Thursday, January 16, 2014

USES OF PODINA (MINT)

                                    




 पुदीना 

एक गिलास पानी में 8-10 पुदीने की पत्तियां, थोड़ी-सी काली मिर्च और जरा सा काला नमक डालकर उबालें। 5-7 मिनट उबालने के बाद पानी को छानकर पीएं, खांसी, जुकाम और बुखार से राहत मिलेगी।

 अगर हाजमा खराब हो तो एक गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़ें, उसमें थोड़ा-सा काला नमक डालें और पुदीने की 8-10 पत्तियां पीसकर मिलाएं। अब पीड़ित व्यक्ति को इसे पिलाएं, तुरंत लाभ मिलेगा। 

जब हिचकियां न रुकें तो पुदीने की कुछ पत्तियां लेकर उन्हें पीसें और उनका रस निकालकर पिलाएं, हिचकी आनी बंद हो जाएगी। 

मुंह की दुर्गध दूर करने के लिए पुदीने की सूखी पत्तियों को पीसकर उसका चूर्ण बना लें। अब इस चूर्ण को मंजन की तरह दांतों पर रगड़ें। मुंह की दरुगध तो दूर हो ही जाएगी, मसूड़े भी मजबूत होंगी। 

गर्मी के मौसम में लू लगने से बचने के लिए पुदीने की चटनी को प्याज डालकर बनाएं। अगर इसका सेवन नियमित रूप से किया जाए तो लू लगने की आशंका खत्म हो जाती है। 

मुंहासे दूर करने के लिए पुदीने की कुछ पत्तियां लेकर पीस लें। अब उसमें 2-3 बूंदे नींबू का रस डालकर इसे चेहरे पर कुछ देर के लिए लगाएं। फिर चेहरा ठंडे पानी से धो लें। कुछ दिन ऐसा करने से मुंहासे तो ठीक हो ही जाएंगे, चेहरे पर चमक भी आ जाएगी। 

पुदीने को सूखाकर पीस लें। अब इसे कपड़े से छानकर बारीक पाउडर बनाकर एक शीशे में रख लें। सुबह-शाम एक चम्मच चूर्ण पानी के साथ लें। यह फेफड़ों में जमे हुए कफ के कारण होने वाली खांसी और दमा की समस्या को दूर करता है। 

अगर नमक के पानी के साथ पुदीने के रस को मिलाकर कुल्ला करें तो गले की खराश और आवाज में भारीपन दूर हो जाते हैं। आवाज साफ हो जाती है

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