हींग (अंग्रेजी: Asafoetida ) सौंफ़ की प्रजाति का एक ईरान मूल का पौधा है। कच्ची हींग का स्वाद लहसुन जैसा होता है, लेकिन जब इसे व्यंजन में पकाया जाता है तो यह उसके स्वाद को बढा़ देती है। इसे संस्कृत में 'हिङ्गु' कहा जाता है।
हींग एक पौधे का चिकना रस है जिसे निकालकर सुखा लिया जाता है। यह स्वाद और गंध में बहुत ही तीखी होती है। हींग भूख को बढ़ाती है, कफ और वात को खत्म करती है, सांस की बीमारी और खांसी का नाश करती है। आइए जानें कि हींग के और क्या-क्या फायदे हैं
कान में दर्द रहता है तो थोड़े सरसों के तेल में जरा-सी हींग डालकर अच्छी तरह गर्म कर लें, जब हल्का गर्म रह जाए तो छान कर, बूंद-बूंद करके कान में डालें। कफ के कारण उत्पन्न हुआ यह दर्द ठीक हो जाएगा।
पेट में गैस की समस्या है तो हींग को पानी में धोलकर नाभि के आसपास लेप करें। पेट की गैस निकल जाएगी। यह उपाय खासकर छोटे बच्चों के लिए बहुत ही कारगर साबित है।
भूनी हुई हींग में आधा से एक ग्राम, अजवाइन और काला नमक मिलाकर गर्म पानी के साथ लेने से पेट में गैस का बनना व ऊपर चढ़ना एकदम ठीक हो जाता है।
जुकाम में भी खूब कारगर है हींग का उपयोग। 1-1 ग्राम मात्र में हींग, सोंठ और मुलहठी को बारीक पीस लें। अब इसमें गुड़ या शहद मिलाकर छोटी-छोटी चने के आकार की गोलियां बना लें। 1-1 गोली सुबह और शाम चूसें, जुकाम ठीक हो जाएगा।
कफ नाक में जमा हो जाता है तो हींग के घोल को नाक से सूंधें। नाक में जमा हुआ कफ निकल जाएगा और उसकी बदबू भी दूर हो जाएगी।
मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द से परेशान रहती हैं? तो लगभग आधा ग्राम भूनी हुई हींग तीन दिन तक सुबह पानी के साथ लें। दर्द दूर हो जाएगा। यह प्रयोग मासिक धर्म शुरू होने वाले दिन से करें।
बच्चे को अगर गुदा मार्ग में कीड़े लगे हों तो, थोड़ा सा हींग पानी में धोलकर गुदा मार्ग पर लगाए। कीड़े नष्ट हो जाएंगे।
अगर पैर की एड़ियां फट गई हों, तो नीम के तेल में हींग डालकर उसे फटी जगह पर लगाएं। एड़ियां ठीक हो जाएंगी।
केले के गूदे में या गुड़ में बाजरे के दाने के बराबर हींग रखकर खाने से उल्टी आना, डकार आना और हिचकी आना बंद हो जाता है।
रोजाना दाल व सब्जियों में हींग का छौंक लगाने से पेट संबंधी रोग ठीक रहते हैं।
अगर जी मिचलाता हो तो 5 ग्राम भूनी हुई हींग, चार चम्मच अजवाइन, दस मुनक्का और थोड़ा सा काला नमक लेकर पींस लें।
चौथाई चौथाई चम्मच दिन में तीन बार लें। जी मिचलाना ठीक हो जाएगा।
दांत में दर्द ठीक करना हो तो अफीम और हींग का फोहा दर्द वाली जगह पर रखें, आराम मिलेगा।
दांतों में कीड़ा लग जाने पर रात्रि को दांत में हींग दबाकर सोएं। कीड़े खुद-ब-खुद निकल जाएंगे।
यदि शरीर के किसी हिस्से में कांटा चुभ गया हो तो उस स्थान पर हींग का घोल भर दें। कुछ समय में कांटा स्वतः निकल आएगा।
हींग में रोग-प्रतिरोधक क्षमता होती है। दाद, खाज, खुजली व अन्य चर्म रोगों में इसको पानी में घिसकर उन स्थानों पर लगाने से लाभ होता है।
हींग का लेप बवासीर, तिल्ली व उदरशोथ में लाभप्रद है।
कब्जियत की शिकायत होने पर हींग के चूर्ण में थोड़ा सा मीठा सोड़ा मिलाकर रात्रि को फांक लें, सबेरे शौच साफ होगा।
पेट के दर्द, अफारे, ऐंठन आदि में अजवाइन और नमक के साथ हींग का सेवन करें तो लाभ होगा।
पेट में कीड़े हो जाने पर हींग को पानी में घोलकर एनिमा लेने से पेट के कीड़े शीघ्र निकल आते हैं।
जख्म यदि कुछ समय तक खुला रहे तो उसमें छोटे-छोटे रोगाणु पनप जाते हैं। जख्म पर हींग का चूर्ण डालने से रोगाणु नष्ट हो जाते हैं।
प्रतिदिन के भोजन में दाल, कढ़ी व कुछ सब्जियों में हींग का उपयोग करने से भोजन को पचाने में सहायक होती है।

No comments:
Post a Comment