Wednesday, June 29, 2016

विभिन्न रोगों में उपयोगी कचनार

  • प्रकृति ने कई पेड़ पौधों को औषधीय गुणों से भरपूर रखा है। इन्हीं में से एक कचनार का पेड़ भी है जो अधिकतर कंडी क्षेत्र में ही पाया जाता है। मार्च मध्य के बाद फूलों से लदने वाले इस पेड़ की पत्तियां, तना व फूल आदि सभी उपयोगी हैं। कचनार की गणना सुंदर व उपयोगी वृक्षों में होती है। इसकी अनेक प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें से गुलाबी कचनार का सबसे ज्यादा महत्त्व है। कचनार के फूलों की कली लंबी, हरी व गुलाबी रंगत लिए हुए होती है। आयुर्वेद में इस वृक्ष को चामत्कारिक और औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है। कचनार के फूल और कलियां वात रोग, जोड़ों के दर्द के लिए विशेष लाभकारी हैं। इसकी कलियों की सब्जी व फूलों का रायता खाने में स्वादिष्ट और रक्त पित्त, फोड़े, फुंसियों को शांत करता है।
  • कचनार का फूल कितना खूबसूरत होता है ,देखते ही बस जी मचल जाता है और ये है भी बहुत उपयोगी | अगर पूरा देश जान जाए की ये किस रोग की दवा है तो बस ये समझ लीजिये की बेचारा दुर्लभ फूल की श्रेणी में आ जाएगा , हो सकता है की तब सरकार को इसे प्रतिबंधित फूल घोषित करना पड़े |
  • आयुर्वेदिक औषधियों में ज्यादातर कचनार की छाल का ही उपयोग किया जाता है. इसका उपयोग शरीर के किसी भी भाग में ग्रंथि (गांठ) को गलाने के लिए किया जाता है. इसके अलावा रक्त विकार व त्वचा रोग जैसे- दाद, खाज-खुजली, एक्जीमा, फोड़े-फुंसी आदि के लिए भी कचनार की छाल का उपयोग किया जाता है |
  • इसके कई नाम मिलते हैं. संस्कृत- काश्चनार, हिन्दी- कचनार, मराठी- कोरल, कांचन, गुजराती- चम्पाकांटी, बंगला- कांचन, तेलुगू- देवकांचनमु, तमिल- मन्दारे, कन्नड़- केंयुमन्दार, मलयालम- मन्दारम्, पंजाबी- कुलाड़, कोल- जुरजु, बुज, बुरंग, सन्थाली- झिंजिर, इंग्लिश- माउंटेन एबोनी, लैटिन- बोहिनिआ वेरिएगेटा।
  • मात्रा : इसके छाल का चूर्ण 3 से 6 ग्राम की मात्रा में प्रयोग किया जाता है, इसके फूलों का रस 10 से 20 मिलीलीटर की मात्रा में प्रयोग किया जाता है और छाल का काढ़ा 40 से 80 मिलीलीटर की मात्रा में प्रयोग किया जाता है।कचनार की छाल का महीन पिसा-छना चूर्ण 3 से 6 ग्राम (आधा से एक चम्मच) ठंडे पानी के साथ सुबह-शाम लें। इसका काढ़ा बनाकर भी सुबह-शाम 4-4 चम्मच मात्रा में (ठंडा करके) एक चम्मच शहद मिलाकर ले सकते हैं।
 विभिन्न रोगों में उपयोगी : 1.सूजन- कचनार की जड़ को पानी में घिसकर लेप बना लें और इसे गर्म कर लें। इसके गर्म-गर्म लेप को सूजन पर लगाने से आराम मिलता है। 2.मुंह में छाले होना- कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर उसमें थोड़ा-सा कत्था मिलाकर छालों पर लगाने से आराम मिलता है। 3.बवासीर- कचनार की एक चम्मच छाल को एक कप मट्ठा (छांछ) के साथ दिन में 3 बार सेवन करने से बवासीर में खून गिरना बंद होता है।कचनार की कलियों के पाउडर को मक्खन और शक्कर मिलकर 11 दिन खाएं। आंतों में कीड़े हों तो कचनार की छाल का काढ़ा पिएं। 4.प्रमेह- कचनार की हरी व सूखी कलियों का चूर्ण और मिश्री मिलाकर प्रयोग किया जाता है। इसके चूर्ण और मिश्री को समान मात्रा में मिलाकर 1-1चम्मच दिन में तीन बार कुछ हफ्ते तक खाने से प्रमेह रोग में लाभ होता है। 5.गण्डमाला- कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर उसमें सोंठ का चूर्ण मिलाकर आधे कप की मात्रा में दिन में 3 बार पीने से गण्डमाला रोग ठीक होता है। 6.भूख न लगना- कचनार की फूल की कलियां घी में भूनकर सुबह-शाम खाने से भूख बढ़ती है। 7.गैस की तकलीफ- कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर, इसके 20 मिलीलीटर काढ़ा में आधा चम्मच पिसी हुई अजवायन मिलाकर प्रयोग करने से लाभ मिलता है। सुबह-शाम भोजन करने बाद इसका सेवन करने से अफरा (पेट फूलना) व गैस की तकलीफ दूर होती है। 8.खांसी और दमा- शहद के साथ कचनार की छाल का काढ़ा 2 चम्मच की मात्रा में दिन में 3 बार सेवन करने से खांसी और दमा में आराम मिलता है। 9.दांतों का दर्द-
  • कचनार के पेड़ की छाल को आग में जलाकर उसकी राख को बारीक पीसकर मंजन बना लें। इस मंजन से सुबह एवं रात को खाना खाने के बाद मंजन करने से दांतों का दर्द तथा मसूढ़ों से खून का निकलना बंद होता है।
  • कचनार की छाल को जलाकर उसके राख को पीसकर मंजन बना लें। इससे मंजन करने से दांत का दर्द और मसूड़ों से खून का निकलना बंद होता है।
10.दांतों के रोग- कचनार की छाल को पानी में उबाल लें और उस उबले पानी को छानकर एक शीशी में बंद करके रख लें। यह पानी 50-50 मिलीलीटर की मात्रा में गर्म करके रोजाना 3 बार कुल्ला करें। इससे दांतों का हिलना, दर्द, खून निकलना, मसूढों की सूजन और पायरिया खत्म हो जाता है। 11.अफारा (पेट में गैस बनना)- कचनार की जड़ का काढ़ा बनाकर सेवन करने से अफारा दूर होता है। 12.जीभ व त्वचा का सुन्न होना- कचनार की छाल का चूर्ण बनाकर 2 से 4 ग्राम की मात्रा में खाने से रोग में लाभ होता है। इसका प्रयोग रोजाना सुबह-शाम करने से त्वचा एवं रस ग्रंथियों की क्रिया ठीक हो जाती है। त्वचा की सुन्नता दूर होती है। 13.कब्ज-
  • कचनार के फूलों को चीनी के साथ घोटकर शर्बत की तरह बनाकर सुबह-शाम पीने से कब्ज दूर होती है और मल साफ होता है।
  • कचनार के फूलों का गुलकन्द रात में सोने से पहले 2 चम्मच की मात्रा में कुछ दिनों तक सेवन करने से कब्ज दूर होती है।
14.कैंसर (कर्कट)- कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से पेट का कैंसर ठीक होता है। 15.दस्त का बार-बार आना- कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर दिन में 2 बार पीने से दस्त रोग में ठीक होता है।
पेशाब के साथ खून आना-कचनार के फूलों का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम पीने से पेशाब में खून का आना बंद होता है। इसके सेवन से रक्त प्रदर एवं रक्तस्राव आदि भी ठीक होता है।
16.बवासीर (अर्श)-
  • कचनार की छाल का चूर्ण बना लें और यह चूर्ण 3 ग्राम की मात्रा में एक गिलास छाछ के साथ लें। इसका सेवन प्रतिदिन सुबह-शाम करने से बवासीर एवं खूनी बवासीर में बेहद लाभ मिलता है।
  • कचनार का चूर्ण 5 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह पानी के साथ खाने से बवासीर ठीक होता है।
17.खूनी दस्त- दस्त के साथ खून आने पर कचनार के फूल का काढ़ा सुबह-शाम सेवन करना चाहिए। इसके सेवन से खूनी दस्त (रक्तातिसर) में जल्दी लाभ मिलता है। 18.रक्तपित्त-
  • कचनार के फूलों का चूर्ण बनाकर, 1 से 2 ग्राम चूर्ण सुबह-शाम चटाने से रक्त पित्त का रोग ठीक होता है। कचनार का साग खाने से भी रक्त पित्त में आराम मिलता है।
  • यदि मुंह से खून आता हो तो कचनार के पत्तों का रस 6 ग्राम की मात्रा में पीएं। इसके सेवन से मुंह से खून का आना बंद हो जाता है।
  • कचनार के सूखे फूलों का चूर्ण बनाकर लें और यह चूर्ण एक चम्मच की मात्रा में शहद के साथ दिन में 3 बार सेवन करें। इसके सेवन से रक्तपित्त में लाभ होता है। इसके फूलों की सब्जी बनाकर खाने से भी खून का विकार (खून की खराबी) दूर होता है।
19.कुबड़ापन-
अगर कुबड़ापन का रोग बच्चों में हो तो उसके पीठ के नीचे कचनार का फूल बिछाकर सुलाने से कुबड़ापन दूर होता है।
लगभग 1 ग्राम का चौथाई भाग कचनार और गुग्गुल को शहद के साथ मिलाकर सेवन करने से कुबड़ापन दूर होता है।
कुबड़ापन के दूर करने के लिए कचनार का काढ़ा बनाकर सेवन करना चाहिए।
20.घाव- कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम पीने से घाव ठीक होता है। इसके काढ़े से घाव को धोना भी चाहिए। 21.स्तनों की गांठ (रसूली)- कचनार की छाल को पीसकर चूर्ण बना लें। यह चूर्ण लगभग आधे ग्राम की मात्रा में सौंठ और चावल के पानी (धोवन) के साथ मिलाकर पीने और स्तनों पर लेप करने से गांठ ठीक होती है। 22.उपंदश (गर्मी का रोग या सिफिलिस)- कचनार की छाल, इन्द्रायण की जड़, बबूल की फली, छोटी कटेरी के जड़ व पत्ते और पुराना गुड़ 125 ग्राम। इन सभी को 2.80 किलोग्राम पानी में मिलाकर मिट्टी के बर्तन में पकाएं और यह पकते-पकते जब थोड़ा सा बचे तो इसे उतारकर छान लें। अब इसे एक बोतल में बंद करके रख लें और सुबह-शाम सेवन करें। 23.सिर का फोड़ा- कचनार की छाल, वरना की जड़ और सौंठ को मिलाकर काढ़ा बना लें। यह काढ़ा लगभग 20 से 40 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम पीना चाहिए। इसके सेवन से फोड़ा पक जाता है और ठीक हो जाता है। इसके काढ़े को फोड़े पर लगाने से भी लाभ होता है। 24.चेचक (मसूरिका)- कचनार की छाल के काढ़ा बनाकर उसमें सोने की राख डालकर सुबह-शाम रोगी को पिलाने से लाभ होता है। 25.गले की गांठ- कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर, इसके 20 ग्राम काढ़े में सोंठ मिलाकर सुबह-शाम पीने से गले की गांठ ठीक होती है। 26.गलकोष प्रदाह (गलकोष की सूजन)- खैर (कत्था) के फल, दाड़िम पुष्प और कचनार की छाल। इन तीनों को मिलाकर काढ़ा बना लें और इससे सुबह-शाम गरारा करने से गले की सूजन मिटती है। सिनुआर के सूखे पत्ते को धूम्रपान की तरह प्रयोग करने से भी रोग में आराम मिलता है। 27.गला बैठना-कचनार मुंह में रखकर चबाने या चूसने से गला साफ होता है। इसको चबाने से आवाज मधुर (मीठी) होती है और यह गाना गाने वाले व्यक्ति के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। 28.थायराइड-कचनार के फूल थायराइड की सबसे अच्छी दवा हैं।लिवर में कोई तकलीफ हो तो कचनार की जड़ का काढ़ा पिएं। सावधानी : कचनार देर से हजम होती है और कब्ज पैदा करती है।

सेहत के लड्डू बनाने की विधी ( LADDOS TO INCREASE HEALTH )

हमारे बहुत से मित्र हमसे अक्सर वजन बढ़ानें और सेहत को बेहतर बनाने के लिये किसी प्रयोग के बारे में पूछते ही रहते हैं । यह हमारा खुद बहुत से लोगो पर सफलतापूर्वक आजमाया गया प्रयोग है । खास बात यह कि इसको आप घर पर ही बना सकते हो । आइये पढ़ते हैं इस प्रयोग के बारे में —
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सबसे पहले नीचे लिखी सामग्री उल्लेख की गयी मात्रा में एकत्र करें
1 :- सोयाबीन के दानें          – 200 ग्राम 2 :- काला देशी चना           – 200 ग्राम 3 :- उड़द की धुली दाल       – 200 ग्राम 4 :- सौंफ                           – 200 ग्राम 5 :- अजवायन                   – 200 ग्राम 6 :- अश्वगंधा चूर्ण             – 200 ग्राम 7 :- शतावरी चूर्ण               – 200 ग्राम 8 :- बादाम की गिरी           – 200 ग्राम 9 :- खाने वाली गोंद           – 400 ग्राम 10 :- देशी खाण्ड़                – 2 किलो ग्राम 11 :- गाय के दूध का घी ‌     – जरूरत के अनुसार
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बनाने की विधी :- – सबसे पहले नम्बर 1 से नम्बर 5 तक लिखी चीजों को एक साथ मिलाकर मिक्सी आदि में बारीक पाउडर कर लें और फिर नम्बर 6 और नम्बर 7 की चीजों को भी मिलाकर एक साथ अच्छे से मिला दें । – बादाम की गिरियों को छोटे छोटे आकार में काट कर रख लें और देशी खाण्ड को भी अलग से कूटकर रख लें । – अब खानें वाली गोंद को थोड़ा दरदरा कूटकर कढ़ाही में में रखकर घी के साथ भून लें और अलग प्लेट में रख लें । – सबसे पहले नम्बर पर बनाया गया मिश्रण भी अब कढ़ाही में डालकर घी की जरूरी मात्रा मिलाकर सुनहरा होनें तक भून लें । – अब इसको भी उतारकर ठण्डा होने के लिये रख दें । – जब ठण्डा हो जाये तो समस्त सामग्रियों को एक बड़े बरतन में ड़ालकर खूब अच्छे से मिलाकर बादाम की गिरियाँ भी मिला ले और समान आकार के 80 लड्डू बना लें ।
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सेवन विधी :- – 4 से 8 साल तक के बच्चों को आधा आधा लड्डू सुबह और शाम को दूध के साथ रोज दें । – 8 से 16 साल तक के बच्चों को एक-एक लड्डू रोज सुबह और शाम को दूध के साथ देना चाहिये । – 16 साल से अधिक आयु के लोग एक दिन में अधिकतम चार लड्डू का सेवन कर सकते हैं । – यह लड्डू स्त्री और पुरुष दोनों ही सेवन कर सकते हैं ।
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विशेष नोट :-
ये सभी सामग्री आपको अपने आस-पास किसी जड़ी-बूटी वाले की दुकान पर मिल जायेंगी । देशी खाण्ड किराने की दुकान पर अथवा हलवाई के पास आसानी से मिल जाती है ।

अनार का जूस और खजूर का ये मिश्रण बचा सकता है आपकी जिंदगी

अनार को  वैसे तो कई सारे  benefits के लिए जाना जाता है इसको  English में Pomegranate भी बोला जाता है | अनार एक लाल रंग का बिजुक्त फल है जो की रसीले होने के साथ हमारे health के लिए काफी लाभदायक (beneficial) भी है | एक कप अनार का जूस पीने  से आपको Vitamin C, K और Potassium प्रचुर मात्रा में मिलता  है। इसे  यदि खजूर के साथ मिला कर लिया जाये तो ये संजीवनी  का काम करता है |

अनार के जूस के साथ खजूर / pomegranate juice and dates !

आधा  गिलास अनार का रस और कुछ  खजूर आपके दिल को दे सकते हैं नया जीवन । हाल ही के शोध से पता चला है कि अनार जूस और खजूर का एक साथ सेवन आपको हृदय  की कई बीमारियों से दूर रखता है।  बस आपको आधा  गिलास अनार का जूस का और खजूर के कुछ दानों की ज़रूरत है।
अनार के जूस और खजूर में anti oxydant होते हैं जो अथेरोस्क्लेओसिस की प्रक्रिया को धीमा करता है | हाल ही  में किये गए एक शोध में ये साबित हुआ है
इजराइल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के रिसर्चर की टीम के अनुसार, अनार जूस और खजूर का एक साथ सेवन हमें अथेरोक्लेरोसिस (atherosclerosis) से बचाता है, जो कि हार्ट अटैक या स्ट्रोक का मुख्य कारण है। यह रिसर्च ‘ फ़ूड एंड फंक्शन जर्नल ’में प्रकाशित हुई है ।उनके रिसर्च के अनुसार, जहाँ अनार जूस में पाॉलीफेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो कि ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने के लिए जाना जाता है । वहीँ दूसरी तरफ खजूर फेनोलिक रेडिकल स्कावेंगेर(scavenger) एंटीऑक्सीडेंट के मुख्य स्रोत हैं जो खराब कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीडेशन को रोकते हैं । दोनों को मिलाने से जो गुणकारी मिश्रण बनता है वह हमें सवस्थ रखने में मदद करता है |
अगर कोई plaques rupture हो जाये तो वहां पर खून की गाँठ बन जाती है जिस से दिल को जाने वाला खून रुक जाता और दिल के दौरे का खतरा बना रहता है
इस से दिमाग को जाने वाला खून भी रुक सकता है और ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन सकता है |

USES OF LEMON GRASS (लेमन ग्रास)

  • लेमन ग्रास (lemon grass)की दो बूंद कम कर देगी कोलेस्ट्राल :  आजकल के दौर में अधिकतर लोग बढ़ते कोलेस्ट्रॉल और इससे जुड़ी बीमारियां जैसे कि हाइपरटेंशन, सीने में दर्द, हार्ट अटैक इत्यादि से पीड़ित हैं। इसलिए आपको अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल को हमेशा नियंत्रित रखना चाहिये। रोजाना किये जाने वाले व्यायाम और संतुलित आहार से काफी हद तक कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा आप लेमनग्रास ऑयल के सेवन से भी अपने बढ़ते कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल में रख सकते हैं।
  • लेमन ग्रास मुख्य तौर पर साउथ-ईस्ट एशिया जैसे देशों और गर्म जगहों पर पायी जाती है। कुछ शोधों में यह पता चला कि लेमनग्रास ऑयल्स में एंटी-इंफ्लेमेटरी क्षमताओं के कारण यह आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करती है, इसके अलावा भी इसमें कई और औषधीय गुण होते हैं। ब्राजीलियन रिसर्चर द्वारा साल 2011 में फ़ूड एंड केमिकल टॉक्सिकोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक शोध में भी यह बात सामने आयी है कि, लेमनग्रास ऑयल का नियमित सेवन शरीर में ब्लड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करता है। इस शोध में एक चूहे को 21 दिनों तक 100 मिलीग्राम प्रति किलो वजन के हिसाब से लेमनग्रास ऑयल दिया गया और उसका निरीक्षण किया गया, बाद में जांच में उस चूहे के ब्लड कोलेस्ट्रॉल में काफी कमी पायी गयी और किसी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं पाया गया।
इसका कैसे इस्तेमाल करें : 
  • लेमन ग्रास एसेंशियल ऑयल की सिर्फ 2 बूंदें ही इससे मिलने वाले फायदों के लिये पर्याप्त हैं। एक गिलास गर्म पानी में 2 बूँद लेमनग्रासऑयल डालकर इसे सुबह नाश्ते के साथ लें। आप इसे अपनी मसाला चाय के साथ भी ले सकते हैं।
  • एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेंटरी, एंटी-सेप्टिक और विटामिन सी जैसे औषधीय गुणों से भरपूर लेमनग्रास कई रोगों से लड़ने की क्षमता होती है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थो को नष्ट करता है और शरीर को स्वच्छ करने में मदद करता है। आइए लेमन ग्रास के अन्य स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानते हैं।
 अन्य फायदे : 
  • कैंसर का रामबाण इलाज : नींबू घास में कैंसर सहित कई बीमारियों से छुटकारा दिलाने वाले गुण होते है। इसमें अद्भुत एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते है। जिसके कारण मानव शरीर में कई गंभीर रोगों के लिए जिम्मेदार अणुओं के स्वरूप में परिवर्तन लाकर उन्हें न सिर्फ स्थिर किया जाता है बल्कि कुछ मामलों में यह रोगाणुओं को अपने में समाहित भी कर लेती है।
  • पेट संबंधी बीमारियों का करें इलाज : लेमनग्रास में एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों के कारण इसमें बुखार, पेट संबंधी बीमारियों और अर्थराइटिस समेत विभिन्न बीमारियों के अणुओं के घातक स्वरूप को परिवर्तित करने और निष्क्रिय करने की क्षमता विद्यमान होती है। यह फ्री रेडिकल को अपने में समाहित कर स्थिर कर देता है। अपच, कब्ज, दस्त, पेट की सूजन, पेट फूलना, पेट में ऐंठन, उल्टी और ऐंठन इस प्रकार की तरह पाचन संबंधी समस्याओं में सुधार के लिए सहायता करते है। बच्चों की एडीएचडी समस्या में भी है फायदेमंद : 1998 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, एडीएचडी से पीडि़त बच्चों को नींद आसानी से नहीं आती। ऐसे बच्चों के लिए लेमन ग्रास से बनी हर्बल टी काफी फायदेमंद होती है। इसमें मौजूद पुदीना, कैमोमाइल या लेमन ग्रास और अन्य ऐसी ही जड़ी-बूटियां अति सक्रिय मांसपेशियों को शांत करने में मदद करती हैं।
  • एंटी इंफ्लेमेंटरी और एंटी-सेप्टिक गुणों से भरपूर : एंटी इंफ्लेमेंटरी और एंटी सेप्टिक गुणों के कारण, लेमनग्रास अर्थराइटिस, गाउट और मूथ पथ की सूजन के इलाज के लिए एक मूल्यवान सहायता के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए अगर आप इन समस्याएं से परेशान हो तो नियमित रूप से लेमनग्रास के जूस या इससे बनी हर्बल चाय का सेवन करें।
  • विषैले तत्वों को दूर करें : लेमनग्रास में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, एंटीसेप्टिक और मूत्रवर्धक गुणों के कारण यह शरीर के विषैले तत्वों को दूर करने वाला एक महत्वपूर्ण घटक है। यह लीवर, किडनी, ब्लैडर और अग्न्याशय को साफ करने और रक्त परिसंचरण को बढ़ाने में मदद करता है। और मूत्रवर्धक प्रभाव के कारण यह विषाक्त पदार्थों को बाहर ले जाने में मदद करता है।

कामेच्छा बढाने के भोजन पदार्थ- Best food to increase your SEXUAL DESIRE



वियाग्रा आज की सर्वाधिक प्रचलित सेक्सुअल पावर बढाने वाली दवा है लेकिन इससे होने वाले दुष्परिणाम भी बहुत ज्यादा हैं इसलिए यहाँ ऐसे भोजन पदार्थो का जिक्र करेंगे जो वियाग्रा की तरह असर पैदा कर कामेच्छा बढाने में मदद करते है और किसी तरह का कोई नुक्सान भी नहीं होता है सेक्स क्षमता को बढ़ाने के लिए कुछ प्रयोग ऐसे भी हैं जो सेक्स शक्ति को अधिक रुप से बढ़ाने के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध हुए हैं।

अखरोट

मेवे के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए महान हैं, वे खराब कोलेस्ट्रॉल को खत्म करने की वजह से, रक्त परिसंचरण में सुधार लाता है , लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को प्रोत्साहित करने और तनाव को कम करता है और अधिक से अधिक यौन शक्ति बढाता है

लहसुन

लहसुन में कामोत्तेजक गुण होते हैं| इससे शरीर में रक्त संचालन सुधरता है | सम्भोग से जुड़े अंगों में रक्त परिवहन बढ़ने से कामेच्छा में इजाफा होता है

अंडा

स्वस्थ होने के अलावा, उबले अंडे को बढ़ाने के लिए आदर्श होते हैं यौन भूख.और इस संघटक विटामिन B5 और बी -6 में समृद्ध है, दो पदार्थों संतुलन हार्मोन का स्तर और हमें तनाव कम करने के लिए आराम करने के लिए मदद.

भिन्डी

भिन्डी में विटामिन्स और जिंक की मात्रा होती है | जिंक की कमी से सेक्स सम्बन्धी समस्याएँ सामने आती हैं| अत:: भिन्डी का सेवन लाभकारी होता है| भिन्डी के उपयोग से सेक्सपरफार्मेंस सुधारा जा सकता है|

चुकंदर

चुकंदर में नाइट्रेट होता है जो उत्पादक अंगों में खून का बहाव ठीक करता है| यह ब्लड वेसल्स को फैलाता है| यह शरीर के हारमोंन को भी संतुलित रखने में सहायक है| अत: कामेच्छा में बढ़ोतरी देखी जाती है|

टमाटर

टमाटर में लायकोपिन तत्व होता है जो टमाटर को लाल रंग देता है| यह तत्व कामेच्छा में वृद्धि करता है| यह पुरुषत्व की कमी में भी उपयोगी है| टमाटर प्रोस्टेट केंसर से बचाव में सहायक है|

गाजर

गाजर में विटामिन ए की मात्रा अधिक होती है| इससे स्पर्म काऊँट में सुधार होता है| गाजर मर्दानगी घटाने वाले कारणों से निपटता है| एक शोध में बताया गया है कि गाजर खाने वाले पुरुष स्त्रियों के आकर्षण का केंद्र होते हैं| |

पालक सूप

एक कटोरी पालक सूप पीने से कामेच्छा बढ़ती है | यह सेक्स के अंगों के रक्त प्रवाह में सुधार लाती है|

प्याज

प्याज कामेच्छा बढाने में बेहद कारगर भोजन पदार्थ है| इसे नियमित खाना अच्छा रहता है| प्याज उत्पादक अंगों की सेहत सुधारता है|

केले

केले का प्रतिदिन सेवन करें। इसमें उपस्थित ब्रोमालिन एंजाइम कामेच्छा को बढानेमे मदद करता है। इसके अलावा केले में उपस्थित पोटााशियम और रिबोफल्विन जैसे अन्य तत्व यौन संबंधों के लिए जरूरी ताकत को बढाते है।

अंजीर

अंजीर को दैनिक भोजन में इस्तेमाल करें, इसमें उपस्थित अमीनो एसिड कामेच्छा के साथ साथ यौन शाक्ति को भी बढाता है।

बादाम

बादाम में उपस्थित वसा एसिड सेक्स के दौरान यौन उतेजना के बढाने में उपयोगी है।
मखंफलमें उपस्थित विटामिन बी 6 और पोटाशियम तथा asparagus (सूत्मुली,मूसली) में उपस्थित विटामिन ई हार्मोन का बढाते हैं

बालों को उगाए, बालों को झड़ने से रोके, सफ़ेद बालों को काला करे

कम उम्र में सफेद हुए बालों को काला करने के लिए 10 घरेलू उपचार कम उम्र में आई सफेदी को छुपाने के लिए डाई करना या कलर करना ही एकमात्र विकल्प नहीं है।कुछ घरेलू नुस्खे आजमा कर भी सफेद बालों को काला किया जा सकता है। हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही सिंपल घरेलू फंडे जिनसे आप कम उम्र में सफेद हुए बालों को फिर से काला बना सकते हैं
  • आंवला पाउडर में नींबू का रस मिलाकर या ताजे हरे आंवले को पीसकर सिर में लगाने से बाल घने व काले हो जाते हैं।
  • प्याज का रस निकालकर उसे बालों की जड़ों में हल्के हाथों से लगाएं बाल घने व काले होने लगेंगे।
    (प्याज में सल्फर (Sulfur) नामक मिनरल भरपूर मात्र में होता है , जो के बालों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है | एक आम सा प्याज आपके बालों के बढ़ने की रफ़्तार को दोगुना तक बढ़ा सकता है |
    विधि :–बालों को झड़ने से रोकने के लिए बालों पर प्याज़ के प्रयोग का सबसे बेहतरीन तरीका प्याज का रस के रूप में प्रयोग करना है। प्याज के रस के फायदे, 3-5 प्याज छीलें और उन्हें अच्छे से पीस लें। इस पेस्ट को अपने हाथों से निचोड़कर इसका रस निकाल लें। अब इस रस को अपने सिर पर तथा बालों पर लगाएं। अब इस रस को सिर पर आधे घंटे तक रहने दें एवं एक हलके शैम्पू का प्रयोग करके इसे धो दें। हफ्ते में 3 बार इस पद्दति का इस्तेमाल करने से मनचाहे परिणामों की प्राप्ति होगी। तुरंत अच्छे परिणाम पाने की आशा ना करें क्योंकि प्राकृतिक उपचारों में काफी समय लगता है।

    दोबारा से बालों को उगाए –एक कटोरी में 2 चम्मच शहद लें और इसमें एक चौथाई कप प्याज का रस डालें। इन दोनों को अच्छे से मिलाएं एवं सिर पर मसाज करते हुए धीरे धीरे लगाएं। बेहतरीन परिणामों के लिए इस प्रक्रिया का प्रयोग हफ्ते में 3 बार करें।)

  • नींबू का रस और नारियल तेल मिलाकर स्कल्प पर नियमित रूप से लगाने पर बाल काले होते हैं।
  • 200 ग्राम आंवला, 200 ग्राम भांगरा, 200 ग्राम मिश्री, 200 ग्राम काले तिल इन सभी का चूर्ण बनाकर रोजाना 10 ग्राम मात्रा में लेने से कम उम्र में सफेद हुए बाल फिर से काले होने लगेंगे।
  • 2 चम्मच हिना पाउडर, 1 चम्मच दही, 1 चम्मच मेथी, 3 चम्मच कॉफी, 2 चम्मच तुलसी पाउडर, 3 चम्मच पुदीना पेस्ट मिलाकर बालों में लगाएं। तीन घंटे बाद शैम्पू करें। कम उम्र में सफेद हुए बाल फिर काले हो जाएंगे।
  • सूखे आंवले को पानी में भिगोकर उसका पेस्ट बना लें। इस पेस्ट में एक चम्मच युकेलिप्टस का तेल मिलाएं। मिश्रण को एक रात तक लोहे के बर्तन में रखें। सुबह इसमें दही, नींबू का रस व अंडा मिलाकर बालों पर लगाएं। बालों में नई जान आ जाएगी। 15 दिन तक यह प्रयोग करने से सफेद बाल काले होने लगते हैं।
  • नारियल तेल में मीठे नीम की पत्तियां को इतना उबाले की पत्तियां काली हो जाएं। इस तेल के हल्के हाथों से बालों की जड़ों पर लगाएं। बाल घने व काले हो जाएंगे।

सदैव स्वास्थय रहने के मंत्र


अगर आप अपनी दिनचर्या में ये 10 चीजें शामिल कर लें तो दुनिया का कोई भी रोग आपको छू भी नहीं पायेगा. हृदय रोग, शुगर – मधुमेह, जोड़ों के दर्द, कैंसर, किडनी, लीवर आदि के रोग आपसे कोसों दूर रहेंगे. ऐसी ग़ज़ब हैं ये. आइये जानते हैं इनके बारे में.

1. आंवला।

किसी भी रूप में थोड़ा सा आंवला हर रोज़ खाते रहे, जीवन भर उच्च रक्तचाप और हार्ट फेल नहीं होगा, इसके साथ चेहरा तेजोमय बाल स्वस्थ और सौ बरस तक भी जवान महसूस करेंगे।

2. मेथी।

मेथीदाना पीसकर रख ले। एक चम्मच एक गिलास पानी में उबाल कर नित्य पिए। मीठा, नमक कुछ भी नहीं डाले इस पानी में। इस से आंव नहीं बनेगी, शुगर कंट्रोल रहेगी जोड़ो के दर्द नहीं होंगे और पेट ठीक रहेगा।

3. छाछ।

तेज और ओज बढ़ने के लिए छाछ का निरंतर सेवन बहुत हितकर हैं। सुबह और दोपहर के भोजन में नित्य छाछ का सेवन करे। भोजन में पानी के स्थान पर छाछ का उपयोग बहुत हितकर हैं।

4.हरड़।

हर रोज़ एक छोटी हरड़ भोजन के बाद दाँतो तले रखे और इसका रस धीरे धीरे पेट में जाने दे। जब काफी देर बाद ये हरड़ बिलकुल नरम पड़ जाए तो चबा चबा कर निगल ले। इस से आपके बाल कभी सफ़ेद नहीं होंगे, दांत 100 वर्ष तक निरोगी रहेंगे और पेट के रोग नहीं होंगे, कहते हैं एक सभी रोग पेट से ही जन्म लेते हैं तो पेट पूर्ण स्वस्थ रहेगा।

5. दालचीनी और शहद।

सर्दियों में चुटकी भर दालचीनी की फंकी चाहे अकेले ही चाहे शहद के साथ दिन में दो बार लेने से अनेक रोगों से बचाव होता है।

6. नाक में तेल।

रात को सोते समय नित्य सरसों का तेल नाक में लगाये। और 5 – 5 बूंदे बादाम रोगन की या सरसों के तेल की या गाय के देसी घी की हर रोज़ डालें.

7. कानो में तेल।

सर्दियों में हल्का गर्म और गर्मियों में ठंडा सरसों का तेल तीन बूँद दोनों कान में कभी कभी डालते रहे। इस से कान स्वस्थ रहेंगे।

8. लहसुन की कली।

दो कली लहसुन रात को भोजन के साथ लेने से यूरिक एसिड, हृदय रोग, जोड़ों के दर्द, कैंसर आदि भयंकर रोग दूर रहते हैं।

9. तुलसी और काली मिर्च।

प्रात: दस तुलसी के पत्ते और पांच काली मिर्च नित्य चबाये। सर्दी, बुखार, श्वांस रोग, अस्थमा नहीं होगा। नाक स्वस्थ रहेगी।

10. सौंठ।

सामान्य बुखार, फ्लू, जुकाम और कफ से बचने के लिए पीसी हुयी आधा चम्मच सौंठ और ज़रा सा गुड एक गिलास पानी में इतना उबाले के आधा पानी रह जाए। रात क सोने से पहले यह पिए। बदलते मौसम, सर्दी व् वर्षा के आरम्भ में यह पीना रोगो से बचाता हैं। सौंठ नहीं हो तो अदरक का इस्तेमाल कीजिये।

Tuesday, June 28, 2016

कपूर के स्वास्थ्य वर्धक चमत्कारिक फायदे

पूजा में इस्तेमाल किया जाने वाला कपूर भले ही भगवान को खुश करने के लिए प्रयोग किया जाता हो। लेकिन इसके स्वास्थवर्धक फायदे भी बहुत हैं। जिनके बारे में शायद ही आप जानते हों। कपूर में मिलने वाले तत्व आपको कई रोगों से दूर रख सकते हैं। सेहत और सौंर्दय को बढ़ाने के लिए कपूर का इस्तेमाल पुराने समय से ही किया जाता रहा है। ऑल आयुर्वेदिक आपको बता रही है कैसे करें कपूर का इस्तेमाल।

आइये जानते हैं कपूर के 9 चमत्कारिक फायदे :
  1. गठिया रोग में : गठिया के दर्द में बहुत परेशानी होती है। जो लोग गठिया के दर्द से परेशान हैं वे कपूर के तेल से गठिया वाली जगह पर मालिश करें। इससे तुरंत आराम मिलता है।
  2. जल जाने पर : यदि आग से कोई अंग जल गया है तो ऐसे में कपूर बेहद फायदेमंद और आरामदायक दवा के रूप में काम करता है। कपूर का तेल को आग से जले अंग पर लगाने से जलन से राहत मिलती है।
  3. खुजली होने पर : गर्मियों के मौसम में खुजली की समस्या अधिक होती है। यदि खुजली हो रही हो तो अपनी त्वचा कपूर को घिसें। इससे खुजली खत्म हो जाएगी।
  4. पेट के दर्द में कपूर : पेट दर्द होने पर या पेट में बेचैनी हो रही हो तो कपूर बहुत फायदेमंद होता है। आप अजवायनए पोदिना और कपूर को मिलाकर इसका शर्बत बनाएं और इसका सेवन करें। इस उपाय से पेट का र्द ठीक हो जाता है।
  5. टेंशन होने पर कपूर का प्रयोग : यदि बेवजह के तनाव से दिमाग में परेशानी हो रही हो तो अपने सिर में कपूर के तेल की मालिश करें। कपूर के तेल की मालिश से तनाव धीरे.धीरे खत्म होने लगता है। साथ ही सिर का दर्द भी दूर होता है।
  6. जुकाम और फेफड़ों के रोग के उपचार में कपूर : यदि फेफड़ों में समस्या हो रही हो या सर्दी जुकाम लग गया हो तो ऐसे में आप कपूर को सूंघने से राहत मिलती है।
  7. बालों का झड़ना भी रोकता है कपूर : यदि बाल लगातार झड़ रहें हो तो नरियल के तेल में कपूर के तेल को मिलाकर इसको बालों पर लगाएं। कुछ ही दिनों में आपके बाल झड़ना रूक जाएगें।
  8. जोडों के दर्द में कपूर : शरीर की मुख्य समस्या है जोड़ों में दर्द होना। इसलिए आप कपूर के तेल को जोड़ों पर लगाएं। इससे आपको जोड़ों के दर्द से राहत मिलेगी।
  9. त्वचा का कोमल बनाता है कपूर : रूखी त्वचा को नरम बनाना और चेहरे पर निखार लाता है कपूर। बेहद काम की चीज है कपूर। इसलिए अपने घर में कपूर होने का पूरा फायदा उठाएं।

आँखों की रौशनी को बढ़ायें और 15 साल जवान हो जाएँ इस चमत्कारिक औषधि से

आँखों की रौशनी को बढ़ाने और उसके आस पास के तव्चा को पुनर्जीवित करने का उपचार बहुत ही आसान है इस की सारी  सामग्री आप की रसोई में ही मिल जायगी और इसे  बनाने की विधि बहुत ही सरल है.
ये चमत्कारी औषधि निकट दृष्टि दोष (Myopia) के इलाज में बहुत लाभकारी है |
इस औषधि की सबसे अच्छी  बात ये है के ये बिलकुल सुरक्षित है और इसके कोई दुश्पर्भाव नहीं हैं  कियोंकि ये प्रक्रितिक  तत्वों से बनी है |
और ये औषधि बनाने के लिए आपकी जेब पर भी ज़यादा भार नही पड़ेगा  कियोंकि ये बहुत हे कम कीमत में तैयार  हो जाती है |
इसके रोजाना  इस्तेमाल से आँखों के आस पास की तव्चा नरम और मुलायम हो जाती है |
और इसके इलावा इसके इस्तेमाल से आपके बाल भी अच्छे हो जाएँगे और बालों का झड़ना  कम हो जायेगा 
इसे एक बार ज़रूर इस्तेमाल करें कियोंकि इस में  आपका कुछ खर्च नही होगा बल्कि  बेशकीमती सेहत से जुड़े  फायदे होंगे |

त्यार  करने की सामग्री :

  • लहसुन की 3 कलियाँ (3 cloves garlic)
  • 10 चमच शुद्ध शहद   (organic honey)
  • 200 ग्राम अलसी का तेल  ( linseed oil)
  • 4 नीम्बू

बनाने की विधि:

सबसे पहले  लहसुन को छील  कर काटें और पीस लें | इसके बाद नीम्बू को छील  कर काट लें और उसे कांच के बर्तन में रखें और उसमे लहसुन , शहद और अलसी का तेल डाल दें | सभी चीज़ों को अच्छे  से किसी लकड़ी  के चमच से मिला लें | आप की औषधि तयार है | इस मिश्रण को जमाये नही | एक चमच खाना खाने से पहले दिन में 3 बार लें | इसे त्वचा पर नही लगाए|
ये चमत्कारी मिश्रण आपकी नज़र को बढ़ाएगा साथ ही साथ आपके चेहरे को चमकदार  बना कर आपको जवान दिखने में मदद करेगा | इसके नतीजे देख कर आप दंग  रह जायेंगे |

बेहतर स्तम्भन के लिए 7 युक्तियाँ (FOR TIMELY DISCHARGE)

अधिकांश पुरुषों उत्तेजना की कमी को किसी तरह से अपने जीवनकाल के दौरान भुगतना होता है , और ये तकलीफें ज्यादा ३० से ४० की उम्र के बीच पायी जाती हैं | सौभाग्य से ज्यादातर के लिए, स्तंभन दोष कुछऐसा है कि काफी आसानी से सुधारा जा सकता है | नीचे सूचीबद्ध कुछ बहुत ही उपयोगी सुझाव दिए गए हैं, जो पुरुषों को लम्बे समय तक और कठोर स्तम्भन देने में सहायक साबित होंगे और साथ ही स्वस्थ जीवन के लिए भी लाभप्रद हैं |
अच्छी नींद:- अच्छी नींद न सिर्फ आपके संन्य स्वस्थ्य के लिए बल्कि आपके यौन क्षमता के लिए भी बहुत जरूरी है | कम से कम ७ घंटे की नींद |प्रतिदिन ये निश्चित करती है की आप उन होर्मोनेस के लिए बाधा उत्पन्न नहीं कर रहें हैं | जो आपकी यौन चेतना नियंत्रित करता है | पर्याप्त मात्र में नींद यह सुनिश्चित करता है की आपके लिंग उचित मात्र में रक्त पहुचता रहे जो की स्तम्भन के लिए अति आवश्यक है |
व्यसनों से बचें :- धुम्रपान , गांजा आदि मादक द्रव्यों के सेवन से स्तम्भन दोष निश्चित है | ये दवाएं और जी हाँ निकोटिन एक शक्तिशाली द्रव्य है , आपके शरीर में रक्त वाहिकाओंको नुकसान पहुचाते हैं जो की आपके शिथिल स्तम्भन का कारण हो सकता हैं | तो अपनी इक्षा शक्ति का प्रयोग करें अथवा पेशेवर सलह से इन व्यसनों को दूर भगाएं |
पुष्ट भोजन के बाद सम्भोग करने से बचें :- ज्यादा कहने को पचाने के लिए आपके शारीर को अतिरिक्त उर्जा की जरूरत पड़ती है | इसलिए उस दौरान आपके लिंग तक आने वाला रक्त पेट की तरफ जाने लगता है जिसके कारण आपको स्तम्भन में परेशानी हो सकती है | इसलिए सम्भोग से पहले कम या न खाना बेहतर होगा |
जितना ज्यादा उतना अच्छा :- सरल सत्य है की जितनी ज्यादा से ज्यादा बार आप सहवास करते हैं यह आपके शारीर में टेस्तोस्तेरों का स्तर बढ़ता है जिसके कारण आप बेहतर स्तम्भन पा सकते हैं |
तोंद से छुटकारा पायें :- अदिक वजन होना न सिर्फ आपके ह्रदय और शारीर के अन्य हिस्सों के लिए बुरा है बल्कि आपके अताम्भन में भी कठिनाई उत्पन्न कर सकता है | स्वस्थ खाने से और नियमित व्यायाम अपना वजन घटाएँ |इससे न सिर्फ आपका शारीर स्वस्थ रहेगा बल्कि आप बहतर स्तम्भन भी प्राप्त कर सकेंगे |
सप्लीमेंट्स लें :-मछली का तेल, विटामिन सी और डी न सिर्फ आपका सामान्य स्वस्थ्य अच्छा करते हैं बल्कि आपको प्रबल स्तम्भन भी प्रदान करते हैं उपरलिखित सारे सप्लीमेंट्स सुरक्षित माने जाते हैं | मगर किस भी नए सप्लीमेंट को इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक की सलह ले लें |
तनाव का स्तर नियंत्रण में रखें :- तनाव का स्तर अगर ज्यादा बढ़ जाये ये स्तम्भन दोष का कारण हो सकता है | साथ ही साथ ये आपकी कामेक्षा में भी कमी ले आता है | इसलिए यह जरूरी है की तनाव को नियंतन में रखा जाये ताकि आपका मानसिक संतुलन और आपका यौन स्वस्थ्य बरक़रार रहे | व्यायाम , ध्यान और कुछ अन्य तनाव नियंतन के तकनीकों के सहारे तनाव से मुक्ति पा सकते हैं|
कुछ साधारण जीवन शैली में परिवर्तन के सुझाव हैं जिनकी मदद से आप स्तम्भन की समस्या से निजाद पा सकते हैं और एक संतोस्प्रद यौन जीवन की प्राप्ति कर सकते हैं | अगर इसके बावजूद आप अभी भी इस दोष से परेशां है तो आप एक पेशेवर यौन रोग विशेसग्य की सलाह लें, पूरी चिकित्सा करवाएं और परेशानी की जड़ तक पहुंचें |

घर पर तैयार करें हानिरहित टूथपेस्ट ( Prepare Harmless Toothpaste At Home )

घर पर तैयार करें हानिरहित टूथपेस्ट ( Prepare Harmless Toothpaste At Home )

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दिन की शुरुआत और दिन का समापन अक्सर टूथब्रश करने से ही होता है और आधे से ज्यादा लोग दाँतों की सफाई के लिये टूथपेस्ट का इस्तेमाल करते हैं । लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बाजार में मिलने वाले अधिकतर टूथपेस्ट में कुछ हानिकारक तत्व भी मिले होते हैं जो कि स्वास्थय के लिये बहुत ही नुक्सानदायक होते हैं । टूथपेस्ट के अधिकतर उत्पादों में सामान्य रूप से मौजूद रहने वाले हानिकारक तत्वों में से मुख्य होते हैं फ्लूओराईड, ट्राईक्लोसन और सोडियम लौरिल सल्फेट ।
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ट्राईक्लोसन को बहुत सी रिसर्च में हार्मोन पैदा करने वाली अंतःस्रावी ग्रंथियों को प्रभावित करते हुये पाया गया है जिस कारण से शरीर में हार्मोन का असंतुलन पैदा होता है ।
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सोडियम लौरिल सल्फेट का इस्तेमाल टूथपेस्ट में झाग बनाने के लिये किया जाता है किंतु यह तत्व कैंसर का कारण बनता हैं जिस कारण से टूथपेस्ट में सोडियम लौरिल सल्फेट के प्रयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की माँग उठने लगी हैं ।
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फ्लूओराईड एक रेडियोएक्टिव तत्व होता है जो कि स्वयं दाँतों और हड्डियों के लिये बहुत खराब होता है और दिमाग की कार्य क्षमता पर भी बहुत ही बुरा प्रभाव डालता है ।
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बाजारू टूथपेस्ट में उपस्थित इतने सारे हानिकारक तत्वों और उनके नुक्सान के बारें में जानकर यह विचार उठना लाजमी है कि इन सबसे बचने के लिये क्या किया जाये और इसका एक उचित समाधान है कि घर पर ही हानिरहित और पूर्णतया सुरक्षित टूथपेस्ट तैयार किया जाये । विधी हम आपको बता रहे हैं । आपको बस ये नीचे लिखे सामान एकत्रित करने हैं :-
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1 :- नारियल तेल 100 ग्राम
2 :- खाने का सोडा 20 ग्राम
3 :- हल्दी पाउडर 50 ग्राम
4 :- पोदीने का सत्व 5 ग्राम

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इन चारों सामानों को चौड़े मुँह वाली कटोरी में डालकर बहुत अच्छे से एकसार मिला लें और ध्यान रखें कि हल्दी और खाने के सोडे की कोई गाँठ न बनी रह जाये, हाँलाकि गाँठ बन जाने से कोई समस्या नही है किंतु प्रयोग करते समय यह गाँठ कई बार बहुत खराब लगती है । अच्छी तरह मिल जाने पर पीले रंग का एक पेस्ट प्राप्त होगा जो प्रयोग किये जाने के लिये तैयार है ।
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संग्रहण विधी :- अब इस तैयार मिश्रण को एक मेहंदी की तरह एक कीप बनाकर उसमे भर लीजिये और अच्छे से पैक कर लीजिये और सील पैक इस कीप को फ्रीज में रख दीजिये जिससे यह मिश्रण थोड़ा कड़ा हो जायेगा और टूथपेस्ट कीप से अपने आप बाहर नही निकलेगा ।
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प्रयोग विधी :- पहली बार प्रयोग करते समय कीप के मुँह को बहुत महीन सा काट लीजिये और अपने टूथब्रश पर जरूरत के अनुसार टूथपेस्ट निकाल लीजिये और कीप को वापिस फ्रीज में रख दीजिये और हमेशा की तरह ब्रश कीजिये ।
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ध्यान रखें :-
1 :- यदि सही से फ्रीज में ही लगातार रखा जाये तो यह टूथपेस्ट कई महीने तक खराब नही होता है ।
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2 :- कुछ लोगों के मन में शंका आयेगी कि हल्दी के कारण दाँतों पर पीलापन चढ़ जायेगा किंतु यह गलत शंका है ।
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3 :- चूँकि इस हानिरहित घरेलू टूथपेस्ट में हमने कोई झाग बनाने वाला नुक्सानकारी कैमिकल नही डाला है इसलिये इसके प्रयोग के समय झाग नही बनेंगे लेकिन झाग ना बनने के कारण इसके गुणों में कोई कमी नही आ जाती । यह बिना झाग के भी बहुत उत्तम परिणाम आपको देगा ।
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दोनों किडनियां और शारीर विषाक्त पदार्थों से मुक्त - केवल एक कप

JUST ONE GLASS OF THIS DRINK WILL CLEAR YOUR BODY OF ALL TOXINS AND CLEANSE YOUR KIDNEYS
इंसानी शरीर का विषाक्त पदार्थों से मुक्त होना बहुत  जरुरी होता है अन्यथा  यह हमारे शरीर को हानी पंहुचा  सकते है |बहतु से प्राक्रतिक तरीकों से शारीर को विषैले तत्वों से मुक्त किया जा सकता है, इस लेख में हम आप को बताएँगे  के शरीर को टोक्सिन मुक्त करने का सही और प्राक्रतिक तरीका क्या है | इस औषधि के  इस्तेमाल के बाद आप इस से मिलने वाले नतीजो से दंग रह जाएगे | इस विधि से आपका शरीर टोक्सिनस रहत हो जाये गा और शरीर पूरा दिन उर्जा से भरपूर रहे गा |

सामग्री – INGREDIENTS

  • 1 गिलास पानी
  • 4 सेब
  • 1 ताज़ा अदरक (3 चमच के बराबर पिसा हुआ)
  • 1 निम्बू
  • यदि संभव हो तो , यह सामग्री आर्गेनिक ही  उपयोग की जाए |

विधि- PREPARATION :-

निम्बू का छिलका  उतार कर सेब, निम्बू, अदरक और पानी को एक साथ जूसर में डाल कर रस निकाल ले | सुबह  खाली  पेट इस का सेवन करे | आप महसूस करेंगे कैसे  विषेले तत्व आपके शारीर से निकल रहें हैं और अपनी  सेहत में सुधार  नजर आयेगा आप पहले से जायदा उर्जा से भरे हुए महसूस करेंगे |

USES OF SHILAJEET (शिलाजीत)

  • पुरूषों की यौन शक्ति को बढ़ाता है शिलाजीत। इसके सेवन से बूढ़े इंसान में भी 20 वर्ष के जावन की तरह ताकत आ जाती है। शिलाजीत के फायदों को जानने से पहले आपको यह जानना जरूरी है कि आखिर शिलाजीत क्या है? प्राचीन वैदिक ग्रथों के अनुसार पत्थर से शिलाजीत बनता है। गर्मियों में सूर्य की गर्मी से पहाड़ों की चट्टानों के धातु पिघलने लगती है वह शिलाजीत कहा जाता है। यह तारकोल की तरह गाढ़ा और काला होता है।
  • शिलाजीत का स्वाद : शिलाजीत स्वाद में कसैल, गर्म और ज्यादा कडवा होता है। इसमें से गोमूत्र की तरह की गंध आती है।
  • शिलाजीत के प्रकार : यह चार प्रकार का होता है।
  1. स्वर्ण।
  2. रजत।
  3. लौह और
  4. ताम्र।
 शिलाजीत के लाभ :
  1. यौन ताकत : शिलाजीत का सबसे पहला और अहम फायदा यह है कि यह पुरूषों की यौन क्षमता को बढ़ाता है। साथ ही यह शीध्रपतन को भी रोकता है। शिलाजीत वीर्य को भी बढ़ाता है। शिलाजीत का सेवन करते हुए आपको मिर्च मसाले, खटाई और अधिक नमक के सेवन से परहेज करना है।
  2. स्वपनदोष की समस्या : शिलाजीत में केसर, लौहभस्म और अम्बर को मिलाकर सेवन करने से स्पनदोष ठीक हो जाता है। और पुरूष की इंद्री यौन इच्छा के लिए प्रबल हो जाती है। यह उपाय करते समय भी अधिक खटाई और मिर्च मसालों के सेवन से बचें।
  3. तनाव की समस्या : शिलाजीत का सेवन करने से तनाव को पैदा करने वाले हार्मोन्स संतुलित हो जाते हैं जिससे इंसान को टेंशन की समस्या नहीं होती है।
  4. ताकत : तुरंत उर्जा देता है शिलाजीत। इसमें अधिक मौजूद विटामिन और प्रोटीन की वजह से शरीर में उर्जा बढ़ जाती है।
  5. हड्डियों के रोग में : शिलाजीत खाने से हड्डियों की मुख्य बीमारियां जैसे जोड़ों का दर्द और गठिया की समस्या दूर होने के साथ हड्डियां मजबूत बनती हैं।
  6. ब्लडप्रेशर में : बल्डप्रेशर को सामान्य किया जा सकता है शिलाजीत के इस्तेमाल करने से। यह शरीर में खून को साफ करके नसों में रक्तसंचार को ठीक करता है।
  7. बूढ़ा होने से बचाता है : उम्र बढ़ने के साथ ही चेहरे और शरीर की त्वचा झुर्रीदार होने लगती है। ऐसे में सफेद मसूली, अश्वगंधा और शिलाजीत को मिलाकर बनाई गई दवा शरीर को फिर से जवां बनाने का काम करती है।
  8. डायबिटीज के रोग में : शिलाजीत मधुमेह से ग्रसित लोगों के लिए बेहद फायदेमंद औषधि है। एक चम्मच त्रिफला चूर्ण और एक चम्मच शहद को दो रत्ती शिलाजीत के साथ खाने से मधुमेह ठीक हो जाता है।
  9. बढ़ाए दिमाग की क्षमता को : रोज एक चम्मच मक्खन के साथ शिलाजीत का सेवन करने से दिमाग की क्षमता बढ़ती है। शिलाजीत न केवल शरीर की ताकत को बढ़ाता है यह दिमाग को भी तेज करता है।
  10. दिल की बीमारी में शिलाजीत : दिल की सेहत के लिए बहुत ही अच्छी औषधि है शिलाजीत। यह उच्च रक्तचाप की समस्या को भी ठीक करता है।
  11. सूजन में शिलाजीत : यदि गठिया या सूजन की समस्या हो रही हो तो वे शिलाजीत का सेवन करें आपको राहत मिलेगी।
  12. कमजोर पाचनतंत्र : जब पाचनतंत्र कमजोर होता है तब इंसान के शरीर को कई बीमारियां लगने लगती है। शिलाजीत खाने से पाचनतंत्र मजबूत और स्वस्थ बनता है।
  13. किड़नी की परेशानी : पैनक्रियाज और किड़नी की समस्या को भी ठीक करता है शिलाजीत। क्योंकि शिलाजीत शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को ठीक रखता है।
  14. कमजोर दिमाग : दिमाग की कमजोरी को दूर करने लिए शिलाजीत का सेवन करें। दूध और शहद के साथ शिलाजीत को सुबह सूर्य उगने से पहले सेवन करना चाहिए।
  15. शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना : शरीर की कमजोरी दूर करना और बीमारियों से लड़ने में रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना शिलाजीत के सेवन से होता है। दूध के साथ शुबह शाम शिलाजीत को खाने से इंसान बीमार नहीं पड़ता है।
 शिलाजीत खाने में सावधानियां :
  • अधिक शिलाजीत खाने से एलर्जी हो सकती है।
  • गर्भावस्था में शिलाजीत नहीं खाना चाहिए।
  • शिलाजीत के अधिक सेवन से बचना चाहिए।

होगी 5 किलो चर्बी कम पियें 1 ग्‍लास रोज

मोटापे या शरीर के बढ़ते वजन को कम करने के लिए, व्‍यायाम करना, खुराक पर नियंत्रण रखना और दौड़ना-टहलना आदि करना आवश्‍यक होता है। लेकिन बोल्‍डस्‍काई के इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे जूस के बारे में बता रहे हैं जो एक हफ्ते में आपका वजन पांच किलो तक कम कर सकता है।
इस प्राकृतिक जूस में एंटी-ऑक्‍सीडेंट तत्‍वों की भरमार है जो मेटाबोल्जिम रेट को बूस्‍ट करता है और आपके शरीर में एक्‍ट्रा फैट को बर्न करने में सहायता प्रदान करता है। आइए जानते हैं किस प्रकार इस जूस को तैयार कर सकते हैं:

आवश्‍यक सामग्री:-

  • गाजर का जूस – तीन चम्‍मच teaspoon
  • खीरे का जूस – 2 चम्‍मच teaspoon
  • सन के बीच – 1 चम्‍मच  teaspoon 

तैयार करने की विधि:-

तीनों प्रकार की सामग्रियों को एकत्रित कर लें और दोनों प्रकार के जूस को मिला लें।
सन के बीजों को मिक्‍सर में डालकर बुरादा बना लें और इस बुरादे को जूस में मिलाकर फेंट लें।

सेवन विधि:-

बनाएं गए पेय को हर सुबह खाली पेट पीना चाहिए। इसे बनाकर रखें नहीं बल्कि शीघ्र ही पी जाएं। एक हफ्ते में खुद अपने शरीर में परिवर्तन देखें।

Thursday, June 23, 2016

घरेलु नुस्खे, ये करने से मिलेगी जबरदस्त ताकत

सामान्यत: जो पुरुष ताकतवर होते हैं, उनका दांपत्य जीवन भी सुखी रहता है। इसलिए किसी भी तरह की कमजोरी पुरुषों में आत्मविश्वास की कमी का कारण बन सकती है। कई बार पुरुषों में पाई जाने वाली ये शारीरिक कमजोरियां अस्वस्थ संबंधों का कारण बन जाती हैं। कुछ शारीरिक कमजोरियां जैसे स्वप्न दोष, शीघ्र पतन व कमजोरी आदि ऐसी समस्याएं हैं, जो मन पर नियंत्रण न होने के कारण होती हैं। किसी व्यक्ति के जीवन में यौन समस्याएं उसके यौन जीवन में शुरुआत में विकसित हो सकती हैं या असुखद व असंतोषजनक यौन अनुभव होने के बाद भी हो सकती हैं। यौन समस्याओं के कारण शारीरिक, मानसिक, या दोनों हो सकते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं पुरुषों में कमजोरी पैदा करने वाली समस्याओं को खत्म करने के लिए कुछ नेचुरल नुस्खे। ये इस समस्या में रामबाण की तरह काम करते हैं।
1. रोज रात को सोने से पहले लहसुन की दो कलियां निगल लें। फिर थोड़ा-सा पानी पिएं। आंवले के चूर्ण में मिश्री पीसकर मिलाएं। इसके बाद प्रतिदिन रात को सोने से पहले करीब एक चम्मच इस मिश्रित चूर्ण का सेवन करें। इसके बाद थोड़ा-सा पानी पिएं।
2. आंवले का मुरब्बा खाएं। केला पुरुष की शक्ति को बढ़ाने वाला फल है। प्रतिदिन केले खाएं और संभव हो तो केला खाने के बाद दूध भी पिएं।
3. अजवाइन की पत्तियां स्वप्नदोष की समस्या के लिए एक बेहतरीन दवा है। अजवाइन की पत्तियों का जूस निकालकर उसे शहद के साथ लें। अजवाइन का रस इस तरह से लेने से बहुत जल्दी लाभ होता है।
4. नपुंसकता दूर करने के लिए पुरुषों को कच्ची भिंडी चबानी चाहिए। इस समस्या में भिंडी एक बेहतरीन दवा का काम करती है।
5. प्याज के सफेद कंद का रस, शहद, अदरक का रस और घी का मिश्रण 21 दिनों तक लगातार लेने से नपुंसकता दूर होकर पौरुष शक्ति प्राप्त होती है।
6. छुई-मुई के बीजों के चूर्ण (3 ग्राम) को दूध में मिलाकर रोजाना रात को सोने से पहले लिया जाए तो शारीरिक दुर्बलता दूर हो जाती है।
7. स्वस्थ सोच से ही शरीर स्वस्थ रहता है। यह एक सच्चाई है। इन समस्याओं के लिए हमारे मन की भावनाएं भी काफी हद तक जिम्मेदार होती हैं। मन में भोग-विलास के वासनात्मक ख्याल रहना या मन में हमेशा काम-वासना के विचार घुमड़ते रहना स्वप्नदोष व शीघ्रपतन जैसी समस्याओं का एक बड़ा कारण है।
8. मेथी को इस समस्या की बहुत कारगर दवा माना गया है। दो चम्मच मेथी के जूस में आधा चम्मच शहद मिलाकर रोजाना रात को लेने से इस समस्या में बहुत जल्दी आराम मिलता है।
9. हमारी आदतें भी स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है। यही कारण है कि कई बार सिर्फ गलत आहार-विहार यानी गलत समय पर गलत चीजें गलत तरीके से गलत मात्रा में लेने और अप्राकृतिक तरीके से अपनी दिनचर्या रखने से समस्याएं पैदा होती हैं। इन सभी कारणों से न सिर्फ स्वास्थ्य पर, बल्कि विवाहित जीवन पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही, आवश्यकता से अधिक भोजन करना भी पुरुषों में शारीरिक कमजोरी का एक बड़ा कारण बन सकता है।
10. बहुत अधिक गरिष्ठ भोजन, जैसे पिज्जा, बर्गर जैसे फास्ट फूड भी इसका एक बड़ा कारण हैं। अधिक घी-दूध, मेवे-मिठाई आदि का सेवन करना भी आयुर्वेद की दृष्टि से अच्छा नहीं माना गया है।
11. कच्चे प्याज का सेवन स्वप्नदोष की समस्या में बहुत अच्छा माना गया है। खाने में किसी भी रूप में प्याज का सेवन किया जाए तो इस समस्या में लाभ पहुंचता है। साथ ही, अगर इसे कच्चा खाया जाए तो बेहतर परिणाम मिलते हैं।

Wednesday, June 22, 2016

बालों को काला करना

बालों को काला करना

बाजारू हेयर कलर, डाई आदि बालों और आँखों के लिये नुकशान दायक है, घर में इस मिश्रण को बना कर आप फायदा उठा सकते हैं।

सूखी पिसी मेहँदी 20 ग्राम
कॉफी पाउडर 5 ग्राम
दही 25 ग्राम
नींबू का रस 2 चमच
कत्था 3 ग्राम
ब्राह्मी चूर्ण 10 ग्राम
आंवला चूर्ण 10 ग्राम


सभी को अच्छे से मिक्स कर लें, इस पेस्ट को बालों में लगा कर आधे घंटे के लिए छोड़ दें, इसके बाद सादे जल से धो लें। बाल काले, घने और रेशमी हो जायेंगे।

घुटनों का दर्द दूर करने के लिए आसान घरेलू उपाय

घुटनों का दर्द दूर करने के लिए 5 आसान घरेलू उपाय 

घुटनों का दर्द बहुत ही पीड़ादायक होता है और यह आपको चलने-फिरने में भी असमर्थ कर देता है. यदि आपका वजन अधिक हो या आप वृद्धावस्था में हों तो घुटनों का दर्द और भी तकलीफदेह हो जाता है. कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद से घुटनों के दर्द की इस तकलीफ से छुटकारा पाया जा सकता है.
आइये जाने ये घरेलु प्रयोग।

यदि आप निम्नलिखित कारणों से घुटनों के दर्द से पीड़ित है:-
घुटनों की माँसपेशियो में खून का दौरा सही नहीं होना.
घुटनों की माँसपेशियो में खिंचाव या तनाव होना.
माँसपेशियो में किसी भी तरह की चोट का प्रभाव.
वृद्धावस्था.

तो नीचे बताये गए पांच घरेलू उपाय आपको घुटनों के दर्द से छुटकारा दिला सकते हैं....
घुटनों के दर्द के उपाय ⇨

★ घुटनों का दर्द – उपाय 1
नीचे बताई गयी सामग्री को मिला कर हल्दी का एक दर्द निवारक पेस्ट बना लीजिये....
1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
1 छोटा चम्मच पीसी हुई चीनी, या बूरा या शहद
1 चुटकी चूना (जो पान में लगा कर खाया जाता है)

आवश्यकतानुसार पानी

इन सभी को अच्छी तरह मिला लीजिये.
एक लाल रंग का गाढ़ा पेस्ट बन जाएगा.

यह पेस्ट कैसे प्रयोग करें:-
सोने से पहले यह पेस्ट अपने घुटनों पे लगाइए.
इसे सारी रात घुटनों पे लगा रहने दीजिये.
सुबह साधारण पानी से धो लीजिये.
कुछ दिनों तक प्रतिदिन इसका इस्तेमाल करने से सूजन, खिंचाव, चोट आदि के कारण होने वाला घुटनों का दर्द पूरी तरह ठीक हो जाएगा.


★ घुटनों का दर्द – उपाय 2
1 छोटा चम्मच सोंठ का पाउडर लीजिये और इसमें थोडा सरसों का तेल मिलाइए.
इसे अच्छी तरह मिला कर गाड़ा पेस्ट बना लीजिये.

इसे अपने घुटनों पर मलिए.
इसका प्रयोग आप दिन या रात कभी भी कर सकते हैं.
कुछ घंटों बाद इसे धो लीजिये.
यह प्रयोग करने से आपको घुटनों के दर्द में बहुत जल्दी आराम मिलेगा.


★ घुटनों का दर्द – उपाय 3
नीचे बताई गयी सामग्री लीजिये:-
4-5 बादाम
5-6 साबुत काली मिर्च
10 मुनक्का
6-7 अखरोट

प्रयोग:
इन सभी चीज़ों को एक साथ मिलाकर खाएं और साथ में गर्म दूध पीयें.
कुछ दिन तक यह प्रयोग रोजाना करने से आपको घुटनों के दर्द में आराम मिलेगा.


★ घुटनों का दर्द – उपाय 4
खजूर विटामिन ए, बी, सी, आयरन व फोस्फोरस का एक अच्छा प्राकृतिक स्रोत है. इसलिए, खजूर घुटनों के दर्द सहित सभी प्रकार के जोड़ों के दर्द के लिए बहुत असरकारक है.
प्रयोग:
एक कप पानी में 7-8 खजूर रात भर भिगोयें.
सुबह खाली पेट ये खजूर खाएं और जिस पानी में खजूर भिगोये थे, वो पानी भी पीयें.

ऐसा करने से घुटनों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, और घुटनों के दर्द में बहुत लाभ मिलता है.


★ घुटनों का दर्द – उपाय 5
नारियल भी घुटनों के दर्द के लिए बहुत अच्छी औषधी है.
नारियल का प्रयोग:
रोजाना सूखा नारियल खाएं.
नारियल का दूध पीयें.
घुटनों पर दिन में दो बार नारियल के तेल की मालिश करें.

इससे घुटनों के दर्द में अद्भुत लाभ होता है.
आशा है आपको इन आसान घरेलू उपायों की मदद से घुटनों के दर्द से छुटकारा मिलेगा और आपकी ज़िंदगी बेहतर हो सकेगी.

लिवर‬ की सभी बीमारियो का सरल उपचा


पीलिया
Hippetaitis A, B, C.
ESR में लाभ दायक
लिवर का बढ़ना
Fatty liver
लिवर की कमजोरी
लगभग सभी लिवर की परेशानी में लाभकारी


सिरप से बचे अपनाए निम्न सरल उपचार --
‪#‎पीलिया‬ लीवर से सम्बंधित रोग है, इस रोग में रोगी की आँखे पीली पड़ जाती हैं, पेशाब का रंग पीला हो जाता है, अधिक तीव्रता होने पर पेशाब का रंग और भी खराब हो जाता है, पीलिया दिखने में बहुत साधारण सी बीमारी लगती है, मगर इसका सही समय पर इलाज ना हो तो ये बहुत भयंकर परिणाम दे सकती है, रोगी की जान तक जा सकती है इसमें. आज हम आपको इस जानलेवा बीमारी का एक ऐसा रामबाण उपचार बता रहे हैं जो आपकी बरसों से चलती आ रही इस बीमारी को भी ज्यादा से ज्यादा 3-४ दिन में बिलकुल सही कर देगी. ये उपचार पीलिया चाहे वो ‪#‎हेपेटाइटिस‬ ‪#‎ऐ‬ ‪#‎बी‬ या ‪#‎सी‬ हो या फिर ‪#‎बिलरुबिन‬ या ‪#‎ESR‬ भी बढ़ा हुआ हो तो भी ये बहुत कारगर है. तो आइये जाने.
पीलिया हेपेटाइटिस ऐ बी या सी या फिर लीवर का कोई भी रोग हो, चाहे लीवर छोटा हो, फैटी हो या कोई भी रोग हो आप यह ज़रूर आजमाए.
रोगी को दिन में कम से कम 2 से 4 हरे नारियल का पानी पिलायें, नारियल तुरंत खोल कर तुरंत ही पानी पिलाना है, इसको ज्यादा देर तक रखना नहीं है. एक दिन के बाद ही पेशाब का कलर बदलना शुरू हो जायेगा. ऐसा निरंतर ४-५ दिन करने के बाद आप बिलकुल स्वस्थ अनुभव करेंगे. ऐसे में रोगी को जो भी इंग्लिश दवा दी जा रही हो उसको एक बार बंद कर दी जाए.. और अगर रोगी कि हालत बहुत सीरियस हो तो उसको इसके साथ में ग्लूकोस दिया जा सकता है. और बाकी पूरा दिन सिर्फ नारियल पानी पर ही रखें. ये प्रयोग अनेक लोगों पर पूर्ण रूप से सफल रहा है. लीवर में होने वाले किसी भी रोग के लिए भी इस प्रयोग को निसंकोच अपनाया जा सकता है.
आप के मन के सभी प्रश्नो के उत्तर यही लिख रहा हूँ
कृपा पोस्ट पूरी पढ़े ----

मित्रो आवश्यक नही की उपवास ही करे ये मरीज की कंडीसन पर निर्भर करता है
की उपवास पर रख सकते है या नही
आप सभी
निम्न बातो को ध्यान रखे

लिवर से सम्बंधित विकार में
बहुत ही कम तेल (2 3 चम्मच) का हल्का व तरल भोज्य पदार्थ का सेवन करे
नोट- केवल सर्सो का तेल ही खाए

(कोई भी अन्य रिफाइन/ सोया तेल आदि नही)
जैसे
पतली खिचड़ी
या
बीना छिलके की दाल ख़ास कर मुंग की दाल

आदि को ले
रोटी 6 7 दिन न ही खाए तो बेहतर है
आप दाल पिए
जूस पिए व छाछ पिए दोपहर में
रात्रि में छाछ कभी न पिए
पपीता का सेवन करना बहुत लाभ कारी है
एक उपचार और जो मेरे आदर्श श्री राजीव दिक्सित जी ने बताया था
1 ग्लास गन्ने क्र रस में 1 ग्राम खाने का चूना घोल कर मरीज को रोज सुबह खाली पेट पिलाए
चूना पंसारी या पान वाले से मिले गा
2 रु का पैकेट के रूप में

नोट- पथरी के मरीज न ले चूना