग्राम की मात्रा में सुबह दूध के साथ लेने से शरीर में भरपूर ताकत आती है।
आवश्यकता के अनुसार जौ को लेकर पानी में भिगोकर कूट लें और इनका छिलका उतार लें। अब लगभग 60 ग्राम की मात्रा में छिले हुए जौ को लगभग 500 मिलीलीटर दूध में डालकर इसकी खीर बनायें। 2 महीनों तक इसको लगातार खाने से पतला आदमी भी मोटा हो जाता है, और उसके शरीर में जबरदस्त ताकत आ जाती है। अगर इस खीर का प्रयोग प्रतिदिन न कर सकें तो हफ्ते में कम से कम 2 या 3 बार जरूर ही सेवन करें।
उबाले हुए जौ का पानी रोजाना सुबह और शाम पीने से शरीर में खून बढ़ता है। जौ का पानी गर्मियों के दिनों में पीने से अधिक लाभ मिलता है।
दिन में खाना-खाने के बाद 2 या 3 पके केले रोजाना नियमित रूप से खाने से शरीर में शक्ति, मांस और चर्बी बढ़ती है। इसका प्रयोग लगातार 2 महीने तक करने से शरीर सुंदर बन जाता है।
बथुआ को साग के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए। पत्तों के साग में बथुआ का साग सबसे अधिक फायदेमन्द और सेहतमन्द होता है। इसका सेवन निरन्तर रूप से करने से मनुष्य खून में वृद्धि होती है, याद्दाश्त मजबूत होती है, आमाशय मजबूत होता है, पथरी से बचाव होता है, कब्ज और पेट में होने वाली जलन से छुटकारा मिल जाता है। हरे बथुए का सेवन अधिक लाभकारी होता है। अगर हरा बथुआ न मिले तो इसे सूखाकर रोटी में मिलाकर खाने से बहुत लाभ मिलता है।
लगभग 10 ग्राम की मात्रा में हरे आंवला को लगभग इतनी ही मात्रा में शहद में मिलाकर खाने से मनुष्य के बल में वृद्धि होती है। आंवलों के मौसम में इसका सेवन रोजाना सुबह के समय लगभग 1 से 2 महीने तक करना चाहिए।
बराबर मात्रा में आंवले का चूर्ण, गिलोय का रस, सफेद मूसली का चूर्ण, गोखरू का चूर्ण, तालमखाना का चूर्ण, अश्वगंध का चूर्ण, शतावरी का चूर्ण, कौंच के बीजों का चूर्ण और मिश्री का चूर्ण लेकर इनका मिश्रण बना लें। अब इस मिश्रण को रोजाना सुबह और शाम को लगभग 10 से 15 ग्राम की मात्रा में फांककर ऊपर से हल्का गर्म दूध पीने से मनुष्य की शक्ति का विकास होता है। इसको लगातार 3 या 4 महीने तक फायदा होने तक खाना चाहिए।
सुबह के समय लगभग 25 से 30 किशमिश लेकर इनको गर्म पानी से धोकर साफ कर लें और कच्चे दूध में डाल दें। आधा या एक घंटे बाद उस दूध को गर्म करें। इसके बाद किशमिश को एक-एक करके खा लें और ऊपर से उसी दूध को पी लें। ऐसा करने से शरीर में खून बढ़ता है। इसके अलावा आवश्यकता से अधिक ठंड़ का अनुभव, पुरानी बीमारी, अधिक कमजोरी, जिगर की खराबी और बदहजमी दूर हो जाती है।
लगभग 25 मिलीलीटर की मात्रा में अंगूर का रस भोजन करने के आधे घंटे बाद पीने से शरीर में खून बढ़ता है। इसके अलावा इसका रस पीने से पेट फूलना, अफारा, दिल का दौरा पड़ना, चक्कर आना, सिरदर्द और भोजन न पचना आदि बीमारियां दूर हो जाती है। इसका सेवन लगभग 2 या 3 हफ्ते तक लगातार करना चाहिए। इसके अलावा इसका सेवन महिलाओं के लिए भी लाभकारी होता है। कमजोर बच्चों को भोजन के बाद अंगूर का रस पिलाना काफी लाभकारी सिद्ध होता है। अंगूर का रस बच्चों के चेहरे को लाल कर देता है।
शरीर में कमजोरी आने पर या खून की कमी होने पर लगभग 225 मिलीलीटर की मात्रा में रोजाना पालक का रस पीना चाहिए। इससे चेहरा एक दम गुलाब की तरह लाल हो जाता है। इसके अलावा इसका रस पीने से मानसिक तनाव और हाई ब्लडप्रेशर भी सामान्य रहता है।
टमाटर का रोजाना सेवन करने से खून शुद्ध रहता है, और खून में वृद्धि होती है। टमाटर खाने से आंखों के रोग, जिगर में किसी तरह की खराबी आने के कारण होने वाली सुस्ती, आंतों के कीड़ें और आमाशय की कमजोरी दूर होती है। टमाटर पाचन क्रिया को बढ़ाता है। पथरी वाले व्यक्ति को टमाटर नहीं खाना चाहिए।
सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को सुबह-शाम भोजन के बाद दो चम्मच लेने से दिमाग तेज होता है। इसका सेवन लगातार एक या दो महीने तक करना चाहिए।

मालकांगनी के बीज, बच, देवदारू और अतीस आदि का मिश्रण बना लें। रोज सुबह-शाम इस मिश्रण को 1 चम्मच घी के साथ पीने से दिमाग तेज और फुर्तीला बनता है।
मालकांगनी के तेल की 5-10 बूंदे मक्खन के साथ सेवन करने से भी शरीर को लाभ मिलता है।
शक्ति को ऊर्जा भी कहते हैं। यह ऊर्जा मनुष्य को भोजन से मिलती है। परन्तु धनिया इस ऊर्जा को और बढ़ा देता है। इसके लिए आपको खाना खाने के बाद दस दाने धनिया के मुंह में डालने होंगे। इन दानों को दाढ़ों से कुचलकर इसका रस कंठ (गले) के नीचे उतार लीजिए और दानों को थूक देते हैं। ठीक आधा घंटे बाद आप देखेंगे कि आपके शरीर में गर्मी बढ़ गई। यह गर्मी पसीना लाने वाली गर्मी नहीं होती बल्कि यह पाचनक्रिया को सही करने वाली गर्मी होती है क्योंकि जब पाचन क्रिया में वृद्धि होगी तब भोजन समय से तथा ठीक प्रकार से पच जाएगा। इसके बाद रक्त में जो ऊर्जा पैदा होती है वह पूरे शरीर में फुर्तीलापन लाती है।

लगभग 3 ग्राम की मात्रा में साबुत सूखे धनिये को पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को ठंड़े पानी और मिश्री के साथ मिलाकर गर्मी के दिनों में पीने से पित्त के कारण होने वाले रोगों से छुटकारा मिल जाता है।
मौसमी का रस मस्तिष्क और जिगर को शक्ति तथा स्फूर्ति देता है। जटिल रोगों तथा बुखार में मौसमी का रस सेवन करने से रोगी कमजोर नहीं होता है। मौसमी को खाने से शरीर में से विषैले पदार्थ निकल जाते हैं। इसका नियमित रूप से सेवन करने से कब्ज, सिरदर्द, काम करने में मन न लगना, थोड़ा काम करने पर थक जाना, रात को नींद न आना आदि कष्ट दूर हो जाते हैं। मौसमी का रस दूध में मिलाकर छोटे बच्चों को पिलाना चाहिए।
लगभग 60 ग्राम मुनक्का को धोकर भिगो दें। 12 घण्टे के बाद भीगे हुए मुनक्के खाने से पेट के रोग दूर होते है और शरीर में खून और वीर्य बढ़ जाता है। मुनक्का की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाकर 200 ग्राम तक सेवन करने से लाभ मिलता हैं।
मुनक्का को गर्म पानी से धोकर रात को भिगो दें। प्रात: समय उसके पानी को पीलें तथा दानों को खालें। ऐसा रोजाना करने से शारीरिक कमजोरी दूर हो जाती हैं। खून और शक्ति उत्पन्न होती हैं। फेफड़ों को बल मिलता हैं।
रात को सोने से पहले लगभग 10 या 12 मुनक्का को धोकर पानी में भिगो दें। इसके बाद सुबह उठकर मुनक्का के बीजों को निकालकर मुनक्का को अच्छी तरह से चबाकर खाने से शरीर में खून बढ़ता है। इसके अलावा मुनक्का खाने से खून साफ होता है और नाक से बहने वाला खून भी बन्द हो जाता है। मुनक्का का सेवन 2 या 4 हफ्ते तक करना चाहिए।
मूंग के लड्डू खाने से भी शरीर में शक्ति बढ़ती हैं। मूंग को सेंककर आटा बना लें। आटे के बराबर घी लेकर, कड़ाही में धीमी आंच पर रखें और कलछी से हिलाते जाएं। जब आटा कुछ लाल हो जाए तब बीच-बीच में उसके ऊपर दूध छिड़कते जाएं। ऐसा करते-करते आटे की गांठे सी बन जाएं तब कड़ाही को चूल्हे से नीचे उतारकर उसमें शर्करा, बादाम, पिश्ते, इलायजी, लौंग और कालीमिर्च का चूर्ण डालकर लड्डू बना लें। मूंग के ये लड्डू शीतल, वीर्यवर्धक और वातशामक होते हैं।
साबुत मूंग को पानी मे उबालकर उस पानी को छान लें। फिर इस पानी में नमक और कालीमिर्च को स्वाद के अनुसार डालकर थोड़ी सी हींग भी डाल लें। यह पानी ऐसे रोगी जिन्हे रोग के कारण अन्न देना मना हो देना काफी लाभकारी रहता है।
गाजर में विटामिन `ई´ पर्याप्त मात्रा में होता है। इस कारण यह पुरुषों के लिए शक्तिवर्द्धक टानिक का काम करती है।
लगभग 250 ग्राम कच्ची गाजर खाने से और उसके ऊपर से लगभग 1 लीटर पानी पीने से ‘शरीर में शक्ति बढ़ती है और शरीर मजबूत होता है।

गाजर, पीपर, आंवला, चौलाई, इमली, सेब, मूली के पत्ते और संतरा खाने से शरीर में खून की वृद्धि होती है।
लगभग 125 मिलीलीटर की मात्रा में गाजर का रस रोजाना सुबह और शाम पीने से शरीर में होने वाले फोड़े-फुन्सियां ठीक हो जाते है। इसके अलावा शरीर का खून भी साफ होता है !

Sunday, October 19, 2014

USES OF HING (ASAFOETIDA)




हींग (अंग्रेजी: Asafoetida ) सौंफ़ की प्रजाति का एक ईरान मूल का पौधा है। कच्ची हींग का स्वाद लहसुन जैसा होता है, लेकिन जब इसे व्यंजन में पकाया जाता है तो यह उसके स्वाद को बढा़ देती है। इसे संस्कृत में 'हिङ्गु' कहा जाता है।

हींग एक पौधे का चिकना रस है जिसे निकालकर सुखा लिया जाता है। यह स्वाद और गंध में बहुत ही तीखी होती है। हींग भूख को बढ़ाती है, कफ और वात को खत्म करती है, सांस की बीमारी और खांसी का नाश करती है। आइए जानें कि हींग के और क्या-क्या फायदे हैं

कान में दर्द रहता है तो थोड़े सरसों के तेल में जरा-सी हींग डालकर अच्छी तरह गर्म कर लें, जब हल्का गर्म रह जाए तो छान कर, बूंद-बूंद करके कान में डालें। कफ के कारण उत्पन्न हुआ यह दर्द ठीक हो जाएगा।

पेट में गैस की समस्या है तो हींग को पानी में धोलकर नाभि के आसपास लेप करें। पेट की गैस निकल जाएगी। यह उपाय खासकर छोटे बच्चों के लिए बहुत ही कारगर साबित है।

भूनी हुई हींग में आधा से एक ग्राम, अजवाइन और काला नमक मिलाकर गर्म पानी के साथ लेने से पेट में गैस का बनना व ऊपर चढ़ना एकदम ठीक हो जाता है।

जुकाम में भी खूब कारगर है हींग का उपयोग। 1-1 ग्राम मात्र में हींग, सोंठ और मुलहठी को बारीक पीस लें। अब इसमें गुड़ या शहद मिलाकर छोटी-छोटी चने के आकार की गोलियां बना लें। 1-1 गोली सुबह और शाम चूसें, जुकाम ठीक हो जाएगा।

कफ नाक में जमा हो जाता है तो हींग के घोल को नाक से सूंधें। नाक में जमा हुआ कफ निकल जाएगा और उसकी बदबू भी दूर हो जाएगी।

मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द से परेशान रहती हैं? तो लगभग आधा ग्राम भूनी हुई हींग तीन दिन तक सुबह पानी के साथ लें। दर्द दूर हो जाएगा। यह प्रयोग मासिक धर्म शुरू होने वाले दिन से करें।

बच्चे को अगर गुदा मार्ग में कीड़े लगे हों तो, थोड़ा सा हींग पानी में धोलकर गुदा मार्ग पर लगाए। कीड़े नष्ट हो जाएंगे।

अगर पैर की एड़ियां फट गई हों, तो नीम के तेल में हींग डालकर उसे फटी जगह पर लगाएं। एड़ियां ठीक हो जाएंगी।

केले के गूदे में या गुड़ में बाजरे के दाने के बराबर हींग रखकर खाने से उल्टी आना, डकार आना और हिचकी आना बंद हो जाता है।

रोजाना दाल व सब्जियों में हींग का छौंक लगाने से पेट संबंधी रोग ठीक रहते हैं।

अगर जी मिचलाता हो तो 5 ग्राम भूनी हुई हींग, चार चम्मच अजवाइन, दस मुनक्का और थोड़ा सा काला नमक लेकर पींस लें। 

चौथाई चौथाई चम्मच दिन में तीन बार लें। जी मिचलाना ठीक हो जाएगा।

दांत में दर्द ठीक करना हो तो अफीम और हींग का फोहा दर्द वाली जगह पर रखें, आराम मिलेगा।

दांतों में कीड़ा लग जाने पर रात्रि को दांत में हींग दबाकर सोएं। कीड़े खुद-ब-खुद निकल जाएंगे। 

 यदि शरीर के किसी हिस्से में कांटा चुभ गया हो तो उस स्थान पर हींग का घोल भर दें। कुछ समय में कांटा स्वतः निकल आएगा।

 हींग में रोग-प्रतिरोधक क्षमता होती है। दाद, खाज, खुजली व अन्य चर्म रोगों में इसको पानी में घिसकर उन स्थानों पर लगाने से लाभ होता है।

 हींग का लेप बवासीर, तिल्ली व उदरशोथ में लाभप्रद है।

 कब्जियत की शिकायत होने पर हींग के चूर्ण में थोड़ा सा मीठा सोड़ा मिलाकर रात्रि को फांक लें, सबेरे शौच साफ होगा।

 पेट के दर्द, अफारे, ऐंठन आदि में अजवाइन और नमक के साथ हींग का सेवन करें तो लाभ होगा।

 पेट में कीड़े हो जाने पर हींग को पानी में घोलकर एनिमा लेने से पेट के कीड़े शीघ्र निकल आते हैं।

 जख्म यदि कुछ समय तक खुला रहे तो उसमें छोटे-छोटे रोगाणु पनप जाते हैं। जख्म पर हींग का चूर्ण डालने से रोगाणु नष्ट हो जाते हैं।

 प्रतिदिन के भोजन में दाल, कढ़ी व कुछ सब्जियों में हींग का उपयोग करने से भोजन को पचाने में सहायक होती है।

STOP HAIR FALLING AND GROW HAIRS


     


1- घी खाएं और बालों के जड़ों में घी मालिश करें।
2- गेहूं के जवारे का रस पीने से भी बाल कुछ समय बाद काले हो जाते हैं।
3- तुरई या तरोई  के टुकड़े कर उसे धूप मे सूखा कर कूट लें। फिर कूटे हुए मिश्रण में इतना नारियल तेल डालें कि वह डूब जाएं। इस तरह चार दिन तक उसे तेल में डूबोकर रखें फिर उबालें और छान कर बोतल भर लें। इस तेल की मालिश करें। बाल काले होंगे।
4- नींबू के रस से सिर में मालिश करने से बालों का पकना, गिरना दूर हो जाता है। नींबू के रस में पिसा हुआ सूखा आंवला मिलाकर सफेद बालों पर लेप करने से बाल काले होते हैं।
5- बर्रे(पीली) का वह छत्ता जिसकी मक्खियाँ उड़ चुकी हो 25 ग्राम, 10-15 देसी गुड़हल के पत्ते,1/2 लीटर नारियल तेल में मंद मंद आग पर उबालें सिकते-सिकते जब छत्ता काला हो जाये तो तेल को अग्नि से हटा दें. ठंडा हो जाने पर छान कर तेल को शीशी में भर लें. प्रतिदिन सिर पर इसकी हल्के हाथ से मालिश करने से बाल उग जाते हैं और गंजापन दूर होता है.
6- कुछ दिनों तक, नहाने से पहले रोजाना सिर में प्याज का पेस्ट लगाएं। बाल सफेद से काले होने लगेंगे। 
7- नीबू के रस में आंवला पाउडर मिलाकर सिर पर लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं। 
 8- तिल का तेल भी बालों को काला करने में कारगर है। 
9- आधा कप दही में चुटकी भर काली मिर्च और चम्मच भर नींबू रस मिलाकर बालों में लगाए। 15 मिनट बाद बाल धो लें। बाल सफेद से काले होने लगेंगे।
10- नीम का पेस्ट सिर में कुछ देर लगाए रखें। फिर बाल धो लें। बाल झड़ना बंद हो जाएगा।
11- चाय पत्ती के उबले पानी से बाल धोएं। बाल कम गिरेंगे। 
12- बेसन मिला दूध या दही के घोल से बालों को धोएं। फायदा होगा। 
13- दस मिनट का कच्चे पपीता का पेस्ट सिर में लगाएं। बाल नहीं झड़ेंगे और डेंड्रफ (रूसी) भी नहीं होगी। 
14- 250 ग्राम अमरबेल को लगभग 3 लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाये तो इसे उतार लें। सुबह इससे बालों को धोयें। इससे बाल लंबे होते हैं।
15- त्रिफला के 2 से 6 ग्राम चूर्ण में लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग लौह भस्म मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से बालों का झड़ना बन्द हो जाता है।
16- 50 ग्राम कलौंजी 1 लीटर पानी में उबाल लें। इस उबले हुए पानी से बालों को धोएं। इससे बाल 1 महीने में ही काफी लंबे हो जाते हैं।
17- नीम और बेर के पत्तो को पानी के साथ पीसकर सिर पर लगा लें और इसके 2-3 घण्टों के बाद बालों को धो डालें। इससे बालों का झड़ना कम हो जाता है और बाल लंबे भी होते हैं।
18- लहसुन का रस निकालकर सिर में लगाने से बाल उग आते हैं।
19- सीताफल के बीज और बेर के बीज के पत्ते बराबर मात्रा में लेकर पीसकर बालों की जड़ों में लगाएं। ऐसा करने से बाल लंबे हो जाते हैं।
20- 10 ग्राम आम की गिरी को आंवले के रस में पीसकर बालों में लगाना चाहिए। इससे बाल लंबे और घुंघराले हो जाते हैं।
21- शिकाकाई और सूखे आंवले को 25-25 ग्राम लेकर थोड़ा-सा कूटकर इसके टुकड़े कर लें। इन टुकड़ों को 500 ग्राम पानी में रात को डालकर भिगो दें। सुबह इस पानी को कपड़े के साथ मसलकर छान लें और इससे सिर की मालिश करें। 10-20 मिनट बाद नहा लें। इस तरह शिकाकाई और आंवलों के पानी से सिर को धोकर और बालों के
सूखने पर नारियल का तेल लगाने से बाल लंबे, मुलायम और चमकदार बन जाते हैं। 20- ककड़ी में सिलिकन और सल्फर अधिक मात्रा में होता है जो बालों को बढ़ाते हैं। ककड़ी के रस से बालों को धोने से तथा ककड़ी, गाजर और पालक सबको मिलाकर रस पीने से बाल बढ़ते हैं। यदि यह सब उपलब्ध न हो तो जो भी मिले उसका रस मिलाकर पी लें। इस प्रयोग से नाखून गिरना भी बन्द हो जाता है।
22- कपूर कचरी 100 ग्राम, नागरमोथा 100 ग्राम, कपूर तथा रीठे के फल की गिरी 40-40 ग्राम, शिकाकाई 250 ग्राम और आंवले 200 ग्राम की मात्रा में लेकर सभी का चूर्ण तैयार कर लें। इस मिश्रण के 50 ग्राम चूर्ण में पानी मिलाकर लुग्दी(लेप) बनाकर बालों में लगाना चाहिए। इसके पश्चात् बालों को गरम पानी से खूब साफ कर लें। इससे सिर के अन्दर की जूं-लींकें मर जाती हैं और बाल मुलायम हो जाते हैं।
23- गुड़हल के फूलों के रस को निकालकर सिर में डालने से बाल बढ़ते हैं। 
24- गुड़हल के ताजे फूलों के रस में जैतून का तेल बराबर मिलाकर आग पर पकायें, जब जल का अंश उड़ जाये तो इसे शीशी में भरकर रख लें। रोजाना नहाने के बाद इसे बालों की जड़ों में मल-मलकर लगाना चाहिए। इससे बाल चमकीले होकर लंबे हो जाते हैं।
25- बालों को छोटा करके उस स्थान पर जहां पर बाल न हों भांगरा के पत्तों के रस से मालिश करने से कुछ ही दिनों में अच्छे काले बाल निकलते हैं जिनके बाल टूटते हैं या दो मुंहे हो जाते हैं।
26- त्रिफला के चूर्ण को भांगरा के रस में 3 उबाल देकर अच्छी तरह से सुखाकर खरल यानी पीसकर रख लें। इसे प्रतिदिन सुबह के समय लगभग 2 ग्राम तक सेवन करने से बालों का सफेद होना बन्द जाता है तथा इससे आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।
27- आंवलों का मोटा चूर्ण करके, चीनी के मिट्टी के प्याले में रखकर ऊपर से भांगरा का इतना डाले कि आंवले उसमें डूब जाएं। फिर इसे खरलकर सुखा लेते हैं। इसी प्रकार 7 भावनाएं (उबाल) देकर सुखा लेते हैं। प्रतिदिन 3 ग्राम की मात्रा में ताजे पानी के साथ सेवन से करने से असमय ही बालों का सफेद होना बन्द जाताहै। यह आंखों की रोशनी को बढ़ाने वाला, उम्र को बढ़ाने वाला लाभकारी योग है।
28- भांगरा, त्रिफला, अनन्तमूल और आम की गुठली का मिश्रण तथा 10 ग्राम मण्डूर कल्क व आधा किलो तेल को एक लीटर पानी के साथ पकायें। जब केवल तेल शेष बचे तो इसे छानकर रख लें। इसके प्रयोग से बालों के सभी प्रकार के रोग मिट जाते हैं।

INCREASE LENGTH AND POWER OF YOUR PANIS




लिंग की सामान्य आकार ...... 
किसी सामान्य पुरुष मे जब लिंग सिकुड़ा हुआ होता है तो 3 से 3.5 इंच लंबा होता है ॥ और जब लिंग उत्तेजित होता है तब उसकी औसतन लम्बाई 5 से 6 इंच तक होती है ॥ यदि किसी सामान्य पुरुष के लिंग का आकार (उत्तेजित अवस्था मे 5 -6 इंच ) है तो उसे औषधि सेवन की कोई जरूरत नहीं ,,5 या 6 इंच से कम हो तो नीचे दी हुई औषधि मे से कोई भी दिन मे 2 बार 1 महीने के लिए ले ॥


1- शहद मे सूअर की चर्बी मिला कर 1 माह तक लिंग मे लेप करने से लिंग दीर्घ होता है ॥

2- देशी घी मे सफ़ेद मूसली को मिलकर लिंग मे लेप करे ,,तो लाभ होता है ॥

3- पीपल की छाल का चूर्ण ,सेंधा नमक ,दूध ,मिश्री को समभाग मिलाकर लिंग मे लेप करने से लाभ होता है ॥

4- दाल चीनी का तेल + जैतून का तेल समभाग मात्रा मे मिलाकर रोज लिंग पर मालिश करे ,, लाभ होगा ॥

5- लौंग का तेल + तिल का तेल समभाग मात्रा मे मिलकर रोज लिंग पर मालिश करे ,, लाभ होगा ॥

HOW TO INCREASE YOUR MEMORY....!




आजकल अच्छा खान पान न होने की वजह से याददाश्त का कमजोर होना एक आम समस्या बन गई है। हर आदमी अपनी भूलने की आदत से परेशान है लेकिन अब आपको परेशान हो की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आयुर्वेद में इस बीमारी को दूर करने के सरलतम उपाय बताए हैं।
- भोजन में कम शर्करा वाले पदार्थ उपयोगी होते हैं। पेय पदार्थों में भी कम चीनी का प्रयोग करना चाहिये। इन्सुलिन  हमारे दिमाग को तेज और धारदार बनाये रखने में महती भूमिका रखता है। इसके लिये मछली बहुत अच्छा भोजन है।

- दालचीनी का पावडर बनालें। 10 ग्राम पावडर शहद में मिलाकर चाटलें। कमजोर दिमाग की अच्छी दवा है।
- धनिये का पावडर दो चम्मच शहद में मिलाकर लेने से स्मरण शक्ति बढतीहै।
- सात दाने बादाम के रात को भिगोकर सुबह छिलका उतार कर बारीक पीस लें । इस पेस्ट को करीब 250 ग्राम दूध में डालकर तीन उबाल लगाऐं। इसके बाद इसे नीचे उतार कर एक चम्मच घी और दो चम्मच शक्कर मिलाकर ठंडाकर पीऐं। 15 से 20 दिन तक इस विधि को करने से याददाश्त तेज होती है।

- भीगे हुए बादाम को काली मिर्च के साथ पीस लें या ऐसे ही खूब चबा-चबाकर खाऐं और ऊपर से गुनगुना दूध पी लें।

- एक चाय का चम्मच शंखपुष्पी का चूर्ण दूध या मिश्री के साथ रोजाना तीन से चार हफ्ते तक लें।

-  अखरोट  जिसे अंग्रेजी में वालनट कहते हैं स्मरण शक्ति बढाने में सहायक है। नियमित उपयोग हितकर है। 20 ग्राम वालनट और साथ में 10 ग्राम किशमिस लेना चाहिये।

- रोज एक सेवफल खाएं।

Friday, October 10, 2014

IMPORTANT THINGS IN YOUR LIFE

Must read vry useful:

😴😀 SOMETHING YOU
MIGHT HAVE NOT
KNOWN And NEED
TO KNOW !!

🐜 Ants Problem:
Ants hate Cucumbers.
"KEEP the skin of
Cucumbers near the
Place where they are
or at Ant Hole.

To Get Pure & Clean
Ice :
"Boil Water first
before placing in the
Freezer"

To make the Mirror
Shine:
"Clean with Sprite"

To remove Chewing
Gum from Clothes:
"Keep the Cloth in
the Freezer for One
Hour"

💭 To Whiten White
Clothes:
"Soak White Clothes
in hot water with a
Slice of Lemon for 10
Minutes"

To give a Shine to
your Hair:
"Add one Teaspoon
of Vinegar to Hair,
then wash Hair"

🍋 To get maximum
Juice out of Lemons:
"Soak Lemons in Hot
Water for One Hour,
and then juice them"

To avoid smell of
Cabbage while
cooking:
"Keep a piece of
Bread on the
Cabbage in the
Vessel while cooking"

To remove Ink from
Clothes:
"Put Toothpaste 🍥
on the Ink Spots
generously and let it
dry completely, then
wash"

🐀 To get rid of Mice or
Rats:
"Sprinkle Black
Pepper in places
where you find Mice &
Rats. They will run
away"

Take Water Before
Bedtime..
"About 90% of Heart
Attacks occur Early in
the Morning & it can
be reduced if one
takes a Glass or two
of Water before going
to bed at Night"

We Know Water is
important but never
knew about the
Special Times one
has to drink it.. !!

Did you ???

Drinking Water at the
Right Time ⏰
Maximizes its
effectiveness on the
Human Body;

⃣ 1 Glass of Water
after waking up -
⛅ helps to
activate internal
organs..

⃣ 1 Glass of Water
30 Minutes 🕧
before a Meal -
helps digestion..

⃣ 1 Glass of Water
before taking a
Bath 🚿 - helps
lower your blood
pressure.

⃣ 1 Glass of Water
before going to
Bed - avoids
Stroke or Heart
Attack.

Tuesday, October 7, 2014

HOW TO STOP HAIR FALLING ...?

बालों को झडऩे से रोकने के लिए कुछ खास नुस्खे..
बालों का झडऩा ऐसी समस्या है, जो किसी को भी तनाव में डाल सकती है। आज हर दूसरेव्यक्ति को बालों की समस्या से जूझना पड़ता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो नीचे दिए आयुर्वेदिक नुस्खे एक बार जरूर अपनाएं।
- नारियल के तेल में कपूर मिलाएं और यह तेल अच्छी तरह बालों में तथा सिर पर लगाएं। कुछ ही दिनों डेंड्रफ की समस्या से राहत मिलेगी।
- सामान्यत: सभी के यहां शहद आसानी से मिल जाता है। शहद के औषधीय गुण सभी जानते हैं। शहद की तासीर ठंडी होती है और यह कई बीमारियों को दूर करने में सक्षम है। शहद से बालों का झडऩा भी रोका जा सकता है।
- बाल झड़ते हैं तो गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनीपाउडर का पेस्ट बनाएं। नहाने से पहले इस पेस्ट को सिर पर लगा लें। 15 मिनट बाद बाल गरम पानी से सिर को धोएं। ऐसा करने पर कुछ ही दिनों बालों के झडऩे की समस्या दूर हो जाएगी।
-दालचीनी और शहद के मिश्रण काफी कारगर रहता है। आयुर्वेद के अनुसार इनके मिश्रण से कई बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। त्वचा और शरीर को चमकदार और स्वस्थ बनाए रखने के लिए इनका उपयोग करना चाहिए।
- नियमित रूप से नारियल पानी पीएं। अमरबेल को नारियल तेल में उबालकर बालों में लगाएं।
- अमरबेल डालकर नहाने के लिए पानी उबाले और उसे उबालकर एक चौथाई करके सिर में डालें।
- अगर आप नशीले पदार्थों का सेवन या धुम्रपान करते हैं तो बंद कर दें। बाल झडऩा जल्द ही कम हो जाएंगे।
- अधिक से अधिक पानी पीएं और चाय व कॉफी का सेवन कम कर दें।
- आयुर्वेद में बालों की मालिश को आवश्यक माना गया है। ऐसे में नारियल तेल या बादाम के तेल से सिर की अच्छी तरह से मालिश करनी चाहिए।
- सरसो के तेल में मेहंदी की पत्तियां डालकर गर्म करें। ठंडा कर के बालों में लगाएं, इससे बालों का झडऩा रूक जाएगा।

HOW TO REMOVE YOUR BLACKNES......?

घर बैठे गोरी त्वचा पाने के लिए उपयोगी टिप्स:-
 इस लेख को पढ़ें और गोरी त्वचा पाने के घरेलू उपाय जानें।
सच तो यह है कि रंगत केवल एक ही रात में नही बदली जा सकती इसमें समय लगता है। अगर आप भी अपनी रंगत को गोरा करना चाहते है तो घर में उपलब्‍ध चीजों की सहायता से ऐसा किया जा सकता है।
आइए जानें घरेलू उपायों के बारें में-
एक बाल्टी गुनगुने पानी में कुछ ठण्डे या दो नींबू का रस मिलाकर गर्मियों में कुछ महीने तक नहाने से त्वचा का रंग निखरने लगता है।
आंवले का मुरब्बा रोज खाने से दो-तीन महीने में ही रंग निखरने लगता है।
गाजर का जूस आधा गिलास खाली पेट सुबह लेने से एक महीने में रंग निखरने लगता है।
डॉक्टर अंकल के अधिक घरेलू नुस्खों की जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करेँ।
पेट को हमेशा ठीक रखें, कब्ज न रहने दें।
अधिक से अधिक पानी पीएं।
चाय कॉफी का सेवन कम करें।
रोजाना सुबह शाम खाना खाने के बाद थोड़ी मात्रा में सोंफ खाने से खून साफ होने लगता है और त्वचा की रंगत बदलने लगती है।
गोरी त्वचा पाने के घरेलू उबटन
इन सब उपायों के अलावा आप विभिन्न प्रकार के घरेलू उबटन लगा कर भी अपनी त्वचा की रंगत निखारी जा सकती है।


हल्दी पैक

त्वचा की रंगत को निखारने के लिए हल्दी एक अच्छा तरीका है। पेस्ट बनाने के लिए हल्दी और बेसन या फिर आटे का प्रयोग करें। हल्दी में ताजी मलाई, दूध और आटा मिला कर गाढा पेस्ट बनाएं, इस पेस्ट को अपने चेहरे पर 10 मिनट लगाएं और ठंडे पानी से धो लें।


हनी आल्मड स्क्रब
बादाम भी रंगत निखारने का काम करता है। रात को 10 बादाम पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उसे छील कर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट में थोड़ा सा शहद मिलाएं और इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर लगाकर स्क्रब करें।


चंदन
गोरी रंगत देने के अलावा यह एलर्जी और पिंपल को भी दूर करता है। पेस्ट बनाने के लिए चंदन पाउडर में 1 चम्मच नींबू और टमाटर का रस मिलाएं और पेस्ट को अपने चेहरे और गर्दन में अच्छी तरह से लगाकर थोड़ी देर बाद ठंडे पानी से धो लें।
केसर पैक
उबटन बनाने के लिए आपको दही और क्रीम में थोड़ा सा केसर मिला लें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं। सूखने के बाद इसे धो लें। केसर के इस उबटन से भी कुछ दिन में आपकी त्वचा गोरी होने लगेगी।


चिरौंजी का पैक
गोरी रंगत के लिए मजीठ, हल्दी, चिरौंजी का पाउडर लें इसमें थोड़ा सा शहद, नींबू और गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे, गरदन, बांहों पर लगाएं और एक घंटे के बाद चेहरा धो दें। ऐसा सप्ताह में दो बार करने से चेहरे का रंग निखर जाएगा।


मसूर दाल पैक
मसूर की दाल का पाउडर लें इसमें अंडे की जर्दी, नीबू का रस व कच्चा दूध मिलाकर पेस्ट बना लें। रोज इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं, सूखने पर ठंडे पानी से धो लें। चेहरे का रंग निखर जाएगा।


बेसन का उबटन
बेसन 2 चम्मच, सरसों का तेल 1 चम्मच और थोड़ा सा दूध मिला कर पेस्ट बना लें। पूरे शरीर पर इस उबटन को लगा लें। कुछ देर बाद हाथ से रगड कर छुडाएं और स्नान करें। त्वचा गोरी व मुलायम हो जाएगी।


इन सब घरेलू उपायों को अपना कर आप कुछ ही दिनों में स्वस्थ, सुंदर, चमकदार और गोरी त्वचा पा सकती है। लेकिन कोई भी नुस्खा आजमाने से पहले अपनी त्वचा के प्रकार को जांच लें