Saturday, May 14, 2016

मस्सों को आयुर्वेद से कैसे दूर करें

लाखों लोग त्वचा की समस्याओं से ग्रसित
रहते हैं। इनमे से कुछ समस्याएँ गंभीर होती हैं,
और कुछ गौण समझी जाती हैं, और इन गौण
समस्याओं में से एक समस्या होती है, मस्से। यह
सिर्फ गौण ही नहीं बल्कि आम समस्याओं में
गिनी जाती है। मस्से त्वचा पर एक उपज की
तरह होते हैं, और सुसाध्य समझे जाते हैं, यानि
कि वे कैंसरयुक्त नहीं होते। मस्से ‘ह्युमन
पैपिल्लोमा वाइरस’ के कारण विकसित होते
हैं।
मस्सों के लक्षण
त्वचा पर बेडौल और रुखी सतह का विकास
होना, मस्सों के लक्षण होते हैं। मस्से अपने आप
विकसित होकर अपने आप ही गायब हो जाते
हैं, पर इनमे से कई मस्से अत्याधिक पीड़ादायक
होते हैं। यह तेज़ी से फैलते हैं, और इनमे से कई मस्से
बरसों तक बने रहते हैं
मस्सों के उपचार
1-अरंडी का तेल नियमित रूप से मस्सों पर
लगायें। इससे मस्से नरम पड़ जायेंगे, और
धीरे धीरे गायब हो जायेंगे। अरंडी के
तेल के बदले कपूर के तेल का भी प्रयोग
कर सकते हैं।
2-कच्चे आलू का एक स्लाइस नियमित रूप
से दस मिनट तक मस्से पर लगाकर रखने से
मस्सों से छुटकारा मिल जायेगा।
3-एक बूँद ताजे मौसमी का रस मस्से पर
लगा दें, और इसे भी पट्टी से बांध लें।
ऐसा दिन में लगभग 3 या 4 बार करें।
ऐसा करने से मस्से गायब हो जायेंगे।
अम्लाकी को मस्सों पर तब तक मलते
रहें जब तक मस्से उस रस को सोख न लें।
या अम्लाकी के रस को मस्से पर मल
कर पट्टी से बांध लें.
4-मस्सों पर नियमित रूप से प्याज़ मलने से
भी मस्से गायब हो जाते हैं।
5-मस्सों पर अलो वेरा को दिन में तीन
बार लगायें। ऐसा एक सप्ताह तक करते
रहें, मस्से गायब हो जायेंगे।
6-बरगद के पेड़ के पत्तों का रस मस्सों के
उपचार के लिए बहुत ही असरदार होता
है। इस प्रयोग से त्वचा सौम्य हो
जाती है और मस्से अपने आप गिर जाते
हैं।
7-केले के छिलके को अंदर की तरफ से मस्से
पर रखकर उसे एक पट्टी से बांध लें। और
ऐसा दिन में दो बार करें और लगातार
करते रहें जब तक कि मस्से ख़तम नहीं हो
जाते।
8-बरगद के पेड़ के पत्तों का रस मस्सों के
उपचार के लिए बहुत ही असरदार होता
है। इस प्रयोग से त्वचा सौम्य हो जाती है और मस्से अपने आप गिर जाते हैं।

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