ऐसे बनाऐ ऐलोवेरा साबुन।
ऐलोवेरा प्रकृति का वरदान है। जो खूबसूरती को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसे त्वचा की देखभाल का उत्कृष्ट संयंत्र माना जाता है, क्योंकि यह त्वचा के ऊतकों को पुनर्जीवित करने और उन्हें हमेशा स्वस्थ और हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। यह चेहरे की त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में भी सहायक होता है। ऐलोवेरा को कई प्रकार से सुंदरता को बढ़ाने और निखारने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है।ऐलोवेरा को अगर त्वचा के लिए अमृत कहा जाये तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको ऐलोवेरा साबुन बनाने के तरीके के बारे में बता रहे हैं। यह रूखी, बेजान, दागदार त्वचा के साथ-साथ मुंहासों, सोरायसिस आदि त्वचा की समस्या को दूर करने में भी मददगार साबित होगा। यहां दिये आसान उपाय की मदद से आप इसे आसानी से घर में बना सकते है, तो देर किस बात की, इस प्राकृतिक साबुन के फायदों का लाभ आप भी जल्द लें।
1 किलो ऐलोवेरा साबुन बनाने की सामग्री
110 ग्राम – ऐलोवेरा का पल्प
110 मिली – कास्टिक सोडा
750 मिली – जैतून का तेल
250 मिली – पानी
आवश्यक तेल (वैकल्पिक)
ऐलोवेरा साबुन बनाने के उपाय
इस होममेड साबुन को बनाने के लिए, ऐलोवेरा के अलावा आपको ऑलिव ऑयल, पानी, कास्टिक सोडा और और साबुन को विशेष खुशबू देने के लिए आवश्यक तेल की आवश्यकता होती है।
साबुन को बनाने के लिए खुली और हवादार जगह और दस्ताने पहनना आपके लिए अच्छा रहता है।
सबसे पहले, पानी को उबाल कर, उसे प्लास्टिक कंटेनर में डालें।
कंटेनर में कास्टिक सोडा मिलाये, मिश्रण को अच्छे से मिक्स करके लगभग एक घंटे के लिए ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
मिश्रण के ठंडा होने तक आप चाकू और चम्मच की मदद से ऐलोवेरा को काटकर उसका पल्प निकाल लें।
ऐलोवेरा पल्प को अच्छे से मैश करें और ऑलिव ऑयल को माइक्रावेव में गर्म करें।
जब मिश्रण ठंडा हो जाये तो इसमें धीरे-धीरे जैतून का तेल मिलाये।
मिश्रण के गाढ़ा होने तक आप इसे एक ही दिशा में हिलाना न भूलें।
अब इस मिश्रण में ऐलोवेरा को मिलाकर अच्छे से हिलाये और इसके सेट होने पर आप चाहे तो अपनी इच्छानुसार थोड़ा सा आवश्यक तेल जैसे लैवेंडर, गुलाब आदि मिला सकते हैं।
अंत में, जब आपका मिश्रण एक सामान हो जाये तो इसे बड़े और गहरे सांचे में डालें। अगले दिन, यह और अधिक ठोस हो जाता है। अब आप इस ऐलोवेरा साबुन को टुकड़ों में काट लें।
इसे इस्तेमाल करने से पहला पर्याप्त रूप से ठोस होने के लिए 15-30 दिन का समय दें।
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