Friday, November 18, 2016

आंवला कैंडी बनाने की विधि।


आंवला सेहत की दृष्टि से बहुत फायदेमंद है ये सब लोग जानते हैं, इसीलिए आंवलों को खाने के अनेक प्रकार के ढंग बनाये गए, चाहे तो वो मुरब्बा हो चाहे वो चूर्ण हो, चाहे वो सब्जी हो। किसी भी प्रकार से आंवला खाया जाना चाहिए, क्यूंकि ये सेहत की दृष्टिकोण से बहुत ही फायदेमंद हैं। आज इसी कड़ी में हम आपको बता रहे हैं आंवला सेवन के सबसे सुन्दर विधि के बारे में, आंवला कैंडी के बारे में। जानिये कैसे आप ये घर पर बनाये। और मज़े से लुत्फ़ उठाये। आइये जाने।

आवश्यक सामग्री‬

आंवला – 1 किलोग्राम ,
चीनी – 700 ग्राम

विधि‬

(1) आवले ठीक से साफ़ करके उबलते पानी में डाल दें पानी इतना ही रखें की आवले केवल डूब जाएँ। जब आंवले ठीक से पक कर उनकी फांके फटने लगे तो आंच बंद करके आवलों को बाहर पानी से बाहर निकाल कर ठंडा होने दें।
(2) अब आंवलों को हल्का दबाकर उनके बीज निकाल दें।
 (3) किसी स्टील के बर्तन में बीज निकाले हुए आंवले की फांके डालकर ऊपर से चीनी डाल दें। लगभग 12 घंटे बाद आप देखेंगे की सब चीनी घुल गयी है और आवले तैर रहे हैं। इसे अभी ऐसे ही पड़ा रहने दें।
(4) दो दिन बाद आप देखेंगे की आंवलों का आकार पहले से कुछ सिकुड़ गया है और वो बर्तन की तली में बैठ गए हैं।
(5) जब सारे आवले बर्तन की तली में बैठ जाएँ तो इन्हें किसी छन्नी की सहायता से छान लें और जब सारा पानी निकल जाये तो धूप में सुखा लें।
(6) धूप में इतना ही सुखाएं की आवले की ऊपरी सतह की नमी ख़त्म हो जाये ज्यादा सुखा देने से ये कड़े हो जाते हैं। अब दो तीन चम्मच चीनी और दो छोटी इलायची आपस में पीसकर इस पाउडर को सूखे हुए आवलों पर छिड़क कर ठीक से मिक्स कर लें। और कांच के बर्तन में सुरक्षित रख लें।
यदि चटपटी बनानी हो तो आधा चम्मच काला नमक तीन चम्मच चीनी चौथाई चम्मच काली मिर्च चौथाई चम्मच दालचीनी मिलाकर पीसें और इससे कोटिंग करें।
ज्यादा मात्रा में बनाये तो चीनी और आवले का अनुपात यही रखें। चीनी कम लेने से ठीक नहीं बनता और जल्दी खराब हो जाता है चीनी ज्यादा रखने से आवले का पानी ज्यादा निकल जाता है और बहुत कड़े बनते हैं।
आयुर्वेद में चीनी का तत्प्रय बुरा शक्कर से हैं। दानेदार सफ़ेद चीनी ज़हर के समान हैं।

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