शहद जितना पुराना होता है उतना ही श्रेष्ठउ भी होता है । समय के साथ साथ शहद का रंग बदलने लगता है तथा लौह-तत्व भी बढ़ता जाता है। हैरतंगेज बात तो यह है कि 1923 ई. मे मिस्त्र के फराओ नूनन खामेन के पिरामिड में रूसी वैज्ञानिक को एक शहद से भरा पात्र मिला। उस समय हैरत में डाल देने वाली बात यह थी कि यह शहद 3300 वर्ष पुराना होने के बावजूद खराब नहीं हुआ था। उसके स्वाद और गुण में कोई अंतर नहीं आया था।
1.शहद को दूध में मिला दे तो यह श्रेष्ठ और सम्पूर्ण आहार बन जाता है और रक्त में हीमोग्लोबिन निर्माण में मदद करता है।10 ग्राम शहद से 55 कैलोरी ऊर्जा मिलती है जो कि अन्य खाद्य पदार्थो में लगभग 7 अण्डों के, 130 ग्राम दूध के, 80 ग्राम प्लम के, 190 ग्राम हरे मटर के, 130 ग्राम सेब व 200 ग्राम गाजर के बराबर होती है।
2. शहद में सभी शरीर के लिए उपयोगी तत्व (कार्बोहाइड्रेट्स, खनिज, अमीनो एसिड, प्रोटीन्स, मैग्नीशियम, पोटेशियम, केल्शियम, सोडियम किलोरिन, आयरन और विटामिन्स) पाए जाते हैं। शरीर में इन तत्वों की कमी होने से रोगों की सम्भावना तेज हो जाती है शहद में इन तत्वों की मोजुदगी शरीर को रोगों से बचाता हैं।
3.शहद में विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स होता है, इसमें मोजूद एंजाइम्स जो की जो की भूख बढ़ाने में सहायक है शुद्ध शहद के प्रतिदिन सेवन से उम्र लंबी होती है इसके लिए किसी जड़ी या संजीवनी बूटी की आवश्यीकता नहीं है।
4.शहद कि गुणवत्ता मधुमक्खियों दुवारा बनाये जाने वाले छत्ते के स्थान पर निर्भर करता है छत्ते के आसपास लगे फूलों के गुण शहद में संचित रहते है। नीम पर लगे छत्ते का शहद आँखों के लिए, जामुन पर लगे छत्ते का शहद मधुमेह के लिए, सहजने पर लगे छत्ते का शहद हृदय, वात तथा रक्तचाप के लिए अधिक उपयोगी होता है। शहद शीघ्र हजम होकर रक्त में मिल जाता है। शहद को दूध, दही, पानी, सब्जी, सूप, फलों के रस में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। सर्दियों में शहद का सेवन गुनगुने दूध या पानी से करना चाहिये।
शहद एक औषधि:-
1.शहद में मोजूद विटामिंस (B और C)त्वचा को एलर्जी से बचाता है।
2.शहद को खाने से मस्तिष्क स्वस्थ और पुष्ट होता है।
3.शहद को नींबू के रस में लेने से गहरी नींद आती है।
4.शहद चाटने से लगातार आ रही हिचकी रुक जाती है।
5.शहद में अदरक का रस मिलाकर लेने से खाँसी से राहत मिलती है।
6.शहद में एक बडी इलायची पीसकर पीने से पेट दर्द में फायदा होता है।
7.शहद शूगर की मात्रा को कोलस्ट्रोल को नियंत्रित करता है। और साथ ही शरीर को ऊर्जावान बनाता है ।
8.खट्टे फलों मोसमी, निम्बू, संतरा, अंगूर, अमरूद, गन्ना, टमाटर के साथ शहद का सेवन अमृत के
सामान है।
9.शहद को एक शानदार एंटीबैक्टीरियल और एंटिसेप्टिक माँना जाता रहा है। चोट, घाव और जले के घाव पर शहद लगाने से ये जल्दी ठीक हो जाते हैं तथा निशान भी नहीं पडते, सूजन और दर्द में भी आराम मिलता हैं और घावों से आने वाली दुर्गंध भी नष्ट होती है। शहद से नुकसान दायक बैक्टीरिया भी नष्ट हो जाते हैं शहद की पट्टी बांधने से मृत कोशिकाये पुष्ट हो जाती है।
10.शहद में एंटीऑक्सीडेंट तत्व भी पाए जाते हैं, जो रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाते हैं। ये कैंसर और ह्रदय की बीमारियों को भी रोकता हैं। और शक्ति का संचार होता है।
11.शहद किडनी और आँतों को ठीक रखता है शहद को हमारे शरीर के खून को भी साफ करता हैं।
12.शहद के नियमित सेवन से हीमोग्लोबिन बढता हैऔर शरीर में रक्त की कमी दूर हो जाती है।
13.शहद में अदरक और तुलसी के पत्तों का रस बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन से जुकाम ठीक होता है।
14.शहद शीघ्रता से पच जाती है। आंतों को विश्राम मिलता है। थकान होने पर शहद का उपयोग थकान से तत्काल राहत देता है।
15.सुबह खाली पेट नीबू और शहद का सेवन से वजन बिना किसी दोष के कम हो जाता है।
16.सुबह नियमित शहद और नीबू का उपयोग गुनगुने पानी से करने पर मोटापा घटता है, कब्ज दूर होता है, रक्त को शुद्ध करता है।
17.बादाम को भिगोकर पीस लें और इसे शहद मिले दूध में मिलाकर पूरे परिवार को पिलाने से परिवार के सभी सदस्य स्वस्थ होंगे।
18.प्याज का रस और शहद मिलाकर सेवन से उल्टी और हिचकी में रोक लगती है और फेफड़े और गले में जमा कफ भी निकल जाता है।
19.शहद को दूध के साथ मिलकर कुछ दिन सेवन करने से पेट और आंतो के छोटे-छोटे शुरुआती घाव ठीक हो जाते है निर्बल आमाशय व आँतों को बल मिलता है।
20.समान मात्रा में शहद व नींबू का रस सेवन करने से सूखी खाँसी में लाभ होता है और शहद व अदरक का रस मिलाकर चाटने से सांसो की तकलीफ और खाँसी में भी आराम आता है और हिचकियाँ भी बंद हो जाती हैं।
21.रात को एक गिलास दूध में शहद मिलकर पीने से दुबलापन दूर होकर शरीर स्वस्थ, सुंदर,चुस्त, सुडौल, ह्रष्ट -पुष्ट व मजबूत बनता है और आयु को बढ़ता है।
22.मोटापा बढ़ाने के लिए शहद को दूध में मिलाकर पिएं।
23.शहद में विटामिन ‘ए’ और ‘बी’ की मोजुदगी आँखों की ज्योति को बढ़ाता है व भूख बढती है ।
24.शहद व नींबू गुनगुने पानी के सेवन से चुस्ती -स्फूर्ति आती है और कमजोरी भी दूर हो जाती है।
25.गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर गरारे करने से गला साफ़ होता है और आवाज खुल जाती है।
26.कब्ज होने पर सुबह-शाम शहद को गुनगुने पानी में मिलाकर पीए। प्रातः शहद-नींबू का गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से रक्त शुद्ध होता है व कब्ज तथा मोटापे को दूर करता है।
27.पोदीने के रस के साथ शहद का प्रयोग उल्टी को शांत करता है।
28.लहसुन और शहद के नियमित सेवन से रक्तचाप सामान्य रहता है।
29.टमाटर या संतरे के रस में शहद डालकर सेवन करने से कब्ज में लाभ होता है।
30.मीठे आम का रस और शहद मिलाकर पीने से पीलिया के रोग में आराम आता है।

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