गले के सभी प्रकार के
रोगो इन्फेक्शन के लिए।
कई बार खांसी जुकाम की वजह से या कुछ गलत
खान पान से हमारे गले में भयंकर समस्या आ
जाती हैं, और समस्या इतनी भयंकर हो जाती हैं
के हम कुछ खा भी नहीं सकते। आज हम आपको
बताएँगे ऐसी ही गले की भयंकर समस्याएं
और किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन जैसे
टॉन्सिल नया या पुराना, गला बैठना, गले में
खराश, गले में कुछ भी निगलने पर दर्द का
आसान सा घरेलु उपाय।
तो आइये जानते हैं गले के सभी
प्रकार के रोगो इन्फेक्शन के लिए
ये उपाय।
एक गिलास देशी गाय के दूध में एक चौथाई
चम्मच हल्दी और एक चम्मच देशी गाय का घी
मिलाकर उबालें और रात्रि में सोने से पहले चाय
की तरह पिये और सो जाये चाहे तो मिश्री
मिला सकते हैं परंतु चीनी कभी नहीं।
और यदि हाल ही में किसी को टॉन्सिल हुआ
है तो उसके लिए केवल इतना ही करे कि रात्रि
में देशी गाय के एक गिलास दूध में एक चौथाई
चम्मच हल्दी पाउडर को मिलाकर उबालें और
रात्रि में सोने से पहले चाय की तरह पिये।
यदि टॉन्सिल पुराना है तो उसके लिए एक
चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर को मुह के अंदर
जहां तक मुंह खुल सकता है वहीं चम्मच की
सहायता से छोड दें और इसे धीरे-धीरे लार के
साथ अंदर जाने दें और एक घंटे तक पानी न
पिये, अर्थात कुछ भी न खाये पिये
हफ्ते में तीन या चार दिन ये कर सकते हैं दिन में
दो बार कीजिये।
रोगो इन्फेक्शन के लिए।
कई बार खांसी जुकाम की वजह से या कुछ गलत
खान पान से हमारे गले में भयंकर समस्या आ
जाती हैं, और समस्या इतनी भयंकर हो जाती हैं
के हम कुछ खा भी नहीं सकते। आज हम आपको
बताएँगे ऐसी ही गले की भयंकर समस्याएं
और किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन जैसे
टॉन्सिल नया या पुराना, गला बैठना, गले में
खराश, गले में कुछ भी निगलने पर दर्द का
आसान सा घरेलु उपाय।
तो आइये जानते हैं गले के सभी
प्रकार के रोगो इन्फेक्शन के लिए
ये उपाय।
एक गिलास देशी गाय के दूध में एक चौथाई
चम्मच हल्दी और एक चम्मच देशी गाय का घी
मिलाकर उबालें और रात्रि में सोने से पहले चाय
की तरह पिये और सो जाये चाहे तो मिश्री
मिला सकते हैं परंतु चीनी कभी नहीं।
और यदि हाल ही में किसी को टॉन्सिल हुआ
है तो उसके लिए केवल इतना ही करे कि रात्रि
में देशी गाय के एक गिलास दूध में एक चौथाई
चम्मच हल्दी पाउडर को मिलाकर उबालें और
रात्रि में सोने से पहले चाय की तरह पिये।
यदि टॉन्सिल पुराना है तो उसके लिए एक
चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर को मुह के अंदर
जहां तक मुंह खुल सकता है वहीं चम्मच की
सहायता से छोड दें और इसे धीरे-धीरे लार के
साथ अंदर जाने दें और एक घंटे तक पानी न
पिये, अर्थात कुछ भी न खाये पिये
हफ्ते में तीन या चार दिन ये कर सकते हैं दिन में
दो बार कीजिये।
No comments:
Post a Comment