जूतों और पाँव के तालुओं से आने वाली गंध दूर करने का देशी उपाय::
सन्तरे के छिलकों को फेंके नहीं, रात में इन्हें दुर्गन्ध मार रहे जूतों के अंदर रख दें, अगली सुबह इन छिलकों को फेंक दें, जूतों से दुर्गन्ध दूर हो जाएगी। जिनके पाँवों के तालुओं से गंध आती है उसे दूर करने का देशी उपाय भी जान लीजिए...चाय बनाकर चायपत्तियों को छानने के बाद फ़ेंकें नहीं। दिन भर में जितने बार भी चाय बने, पत्तियों को छानकर एकत्र कर लें, रात सोने से पहले सारी चायपत्ती को बड़े बर्तन में उबालें और जब यह गुनगुना हो जाए तो अपने तालुओं को इस पानी में करीब २० मिनट तक डुबोकर रखें। जो घर में चाय नहीं पीते वे चायपत्ती (२० ग्राम, करीब ५ चम्मच) लेकर १ लीटर पानी में १० मिनट उबालकर इसे तैयार कर सकते हैं। ऐसा सप्ताह में सिर्फ एक बार ही करें, एक महीने में समस्या से हमेशा का छुटकारा मिल जाएगा। चाय में टैनिक एसिड पाया जाता है जो कि पसीना रोकने में सक्षम होता है और इसमें त्वचा की कोशिकाओं को ड्राय (Dry) करने का गुण होता है साथ ही दुर्गंधकारक सूक्ष्मजीवों को मार भी गिराता है।
सन्तरे के छिलकों को फेंके नहीं, रात में इन्हें दुर्गन्ध मार रहे जूतों के अंदर रख दें, अगली सुबह इन छिलकों को फेंक दें, जूतों से दुर्गन्ध दूर हो जाएगी। जिनके पाँवों के तालुओं से गंध आती है उसे दूर करने का देशी उपाय भी जान लीजिए...चाय बनाकर चायपत्तियों को छानने के बाद फ़ेंकें नहीं। दिन भर में जितने बार भी चाय बने, पत्तियों को छानकर एकत्र कर लें, रात सोने से पहले सारी चायपत्ती को बड़े बर्तन में उबालें और जब यह गुनगुना हो जाए तो अपने तालुओं को इस पानी में करीब २० मिनट तक डुबोकर रखें। जो घर में चाय नहीं पीते वे चायपत्ती (२० ग्राम, करीब ५ चम्मच) लेकर १ लीटर पानी में १० मिनट उबालकर इसे तैयार कर सकते हैं। ऐसा सप्ताह में सिर्फ एक बार ही करें, एक महीने में समस्या से हमेशा का छुटकारा मिल जाएगा। चाय में टैनिक एसिड पाया जाता है जो कि पसीना रोकने में सक्षम होता है और इसमें त्वचा की कोशिकाओं को ड्राय (Dry) करने का गुण होता है साथ ही दुर्गंधकारक सूक्ष्मजीवों को मार भी गिराता है।
No comments:
Post a Comment