1) पहला प्रयोग :-
नींबू के छिलकों पर थोड़ा-सा सरसों का तेल डालकर दाँत एवं मसूढ़ों को घिसने से दाँत सफेद एवं चमकदार होते हैं, मसूढ़े मजबूत होते हैं, हर प्रकार के जीवाणुओं का नाश होता है तथा पायरिया आदि रोगों से बचाव होता है। पोस्ट बाय कृष्ण कुमार डावर
मशीनों से दाँत की सफाई इतनी हितकारी नहीं है।
2) दूसरा प्रयोग :-
बड़ और करंज की दातौन करने से दाँत मजबूत होते हैं।
बड़ और करंज की दातौन करने से दाँत मजबूत होते हैं।
3) तीसरा प्रयोग :-
अखरोट की छाल को अच्छी तरह चबाकर उसका रस मुँह में फैलाकर, थोड़ी देर तक रखकर थूक देने से अथवा अखरोट की छाल को पानी में उबालकर उसके कुल्ले करने से दाँत के दर्द, मसूढ़ों में से खून आना, दाँत की दुर्गन्ध आदि में लाभ होता है। यह पंसारी और करने की दुकान पर अखरोट की छाल या रंगीला दातुन के नाम से मिल जाती है
अखरोट की छाल को अच्छी तरह चबाकर उसका रस मुँह में फैलाकर, थोड़ी देर तक रखकर थूक देने से अथवा अखरोट की छाल को पानी में उबालकर उसके कुल्ले करने से दाँत के दर्द, मसूढ़ों में से खून आना, दाँत की दुर्गन्ध आदि में लाभ होता है। यह पंसारी और करने की दुकान पर अखरोट की छाल या रंगीला दातुन के नाम से मिल जाती है
4) दाढ़ का दर्द :-
कपूर की गोली अथवा लौंग या सरसों के तेल या बड़ के दूध में भिगोया हुआ रूई का फाहा अथवा घी में तली हुई हींग का टुकड़ा दाढ़ के नीचे रखने से दर्द में आराम मिलता हैं।
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