Wednesday, December 17, 2014

HEART ATTACK- AYURVEDIC TREATMENT

अब पढ़िए उसका आयुर्वेदिक इलाज।
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अदरक (ginger juice) - यह खून को पतला करता है।
यह दर्द को प्राकृतिक तरीके से 90% तक कम करता हें।
लहसुन (garlic juice) - इसमें मौजूद allicin तत्व cholesterol व BP को कम करता है।
वह हार्ट ब्लॉकेज को खोलता है।
नींबू (lemon juice) - इसमें मौजूद antioxidants, vitamin C व potassium खून को साफ़ करते हैं।

ये रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) बढ़ाते हैं।

एप्पल साइडर सिरका ( apple cider vinegar) -
इसमें 90 प्रकार के तत्व हैं जो शरीर की सारी नसों को खोलते है, पेट साफ़ करते हैं व थकान को मिटाते हैं।
इन देशी दवाओं को इस तरह उपयोग में लेवें :-


एक कप नींबू का रस लें;
एक कप अदरक का रस लें;
एक कप लहसुन का रस लें;
एक कप एप्पल का सिरका लें;
चारों को मिला कर धीमीं आंच पर गरम करें जब 3 कप रह जाए तो उसे ठण्डा कर लें;
उसमें 3 कप शहद मिला लें

रोज इस दवा के 3 चम्मच सुबह खाली पेट लें जिससे
सारी ब्लॉकेज खत्म हो जाएंगी।

OBESITY- HOW TO REMOVE

मोटापा कैसे घटाएं

भोजन में गेहूं के आटे की चपाती लेना बन्द करके जौ-चने के आटे की चपाती लेना शुरू कर दें। इसका अनुपात है 10 किलो चना व 2 किलो जौ। इन्हें मिलाकर पिसवा लें और इसी आटे की चपाती खाएं। इससे सिर्फ पेट और कमर ही नहीं सारे शरीर का मोटापा कम हो जाएगा।
प्रातः एक गिलास ठंडे पानी में 2 चम्मच शहद घोलकर पीने से भी कुछ दिनों में मोटापा कम होने लगता है।
दुबले होने के लिए दूध और शुद्ध घी का सेवन करना बन्द न करें। वरना शरीर में कमजोरी, रूखापन, वातविकार, जोड़ों में दर्द, गैस ट्रबल आदि होने की शिकायतें पैदा होने लगेंगी।
पेट व कमर का आकार कम करने के लिए सुबह उठने के बाद या रात को सोने से पहले नाभि के ऊपर के उदर भाग को 'बफारे की भाप' से सेंक करना चाहिए।

मोटापे का इलाज
एक तपेली पानी में एक मुट्ठी अजवायन और एक चम्मच नमक डालकर उबलने रख दें। जब भाप उठने लगे, तब इस पर जाली या आटा छानने की छन्नी रख दें। दो छोटे नैपकिन या कपड़े ठण्डे पानी में गीले कर निचोड़ लें और तह करके एक-एक कर जाली पर रख गरम करें और पेट पर रखकर सेंकें। प्रतिदिन 10 मिनट सेंक करना पर्याप्त है। कुछ दिनो में पेट का आकार घटने लगेगा।
सुबह उठकर शौच से निवृत्त होने के बाद निम्नलिखित आसनों का अभ्यास करें या प्रातः 2-3 किलोमीटर तक घूमने के लिए जाया करें। दोनों में से जो उपाय करने की सुविधा हो सो करें।
भुजंगासन, शलभासन, उत्तानपादासन, सर्वागासऩ, हलासन, सूर्य नमस्कार। इनमें शुरू के पांच आसनों में 2-2 मिनट और सूर्य नमस्कार पांच बार करें तो पांच मिनट यानी कुल 15 मिनट लगेंगे।

Retard (BUDDIHEEN)- HOW TO REMOVE

मंदबुद्धि (बृद्धिहीन):- अशोक की छाल और ब्राह्मी का चूर्ण बराबर की मात्रा में मिलाकर 1-1 चम्मच सुबह-शाम एक कप दूध के साथ नियमित रूप से कुछ माह तक सेवन करें। इससे बुद्धि का विकास होता है।


Retard (briddhihin):-Ashok bark and large amounts of powder equivalent of brahmi 1-1 tablespoon in the morning-evening regularly with a cup of milk to drink a few months. This is the evolution of intelligence.

LIVE HEALTHY AND HAPPY

आजीवन स्वस्थ रहने के खास नुस्के -----

(१)खड़े -खड़े पानी पीने से घुटनों में दर्द की बीमारी होती है इसलिए खाना पीना बैठ कर करना चाहिए .
(२)नक्क्सीर आने पर तुरंत नाक में देशी घी लगाना चाहिए ,नाक से खून आना तुरंत बंद हो जाता है
(३)बच्चों को पेशाब ना उतारे तो स्नान घर में ले जाकर टूटी खोल दें पानी गिराने की आवाज़ सुनकर
बच्चे का पेशाब उतर जायेगा
(४)बस में उलटी आती हो तो सीट पर अखबार रखकर बैठने से ,उलटी नहीं आती

 
(५)कद बढ़ाने के लिए अश्वगंधा व मिश्री बराबर मात्र में चूरन बना कर १ चम्मच भोजन के बाद लें


(६)बाल गिरने लगें हों तो १००ग्राम नारियल तेल में १०ग्राम देशी कपूर मिलाकर जड़ों में लगायें
(७)सर में खोरा हो ,शरीर पर सूखी खुजली हो तो भी इसी तेल को लगाने से लाभ मिलता है
(८)दिन में दो बार खाना ,तो दो बार शौच भी जाना चाहिए ,क्योंकि "रुकावट" ही रोग होता है


(९)आधा सर दर्द होने पर,दर्द होने वाली साईड की नाक में २-३ बूँद सरसों का तेल जोर से सूंघ लें

 
(१०)जुकाम होने पर सुहागे का फूला १ चम्मच ,गर्म पानी में घोल कर पी लें १५ मिनट में जुकाम गायब

 
(११)चहरे को सुन्दर बनाने के लिए १चम्म्च दही में २ बूंद शहद मिला कर लगायें १० मिनट बाद धो लें
(१२)इसी नुसखे को पैरो की बिवाईयों में भी प्रयोग कर सकतें हैं ,लाभ होगा

 
(१३)हाई बी.पी. ठीक करने के लिए १ चम्मच प्याज़ का रस में १ चम्मच शहद मिलाकर चाटें (सुगर के रोगी भी
ले सकतें हैं)
(१४)लो बी.पी.ठीक करने के लिए ३२ दाने किसमिस के रात को कांच के गिलास में भिगो दें सुबह १-१ दाना चबा-चबा कर खाएं (रोज़ ३२ दाने खाने हैं ३२ दिनों तक)

 
(१५)कब्ज़ ठीक करने के लिए अमलताश की फली (२ इंच)का काढ़ा बनाकर शाम को भोजन के बाद पियें
(१६)कमर में दर्द होने पर १०० ग्राम खसखस में १०० ग्राम मिश्री मिला कर चूर्ण बनायें,भोजन के बाद १ चम्मच गर्म दूध से लें
(१७)सर चक्कर आने पर १ चम्मच धनियाँ चूर्ण में १ चम्मच आंवला चूर्ण मिलाकर ठन्डे पानी से लें
(१८)दांतों में दर्द होने पर १ चुटकी हल्दी ,१ चुटकी काला नमक ,५ बूंद सरसों तेल मिलाकर लगायें
(१९)टौंसिल होने पर अमलताश की फली के काढ़े से गरारे करें ,ठीक हो जायेगें
(२०)ऍम.सी.के दिनों में १चम्मच अजवायन का काढ़ा ३-४ दिन पीयें ,इससे सम्बंधित सभी तकलीफों से रहत मिलेगी

HOW TO INCREASE YOUR HEIGHT

आयुर्वेदिक तरीके से कैसे बढाएं हाइट
आज दुनिया में ऐसे कितने ही लोग हैं, जिनकी हाइट कम है, जिनके शरीर में ठीक से पोषण नहीं पहुंचता और उनका हार्मोन ठीक प्रकार से विकसित नहीं हुआ होता है। अगर शरीर का हार्मोन विकसित नहीं हुआ है तो, आपका शरीर कभी भी ठीक से फल-फूल नहीं पाएगा। आज हम आपको हाइट बढाने और कर्वी फिगर पाने का एक असरदार आयुर्वेदिक तरीका बताएंगे।
सामग्री-
अश्‍वगंधा की जड़
चीनी
दूध


विधि-
थोड़ी सी मात्रा में अश्‍वगंधा की साफ जडे़ लें
उसका पाउडर बना लें
फिर उसमें पाउर वाली चीनी ठीक उतनी ही मात्रा में मिलाएं जितनी मात्रा मे अश्‍वगंधा मिलाई गई हो अब इस मिश्रण को अच्‍छे से मिक्‍स कर के किसी खाली शीशी में भर कर रख लें।

उपचार की विधि-
इस मिश्रण का 2 चम्‍मच लें और उसे 1 गिलास दूध में मिक्‍स कर के रात में सोने से पहले पियें ऐसा 45 दिनों तक रोज करें, ऐसा करने से आपका शरीर सुडौल भी बनेगा। इस उपचार से आपको कमजोरी, सिरदर्द और कमरदर्द से राहत मिलेगी सावधानियां- वे लोग जिनका शरीर गर्म रहा है, उन्‍हें इसे लेने से पहले डॉक्‍टर से पूछना चाहिये इसे कम से कम 45 दिनों तक लें। इस मिश्रण का सेवन करते समय फास्‍ट फूड या जंक फूड का सेवन कम से कम करें। इस उपचार के लिये गाय का दूध ज्‍यादा अच्‍छा रहता है।

HOW TO MAKE YOUR CHILD GOOD AND INTELLEGENT BEFORE HIS/HER BIRTH

नियोजन मे क्या करना होगा? सबसे पहला नियोजन संयम पालना पड़ेगा. ज़्यादा समय ब्रह्मचर्या का पालन करना. स्त्री के लिए संयम रखना बहुत सरल है, पुरुषों के लिए कठिन है. साल मे एक या 2 बार ही संसर्ग करें, या फिर महीने मे बस एक बार ही पत्नी के साथ समागम हो. इसके लिए संकल्प मजबूत रहना चाहिए, और वो मजबूत करने के लिए अदरक काम आएगा, अदरक मुँह मे रख कर चूसते रहें. ये अदरक हर तरह का संकल्प मजबूत करने मे सहायता करता है.
2. नियमित रूप से जीवन मे चूना का सेवन करना, दोनो स्त्री पुरुष चूना खाएँ.
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- चूना 1 व्यक्ति दिन मे बस 1 ग्राम तक ही खाए, दूध छोड़ कर किसी भी तरल पदार्थ मे घोल कर पीना है, पान वाला चूना. जैसे पानी, दही, जूस दाल आदि.
नोट: पथरी के रोगी के लिए चूना वर्जित है.

3. ख़ान पान का ध्यान रखना.
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- राणा प्रताप, शिवा जी जैसे बच्चे चाहिए तो सात्विक भोजन करें स्त्री पुरुष. माँस, मछ्ली, अंडा, शराब सिगरेट सब वर्जित. शाकाहारी जीवन.
- शाकाहारी भोजन मे कुछ चीज़ें अवश्य हों, जैसे देशी गाय का दूध, दही, मक्खन, घी, ये सब अधिक उपयोग करना. मक्खन के साथ मिश्री ज़रूर खाएँ नियमित रूप से. मात्रा: 25 ग्राम मक्खन के साथ 10 ग्राम मिश्री.
- तिल, मूँग की दाल, मसूर की दाल, सीज़न वाले फल, जैसे गर्मी मे आम. नियमित रूप से खाना है ये सब
- फल कभी भी भोजन के साथ नही खाना अलग से खाना फल. खाने के 2-3 घंटे बाद फल खाना, या फिर सुबहा फल का ही नाश्ता करें, रात मे फल नही खाना.

4. शारीरिक श्रम नियमित रूप से करें दोनो पति पत्नी.
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- शारीरिक श्रम करें दोनो पति पत्नी. महिलाएँ ऐसा श्रम करें जिसमे गर्भाशय का मूव्मेंट हो. चटनी बनाना, कपड़े धोना, रोटी बनाना, ये सब काम हाथ से ही करें. चाकी चलाना सबसे अच्छा है, दिन मे बस 15 मिनिट. सबसे अच्छी संतान होगी.
- पुरुषों के लिए शरीर श्रम: नागर चलाना, नागार नही चला सकते तो, सीढ़ियाँ चढ़ना और उतरना. या फिर ज़्यादा पैदल चलना.

5. संतान का रंग साफ पाने के लिए.
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- वैसे तो व्यक्ति को उसके कर्मो से जानना चाहिए रंग रूप से नहीं !फिर भी जो लोग अपनी संतान का रंग साफ चाहते हैं, वो दोनो पति पत्नी हल्दी का दूध पीएँ, रात्रि को दूध मे हल्दी मिला कर पीएँ, संतान का रंग दोनो माता पिता से साफ होगा.

6. संतान खूब तेज बुद्धि वाली हो इसके लिए:
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- दही चूना मिला कर खाते रहना; देशी गाय का दूध लो, उसका दही जमाना चाँदी के बर्तन मे सुबह खाली पेट उसमे चूना मिला कर खाना, दोनो पति पत्नी. चूना वैसे ही लेना है प्रति व्यक्ति 1 ग्राम या गेहू के 1 दाने के बराबर. नोट: पथरी के रोगियों के लिए चूना वर्जित है ध्यान रहे.

7. तेजस्वी संताप प्राप्ति हेतु समागम करने के लिए आदर्श दिन:
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- पत्नी का मासिक शुरू होने वाले दिन से 10 दिन बाद और 18 दिन पहले, इस बीच का जो 7 दिन है वो संतान प्राप्ति के लिए सबसे अच्छा समय है. तेजस्वी और गुणी संतान होगी.
- इसमे 2 तरह के दिन आएँगे सम और विशॅम; जैसे 10 सम, 11 विषम, 12 सम, 13 विषम…. आदि; यदि सम दिन मे समागम करेंगे तो 99% पुत्र होगा, और विषम वाले दिन संसर्ग करेंगे तो पुत्री होगी. महिलाओं मे X और X गुण सूत्र होते हैं, और पुरुषों मे X और Y होते हैं, सम वाले दिन, Y अधिक सक्रिय हो जाता है, तब Y और X मिल कर पुत्र होते हैं, विषम दिन X सक्रिय होता है तो X और X मिल कर पुत्री होती है.
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8. शुकलपक्ष के दिनो मे समागम करने से पुत्र या पुत्री 99% प्रतापी, तेजस्वी, लड़ने भिड़ने वाले होंगे, कृष्नपक्ष मे अच्छे साहित्यकार, वैग्यानिक, डॉक्टर्स, इंजिनीयर्स, सीए होंगे.
- छत्रपति शिवाजी, राणा प्रताप, भगत सिंग, उधम सिंग, आज़ाद. ये सब शुकलपक्ष वाले हैं. शुकलपक्ष माने चंद्रमा लगातार बढ़ता हुआ होता है.
- न्यूटेन, गगदीश चंद्रा खुराना, जगदीश चंद्र बोस आदि, सब कृष्नपक्ष वाले हैं.
- चंद्रमा के शरीर पर पड़ने वाली ऊर्जा का सब चक्कर है, आप जानते हैं कृष्णपाक्ष मे चंद्रमा नही होता और शुकलपक्ष मे चंद्रमा बहुत तीव्र होता है. चंद्रमा का प्रकाश अपना नही है. वो सूर्य से आता है, शुकलपक्ष मे सूर्य की तीव्रता है, तो सूर्य का तेज आता है संतानों मे.
- कृष्णपाक्ष मे सूर्य का प्रताप नही है तो वो दिमाग़ वाली संतान होंगी.

- अगर आप 2 बच्चे कर रहे हैं तो इस प्रकार नियोजन करें की एक संतान शुकलपक्ष की और एक संतान कृष्णपाक्ष की.
9. मंदबुद्धि बच्चे कहाँ से आते हैं?
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- ये बच्चे उन माता पिता के हैं जिनके शरीर मे कॅल्षियम बहुत कम है. इनके बच्चे मतिमन्द होने ही वाले हैं, विकलांग होने ही वाले हैं. कॅल्षियम का टेस्ट होता है, पेतॉलजी मे हो जाएगा. सस्ते मे हो जाता है कॅल्षियम टेस्ट शरीर का. चुना कैल्शियम का सबसे अच्छा स्त्रोत है !

- महाराष्ट्र मे कोंकण बेल्ट के बच्चे खूब तेज बुद्धि वाले होते हैं, उनकी आँखे भी दुनिया मे सबसे सुंदर होती हैं. आई क्यू सबसे अधिक होता है उनका, वहाँ की मिट्टी लाल है, हर अनाज और फल मे कॅल्षियम और आइरन अधिक होता है. लाल मिट्टी मे भरपूर कॅल्षियम और आइरन है.
गर्भवती माता को आध्यात्मिक,ज्ञान वाली किताबें पढ़नी चाहिए ! बच्चा का उस पर प्रभाव होता है ! कहा जाता है अर्जुन पुत्र अभिमन्यु ने गर्भ मे चक्रव्यू भेदने की विधि सीखी थी !!
- नाड़ी और गोत्र का मिलान होता है ताकि 'डी एन ए' एक ना हो. प्रेम विवाह भी करें तो इन बातों का ध्यान रखें, नही तो प्रेम छूट जाएगा और विवाह घिसट घिसट कर चलेगा. डोपमाइन केमिकल के प्रभाव से प्रेम भाव उत्पन्न होता है, वो शीघ्र ही समाप्त हो जाता है.
10. पति पत्नी का ब्लड ग्रूप अलग रहे तो अच्छा.
11. पति पत्नी सर्वदा दक्षिण दिशा मे सिर करके सोएँ.
12. यदि गर्भाधान हो गया तो अब क्या करें? उपरोक्त जानकारी के बिना | ऐसे मे हमे उत्तम संतान प्राप्त हो इसके लिए क्या करें?
- माता का भोजन अच्छा होते ही जाना चाहिए. दूध, ताक, दही, मक्खन, लोनी, छ्छाच्छ भरपूर खाना है. याद रखिए, देशी गोमता का ही. घबराएँ नही वजन नही बढ़ेगा.
- भरपूर कॅल्षियम आपके शरीर मे रहे, मतलब चूना बराबर खाते रहना, केला, मूँगफली दाना, तिल. इन चीज़ों मे भरपूर कॅल्षियम है.

- समय से भोजन समय से आराम. लंच करिए 10 बजे भरपेट, डिन्नर शाम 5-6 बजे, बीच मे भूख लगे तो जूस, फल, मूँगफली दाना, गुड, तिल पट्टी, दही खाना. सुबह शाम भोजन भरपेट.
- पहले महीने से सातवे महीने तक थोड़ा थोड़ा श्रम करते रहें, जाता चलाना, चटनी बनाना, कपड़े धोना, झाड़ू पोंच्छा, सब हाथ से करें, मशीन से नही.
- पहले दिन से 9 महीने, 9 दिन, 9 घंटे तक गर्भवती माता को कोई मानसिक तनाव नही देना नही तो दुष्परिणाम 10 गुना तक बच्चे को मिलेगा.
- गर्भवती माता को जो जो पसंद नही है वो उतने दीनो तक घर मे नही होना चाहिए.
- यदि इन बातों का ध्यान नही दिया तो बच्चा बाहर आकर जिंदगी भर आपको त्रास देगा.

- सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का असर गर्भवती महिला पर होता है, सूर्य ग्रहण बच्चे के लिए बड़ा तकलीफ़ वाला होता है, चंद्र ग्रहण उतना नही होता. सूर्य ग्रहण मे ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ होता है, तो ऐसे मे माता को आराम करना चाहिए और बाहर नही निकलना चाहिए.

Saturday, December 13, 2014

HEART ATTACK



हार्ट अटैक:
सहज सुलभ उपाय ….
99 प्रतिशत ब्लॉकेज को भी रिमूव कर देता है पीपल
का पत्ता….
पीपल के 15 पत्ते लें जो कोमल गुलाबी कोंपलें न हों,
बल्कि पत्ते हरे, कोमल व भली प्रकार विकसित हों। प्रत्येक
का ऊपर व नीचे का कुछ भाग कैंची से काटकर अलग कर दें।
पत्ते का बीच का भाग पानी से साफ कर लें। इन्हें एक गिलास
पानी में धीमी आँच पर पकने दें। जब पानी उबलकर एक तिहाई
रह जाए तब ठंडा होने पर साफ कपड़े से छान लें और उसे ठंडे
स्थान पर रख दें, दवा तैयार।
इस काढ़े की तीन खुराकें बनाकर प्रत्येक तीन घंटे बाद
प्रातः लें। हार्ट अटैक के बाद कुछ समय हो जाने के पश्चात
लगातार पंद्रह दिन तक इसे लेने से हृदय पुनः स्वस्थ
हो जाता है और फिर दिल का दौरा पड़ने
की संभावना नहीं रहती। दिल के रोगी इस नुस्खे का एक बार
प्रयोग अवश्य करें।
* पीपल के पत्ते में दिल को बल और शांति देने की अद्भुत
क्षमता है।
* इस पीपल के काढ़े की तीन खुराकें सवेरे 8 बजे, 11 बजे व
2 बजे ली जा सकती हैं।
* खुराक लेने से पहले पेट एक दम खाली नहीं होना चाहिए,
बल्कि सुपाच्य व हल्का नाश्ता करने के बाद ही लें।
* प्रयोगकाल में तली चीजें, चावल आदि न लें। मांस, मछली,
अंडे, शराब, धूम्रपान का प्रयोग बंद कर दें। नमक, चिकनाई
का प्रयोग बंद कर दें।
* अनार, पपीता, आंवला, बथुआ, लहसुन, मैथी दाना, सेब
का मुरब्बा, मौसंबी, रात में भिगोए काले चने, किशमिश,
गुग्गुल, दही, छाछ आदि लें । ……
तो अब समझ आया, भगवान ने पीपल के पत्तों को हार्टशेप क्यों बनाया.....?

Wednesday, December 3, 2014

MAKE HEALTHY AND BEAUTIFUL EYES



* एक ऐसा प्रयोग जो 40 दिन में आंखों की सारी कमजोरी दूर कर देगा.....!
* आंखें हर इंसान को भगवान का दिया एक अनमोल तोहफा है।अगर इनका ख्याल न रखा जाए तो छोटी-
सी परेशानी जिंदगी भर की तकलीफ बन सकती है।
अधिकांश लोग आंखों की कमजोरी जैसे आंखों में से पानी आना, आंखों में जलन, लाल होना , आंखों में जाले 
आना, आंख का चिपकना, आंख की पलकों पर सूजन आना आदि परेशानियों को अनदेखा करते हैं।
आगे चलकर ये लापरवाही ज्यादा परेशानी देने वाली साबित हो सकती है। इसीलिए रोजाना सुबह-शाम मुंह में 
पानी भरकर आंखों पर खूब पानी छिड़के। पर्याप्त नींद लें व साथ ही नीचे लिखे आयुर्वेदिक नुस्खें को भी 
अपनाएं।

नुस्खा-
* बादाम गिरी तथा साफ की हुई बढिय़ा सौंफ 100-100 ग्राम लें। सौंफ का महीन चूर्ण करें, इसमें बादाम गिरी 
को खूब महीन कतरकर तथा सौंफ के उक्त चूर्ण के साथ खूब अच्छी तरह पीसकर रखें। रोज रात इस मिश्रण 
को 10-10 ग्राम मात्रा में मुख में रखकर धीरे-धीरे खाकर सो जाएं, इसके ऊपर पानी या दूध नहीं पीना है।